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दिल्ली मेरी दिल्ली- तीसरी धुरी, बड़ाई में अगुआई

नेगी तकनीकी रूप से मुख्य सचिव नहीं बन सकते थे तो सपोलिया के सेवानिवृत्त होने के बाद गोवा में बतौर मुख्य सचिव तैनात केके शर्मा को मुख्य सचिव बनवाया।

Author October 16, 2017 3:27 AM
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी। (Photo Source: Indian Express)

तीसरी धुरी

दिल्ली जैसे केंद्रशासित राज्य में शासन उपराज्यपाल और मुख्य सचिव ही चलाया करते थे। चुनी हुई सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री एक तीसरी धुरी बन गए। अमूमन परंपरा सी चल गई है कि मुख्य सचिव तय करने में मुख्यमंत्री की सलाह को केंद्र सरकार ज्यादा महत्त्व देगी। इसी के कारण भाजपा की अगुआई वाली पहली केंद्र सरकार के दिनों में भाजपा समर्थक ओमेश सहगल के बजाए मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के अनुरोध पर तब के गृहमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने पीएस भटनागर को दिल्ली का मुख्य सचिव बनाया।

49 दिन की सरकार में अरविंद केजरीवाल ने मुद्दा बना कर तब के मुख्य सचिव डीएम सपोलिया को हटवाकर संजय कुमार श्रीवास्तव को मुख्य सचिव बनवाया। दूसरी बार ‘आप’ सरकार बनने पर केजरीवाल ने श्रीवास्तव के बजाए रमेश नेगी को मुख्य सचिव बनाने की जिद कर डाली। नेगी तकनीकी रूप से मुख्य सचिव नहीं बन सकते थे तो सपोलिया के सेवानिवृत्त होने के बाद गोवा में बतौर मुख्य सचिव तैनात केके शर्मा को मुख्य सचिव बनवाया। उनसे विवाद इस कदर बढ़ गया कि उनके पास फाइलें भेजनी बंद करा दीं।

केके शर्मा के विदा होने पर बेहद ईमानदार अधिकारी माने जाने वाले एमएम कुट्टी को मुख्य सचिव बनवाया, जिनसे विवाद इस कदर बढ़ा है कि कुट्टी अपना बचाव में हाई कोर्ट से आदेश ले आए और देश के इतिहास में पहली बार किसी मुख्यमंत्री के आदेश को उस राज्य के मुख्य सचिव ने सार्वजनिक रूप से मानने से इंकार कर दिया। एक के बाद एक मुख्य सचिव की दुर्गति के बाद तो अब दिल्ली अराजकता की ओर बढ़ती जा रही है जहां कोई किसी की बात ही नहीं मानेगा।

बड़ाई में अगुआई
यह तो तय सा है कि दिवाली बाद राहुल गांधी कांग्रेस के अध्यक्ष बनेंगे। कांग्रेस में इस तरह की परंपरा सी डल गई है कि गांधी-नेहरू परिवार का नाम आते ही सभी नेताओं में उन्हें महिमामंडित करने की होड़ लग जाती है। जाहिर है कांग्रेस के संगठन चुनाव में राहुल गांधी को कांग्रेस अध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव का कोई विरोध नहीं करेगा लेकिन इसमें अगुआई की दिल्ली कांग्रेस ने। जाहिर है इसका कहीं न कहीं लाभ तो दिल्ली कांग्रेस के अध्यक्ष को मिलेगा। वैसे भी दिल्ली कांग्रेस की सक्रियता किसी चुनावी राज्य से ज्यादा दिखती है।
-बेदिल

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