आप सरकार को कोर्ट से फटकार: वादा करके भी चैनल पर नहीं आए राघव चड्ढा, इंतजार करती रह गईं एंकर

दिल्ली हाई कोर्ट ने कोरोना संकट के दौरान मिसमैनेजमेंट और जजों को स्पेशल सुविधा देने के नाम पर दिल्ली सरकार को फटकार लगाई तो न्यूज चैनल पर वादा करके भी आप नेता नहीं पहुंचे।

corona, delhi, indiaदिल्ली सरकार ने मंगलवार को जजों के लिए वीआईपी इंतजाम किए जाने के आदेश को लेकर दिल्ली सरकार को जमकर फटकार लगाई। (फोटो – पीटीआई)

दिल्ली हाईकोर्ट में आज ऑक्सीजन संकट पर सुनवाई के दौरान जजों के वीआईपी इंतजाम का मुद्दा भी उठा। हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार के द्वारा पारित किए गए एक आदेश पर जमकर फटकार लगाई जिसमें दिल्ली उच्च न्यायालय के जजों के लिए अशोका होटल में कमरे बुक कराने की बात कही गई थी। इसी मुद्दे पर एक टीवी डिबेट में भाग लेने के लिए आप नेता राघव चड्ढा को भी बुलाया गया था। लेकिन एंकर के काफी देर तक इंतजार करने के बावजूद राघव चड्ढा डिबेट में शामिल नहीं हुए।

दरअसल आजतक न्यूज पर अंजना ओम कश्यप के शो में जजों के लिए वीआईपी इंतजाम करने के मुद्दे पर टीवी डिबेट रखा गया था। इस कार्यक्रम में भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया और कांग्रेस सुप्रिया श्रीनेत के अलावा राघव चड्ढा को भी बुलाया गया था। लेकिन राघव चड्ढा शामिल नहीं हुए। राघव चड्ढा के डिबेट में नहीं आने पर एंकर अंजना ओम कश्यप ने गौरव भाटिया को बोलने के लिए कहा। 

जिसके बाद गौरव भाटिया अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी की सरकार पर जमकर बरसे। गौरव भाटिया ने यह भी कहा कि अगर आम आदमी को आज एक बेड की जरूरत है तो पहले उसे बेड दिया जाना चाहिए ना कि रिजर्व कोटा होना चाहिए। इसलिए आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता आपके डिबेट में नहीं आए। गौरव भाटिया के बोलने के बाद एंकर अंजना ओम कश्यप ने कहा कि हमें अभी भी उनका इंतजार है, हमने उनके मीडिया इंचार्ज से बात की है। आखिर वह डिबेट में क्यों नहीं शामिल हुए।

 

बता दें कि दिल्ली सरकार ने दिल्ली सरकार ने सोमवार को एक आदेश जारी कर अशोका होटल के कमरों को कोविड केयर सेंटर्स में बदलने के लिए कहा था। दिल्ली सरकार ने यह भी कहा था कि ऐसा दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश किया जा रहा है। अशोका होटल में इस सुविधा के लिए प्राइमस अस्पताल को भी लगाया गया था। इस आदेश पर ऑक्सीजन संकट की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को जमकर फटकार लगाई। 

हाई कोर्ट ने साफ कहा कि हमने कभी ऐसा आग्रह नहीं किया था। आप सोचिए कि ऐसा हम कैसे कह सकते हैं। यहां लोगों को अस्पताल में बेड नहीं मिल रहे और हम आपसे लग्जरी होटल में बेड मांग रहे हैं? ऐसा आदेश कैसे जारी किया जा सकता है। हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को इस आदेश को तुरंत वापस लेने को कहा है। जिसके बाद सरकार ने साफ़ कर दिया कि इस आदेश को तुरंत वापस ले लिया जाएगा।

Next Stories
1 आपदा में अवसर
यह पढ़ा क्या?
X