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दिल्ली चुनाव: कटेंगे शीला सरकार के ज्यादातर मंत्रियों के टिकट

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अध्यक्षता में शनिवार रात हुई पार्टी की मुख्य चुनाव समिति की बैठक में 18 उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा हुई उनमें से 13 नामों को हरी झंडी दे दी गई लेकिन पांच नामों पर सहमति नहीं बन पाई।

नई दिल्ली | Updated: January 12, 2020 11:57 PM
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी। (PTI Photo)

अजय पांडेय
दिल्ली विधानसभा के आगामी चुनाव में कांग्रेस शीला दीक्षित सरकार में मंत्री रहे ज्यादातर सुरमाओं के टिकट काट सकती है। नए चेहरों पर दांव लगाने की नीति के तहत पार्टी ने कम से कम चार पूर्व मंत्रियों को चुनाव मैदान में नहीं उतारने का मन बना लिया है। दूसरी ओर, चुनावी हार के डर से क्षेत्र बदलने को बेताब नेताओं को पार्टी ने स्पष्ट कह दिया है कि उनके अपने पुराने क्षेत्र से ही चुनाव लड़ना होगा, अन्यथा उनको टिकट नहीं दिया जाएगा।

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की अध्यक्षता में शनिवार रात हुई पार्टी की मुख्य चुनाव समिति की बैठक में 18 उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा हुई उनमें से 13 नामों को हरी झंडी दे दी गई लेकिन पांच नामों पर सहमति नहीं बन पाई। जिन नामों पर सहमति बनी उनमें बवाना से सुरेंद्र कुमार, नांगलोई से बिजेंद्र सिंह, जंगपुरा से तरविंदर सिंह मारवाह, सीलमपुर से मतीन अहमद, बल्लीमरान से हारुन युसूफ आदि शामिल हैं।

इस बैठक में शीला दीक्षित सरकार में कद्दावर मंत्री रहे एके वालिया के लक्ष्मी नगर के अपने पुराने विधानसभा क्षेत्र को छोड़कर कृष्णा नगर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने के प्रस्ताव को रोक दिया गया। इसी प्रकार दिल्ली कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष रामबाबू शर्मा के बेटे विपिन शर्मा को उनके पुराने रोहतास नगर विधानसभा क्षेत्र के बदले लक्ष्मी नगर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने के प्रस्ताव को भी लटका दिया गया। प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता व चार बार के विधायक मुकेश शर्मा भी उत्तम नगर क्षेत्र के बदले विकासपुरी से चुनाव लड़ना चखहते हैं और बताया जा रहा है कि क्षेत्र बदलने पर उनको भी पार्टी नेताओं के विरोध का सामना करना पड़ रहा है।

कांग्रेस सूत्रों की मानें तो पार्टी मकर संक्रांति के बाद अपने डेढ़ दर्जन उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर सकती है। इसमें नए व पुराने दोनों ही किस्म के चेहरों को शामिल किए जाने की उम्मीद है। शीला सरकार में मंत्री रहे मंगतराम सिंघल का टिकट कट सकता है। उनकी जगह उत्तरी दिल्ली नगर निगम में कांग्रेस के नेता मुकेश गोयल को चुनाव मैदान में उतारे जाने की संभावना है। इसी प्रकार रमाकांत गोस्वामी के भी इस बार चुनाव मैदान में उतरने पर संदेह है तो शाहदरा से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़े डा नरेन्द्र नाथ के चुनावी टिकट पर भी ग्रहण लग सकता है।

कांग्रेस चांदनी चौक से अलका लांबा को टिकट दे सकती है तो सदर बाजार से पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जयप्रकाश अग्रवाल के बेटे मुदित अग्रवाल को चुनाव मैदान में उतारा जा सकता है। हालांकि अग्रवाल चांदनी चौक से टिकट चाहते हैं और लांबा किसी सूरत में अपनी सीट नहीं छोड़ना चाहतीं।

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