ताज़ा खबर
 

इमाम बुखारी ने राहुल गांधी को लिखी चिट्ठी- कहा, आज जो मुसलमानों की हालत है, 70 सालों में ऐसा नहीं हुआ

इमाम बुखारी ने लिखा है कि मॉब लिंचिंग के नाम पर 64 मासूम मुसलमानों को मार दिया गया। इमाम बुखारी ने कहा, "हमारे साथ जो सुलूक सरकार कर रही है उसके खिलाफ आपकी आवाज कहां है?"

इमाम बुखारी ने राहुल से कहा, “हमारे साथ जो सुलूक सरकार कर रही है उसके खिलाफ आपकी आवाज कहां है?”

दिल्ली के जामा मस्जिद के इमाम अहमद बुखारी ने कहा है कि मुल्क में इस वक्त मुसलमानों की जो स्थिति है, ऐसी स्थिति पिछले 70 सालों में कभी नहीं आई थी। इमाम बुखारी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को पत्र लिखकर अपनी चिंता जाहिर की है और कहा है कि मुसलमानों के खिलाफ हो रही हिंसा पर वे आवाज क्यों नहीं उठा रहे हैं। इमाम बुखारी ने लिखा है कि मॉब लिंचिंग के नाम पर 64 मासूम मुसलमानों को मार दिया गया। इमाम बुखारी ने कहा, “हमारे साथ जो सुलूक सरकार कर रही है उसके खिलाफ आपकी आवाज कहां है?” इमाम बुखारी ने कहा कि आज मुसलमानों का कारोबार करना मुश्किल हो गया है और मुस्लिम नौजवान टोपी-दाढ़ी के साथ बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। उन्होंने कहा है कि उन्हें भरोसा है कि जिम्मेदार विपक्ष होने के नाते राहुल गांधी मुसलमानों के हित में सरकार पर दबाव बनाएंगे। इमाम बुखारी ने कहा कि देश में मुसलमानों के लिए पहले की तरह निर्भीक माहौल बनाया जाए ताकि मुसलमान बेखौफ जी सकें।

बता दें कि इमाम बुखारी ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को ये चिट्ठी तब लिखी है, जब देश में हाल ही में दो अहम घटनाक्रम हुए हैं। कुछ ही दिन पहले राजस्थान के अलवर में एक ताजा मामले रकबर नाम के एक मुस्लिम शख्स की भीड़ ने पीटकर हत्या कर दी। ये शख्स राजस्थान के अलवर से रात को गाय लेकर जा रहा था। इससे कुछ ही दिन पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी देश के मुस्लिम नेताओं से मुलाकात की थी। इसके बाद एक उर्दू अखबार ने लिखा था कि मुस्लिम नेताओं से मुलाकात के दौरान राहुल गांधी ने कथित तौर पर कहा था कि कांग्रेस मुसलमानों की पार्टी है। इस रिपोर्ट काफी विवाद भी हुआ था।

इधर मॉब लिंचिंग पर केन्द्र सरकार ने हाल के दिनों में सख्त रवैया अपनाया है। राजनाथ सिंह ने लोकसभा में कहा था कि किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जा सकती है। उन्होंने कहा कि इस बारे में राज्य सरकारों को स्पष्ट निर्देश है कि वे दोषियों के खिलाफ बिना किसी भेद-भाव के कानून के मुताबिक कार्रवाई करें।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App