delhi lg anil baijal to make clear and applicable power policy - Jansatta
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दिल्ली सरकार के बिजली पॉलसी पर उपराज्यपाल की दो टूक, कहा- तर्कसंगत, उचित और लागू करने योग्य ढांचा बनाएं

उपराज्यपाल ने दिल्ली सरकार के इस प्रस्ताव पर सहमति जताई है कि दिल्ली की बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम्स) द्वारा बिना पूर्व सूचना के बिजली में की गई कटौती का मुआवजा उपभोक्ताओं को मिलना चाहिए।

Author June 8, 2017 2:27 AM
उपराज्यपाल अनिल बैजल

उपराज्यपाल ने दिल्ली सरकार के इस प्रस्ताव पर सहमति जताई है कि दिल्ली की बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम्स) द्वारा बिना पूर्व सूचना के बिजली में की गई कटौती का मुआवजा उपभोक्ताओं को मिलना चाहिए। बुधवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपराज्यपाल अनिल बैजल के बीच मुलाकात के दौरान इस पर चर्चा हुई। हालांकि, उपराज्यपल ने इसके लिए एक ऐसा मॉडल तैयार करने का सुझाव दिया है जो तर्कसंगत, उचित और लागू करने योग्य हो।  उपराज्यपाल से मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री केजरीवाल ने ट्विट कर जानकारी दी कि उपराज्यपाल ने इस बात पर सहमति जताई है कि डिस्कॉम्स को बिना पूर्व सूचना के दो घंटे से अधिक की गई बिजली कटौती के लिए जिम्मेदारी लेते हुए हर उपभोक्ता को भुगतान करना चाहिए। उपराज्यपाल की तरफ से भी इसी तरह का ट्विट सामने आया। मंगलवार को मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव को दिल्ली सरकार के इस प्रस्ताव को उपराज्यपाल के समक्ष रखने का निर्देश दिया था ताकि बुधवार को साप्ताहिक मुलाकात के दौरान इस पर चर्चा हो सके।

दिल्ली की आप सरकार ने पिछले साल डिस्कॉम द्वारा बिना पूर्व सूचना के बिजली कटौती के एवज में उपभोक्ताओं को मुआवजा राशि देने संबंधी फैसला लिया था, लेकिन हाई कोर्ट द्वारा इस फैसले पर यह कह कर रोक लगा दी गई थी कि उपराज्यापाल द्वारा मंजूरी नहीं ली गई। सरकार द्वारा तैयार इस मुआवजा नीति के मुताबिक पहले दो घंटे के लिए प्रति उपभोक्ता प्रति घंटा 50 रू का मुआवजा तय किया गया था और उसके बाद प्रत्येक एक घंटे के लिए यह राशि 100 रुपए रखी गई। नीति के मुताबिक मुआवजे की यह राशि उपभोक्ता के बिल में समायोजित की जाएगी। इसके साथ ही दिल्ली विद्युत विनियामक आयोग को उपभोक्ताओं को मुआवजा मिले यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है।

गौरतलब है कि मंगलवार को राजधानी में बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर 6,526 मेगावाट के पार पहुंच गई थी और गर्मी के बीच स्थानीय गड़बड़ी के चलते कई इलाकों में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इसे देखते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सरकारी अधिकारियों को उन्हें नियमित आधार पर अघोषित बिजली कटौती के बारे में खबर देने का निर्देश जारी किया। उन्होंने डिस्कॉम को अपने कॉल सेंटरों की संख्या भी बढ़ाने का निर्देश दिया है ताकि उपभोक्ताओं की शिकायतों का संतोषजनक निपटारा किया जा सके।

 

 

 

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