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हाईकोर्ट ने बीएसएफ से कहा- दया दिखाइए, अगर जवान नाखुश रहेंगे तो काम कैसे करेंगे

पीठ ने यह बात कान्स्टेबल भूदेव सिंह की उस अर्जी पर सुनवाई करते हुए कही जिसमें उन्होंने कहा था कि उनका स्थानांतरण दिल्ली से तब तक शिलांग नहीं किया जाए जब तक उनकी पत्नी बच्चे को जन्म नहीं दे देती।

Author June 21, 2017 20:12 pm
दिल्ली हाईकोर्ट ने बीएसएफ के जवान की ट्रांसफर पर रोक लगा दी। (Express File Photo)

दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार (21 जून) को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) से कहा कि वह उस कान्स्टेबल के प्रति सहानुभूति दिखाये जिसने अपने स्थानांतरण पर रोक लगाने की मांग की है क्योंकि उसकी पत्नी गर्भवती है। अदालत ने कहा कि अप्रसन्न सुरक्षाकर्मी मन लगाकर काम नहीं कर सकते। न्यायमूर्ति संजीव सचदेव और न्यायमूर्ति ए.के चावला की एक पीठ ने सीमा सुरक्षा बल से कहा, ‘‘उन्हें किसी अन्य स्थान पर तैनात कर दें।’’

पीठ ने यह बात कान्स्टेबल भूदेव सिंह की उस अर्जी पर सुनवाई करते हुए कही जिसमें उन्होंने कहा था कि उनका स्थानांतरण दिल्ली से तब तक शिलांग नहीं किया जाए जब तक उनकी पत्नी बच्चे को जन्म नहीं दे देती। उन्होंने कहा कि बच्चे का जन्म नवम्बर में होने की उम्मीद है। अदालत ने बीएसएफ के लिए पेश होने वाले केंद्र सरकार के स्थायी अधिवक्ता संजीव नरूला से कहा, ‘‘कुछ सहानुभूति दिखाइये।’’

पीठ ने कहा, ‘‘यदि आपके (बीएसएफ) सुरक्षाकर्मी अप्रसन्न रहेंगे, तो वे मन लगाकर काम नहीं कर सकते।’’ नरूला ने कहा कि याचिकाकर्ता की ओर से दी गई अर्जी विचाराधीन है। अदालत ने प्राधिकार से कहा कि वह उसका निस्तारण दो सप्ताह में कर दे। अदालत ने मामले की अगली सुनवायी 12 जुलाई तय की।

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