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घर-घर राशन की फाइल बैरंग वापस

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सूबे की आम आदमी पार्टी सरकार और राजनिवास के बीच टकराव कम होने के बजाए और बढ़ता जा रहा है।

Author नई दिल्ली, 11 जुलाई। | July 12, 2018 06:17 am
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (फाइल फोटो)

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सूबे की आम आदमी पार्टी सरकार और राजनिवास के बीच टकराव कम होने के बजाए और बढ़ता जा रहा है। दिल्ली सरकार के खाद्य व आपूर्ति विभाग के आयुक्त मोहनप्रीत सिंह ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आदेश के बावजूद घर-घर राशन पहुंचाने की योजना से संबंधित फाइल को पुनर्विचार के लिए विधि व न्याय विभाग को वापस भेज दी है। दूसरी ओर, सीसीटीवी को लेकर उपराज्यपाल अनिल बैजल के आदेश पर बनाई गई विशेष समिति ने अपनी रिपोर्ट में साफ कह दिया है कि दिल्ली में सीसीटीवी कैमरे तभी लगाए जाने चाहिए जब उनका नियंत्रण दिल्ली पुलिस के पास हो। लिहाजा, ऐसी कोई भी योजना पुलिस की सहमति से ही शुरू की जा सकती है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मुख्यमंत्री केजरीवाल ने सरकार के विधि व न्याय विभाग की आपत्तियों को खारिज करते हुए इस योजना को मंजूरी दे दी थी। उन्होंने शहर में लोक निर्माण विभाग को सीसीटीवी लगाने की परियोजना को भी जल्दी शुरू करने के आदेश दिए थे। अब खाद्य आपूर्ति आयुक्त ने यह फाइल इस टिप्पणी के साथ फिर से विधि व न्याय विभाग को भेजी है कि विभाग की हरी झंडी के बाद ही यह योजना अमल में लाई जा सकेगी। इसी प्रकार सीसीटीवी लगाने की योजना भी अब लटक गई है।

मुख्यमंत्री राजनाथ से मिले

घर-घर राशन पहुंचाने की योजना की फाइल के लटक जाने से नाराज मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद उन्होंने संवाददाताओं को बताया कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर गृह मंत्री को विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गृह मंत्री ने आश्वासन दिया है कि वे इस मामले में अपने अफसरों से बातचीत कर पूरी जानकारी हासिल करेंगे और आगामी 16 जुलाई को इस मुद्दे पर दोबारा चर्चा करेंगे।
इससे पहले केजरीवाल ने सुबह अपने ट्वीट में कहा कि सुप्रीम कोर्ट में हारने के बाद भाजपा के उपराज्यपाल गुंडागर्दी से अफसरशाही पर नाजायज कब्जा करके बैठ गए हैं। उन्होंने आगे लिखा कि अफसरों को दिल्ली सरकार के आदेशों को नहीं मानने और खुलेआम सरकारी आदेशों का पालन नहीं करने के लिए कहा जा रहा है।

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने दिल्ली सचिवालय में केंद्र और उपराज्यपाल पर एक बार फिर मनमानी और दादागिरी करने आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में साफ साफ कहा कि अब सारे फैसले दिल्ली सरकार लेगी लेकिन अधिकारियों के माध्यम से जिस प्रकार सरकार के तमाम फैसले पलटे जा रहे हैं उससे साफ तौर पर दादागिरी का संकेत मिल रहा है।

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