जंग के आगे आप सरकार बेदम, अब पार्टी छेड़ेगी आंदोलन - Jansatta
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जंग के आगे आप सरकार बेदम, अब पार्टी छेड़ेगी आंदोलन

दिल्ली में वरिष्ठ अधिकारियों के तबादलों के मामले में आम आदमी पार्टी की सरकार की मनमर्जी नहीं चल पा रही है। वरिष्ठ अधिकारियों को अपने मनचाहे विभागों में लाने की आम आदमी पार्टी की सरकार की दबाव की सभी कोशिशें अब तक...

Author June 17, 2015 9:15 AM

नरेंद्र भंडारी

दिल्ली में वरिष्ठ अधिकारियों के तबादलों के मामले में आम आदमी पार्टी की सरकार की मनमर्जी नहीं चल पा रही है। वरिष्ठ अधिकारियों को अपने मनचाहे विभागों में लाने की आम आदमी पार्टी की सरकार की दबाव की सभी कोशिशें अब तक नाकाम साबित हुईं हैं। अब केजरीवाल सरकार ने अपनी पार्टी के जरिए दिल्लीवासियों की समस्याओं को उठाने का फैसला किया है। इसकी शुरुआत मंगलवार को आम आदमी पार्टी की ओर से हुई प्रेस कांफ्रेंस के जरिए कर दी गई है। पार्टी अब अपनी सरकार के बजाए अपने संगठन के जरिए केंद्र और उपराज्यपाल को घेरेगी।

दिल्ली सरकार की रीढ़ की हड्डी माने जाने वाले दो विभागों गृह विभाग और भ्रष्टाचार निरोधक शाखा में इस समय वे अधिकारी तैनात हैं, जो केजरीवाल सरकार के आदेशों की परवाह तक नहीं करते हैं। दिल्ली के सचिव (गृह) धरमपाल और भ्रष्टाचार निरोधक शाखा के प्रमुख दिल्ली पुलिस के संयुक्त आयुक्त मुकेश कुमार मीणा हैं। इन दोनों अधिकारियों को उनके पद से हटाने की घोषणा केजरीवाल सरकार ने की थी। लेकिन इन दोनों को हटाने की सरकार की तमाम कोशिशों नाकाम रही हैं। गृह (सचिव) धरमपाल दिल्ली सचिवालय स्थित अपने कार्यालय में पुलिस के संरक्षण में अपनी सरकारी ड्यूटी को अंजाम दे रहे हैं। केजरीवाल सरकार ने उन्हें कोई भी फाइल उपराज्यपाल के पास नहीं भेजने का निर्देश दिया था। लेकिन सूत्र बताते हैं कि पिछले दो दिन से सरकारी फाइलें लगातार उपराज्यपाल के पास जा रही हैं। इस तरह से केजरीवाल सरकार की ओर से उन्हें उनके कार्यालय में काम नहीं करने देने की घोषणा फिसड्डी साबित हुई हैं।

इसी तरह से दूसरा विभाग भ्रष्टाचार निरोधक शाखा है। इस विभाग में पहले उपायुक्त स्तर का अधिकारी प्रमुख होता था। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने उपराज्यपाल नजीब जंग पर दबाव बनाने के मकसद से उन्हीं पर भ्रष्टाचारियों को शह देने के आरोप लगाने शुरू कर दिए। दोनों ने पुराने सीएमजी फिटनेस घोटाले का मामला उठाया और उपराज्यपाल पर दोषियों के खिलाफ कोई कड़े कदम नहीं उठाने के आरोप जड़ दिए। उस मामले में दिल्ली के उपराज्यपाल जंग ने मीडिया को सभी आरोपों का सिलसिलेवार जवाब दिया। केजरीवाल सरकार उनके खिलाफ कोई बड़ा कदम उठा पाती, उससे पहले ही उपराज्यपाल ने दिल्ली पुलिस के संयुक्त आयुक्त मुकेश मीणा को भ्रष्टाचार शाखा का भी प्रमुख बना दिया।

ये पुलिस अधिकारी वे हैं, जिन्होंने जंतर-मंतर पर आप की किसान सभा में एक किसान गजेंद्र सिंह की ओर से की गई खुदकुशी की जांच की थी और उस मामले में आम आदमी पार्टी के लोगों और कई वरिष्ठ नेताओं पर सवाल खड़े किए थे। मीणा की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा में नियुक्ति से केजरीवाल सरकार तिलमिला गई और सरकार ने उनकी नियुक्ति को ही चुनौती दे दी। इस बार मामला एक बड़े पुलिस अधिकारी का था। केजरीवाल सरकार ने उन्हें भी उनके नए पद से हटाने की तमाम कोशिशें कर लीं, लेकिन उन्हें हर जगह नाकामी ही हाथ लगी।

दिल्ली में अधिकारियों के तबादलों और नियुक्तियों में नाकाम हो चुकी केजरीवाल सरकार अब दिल्ली से जुड़े मामलों में आम आदमी पार्टी के संगठन को आगे कर रही है। आम आदमी पार्टी अब महिलाओं की सुरक्षा का मामला उठा रही है। पार्टी ने दिल्ली की बसों में 4000 होमगार्ड्स के जवान तैनात करने की मांग की है। इस बाबत पार्टी ने दिल्ली के उपराज्यपाल को एक पत्र भी लिखा है। साथ ही पार्टी ने चेतावनी भी दी है कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए उपराज्यपाल ने होेमगार्ड्स नियुक्त नहीं किए गए तो आम आदमी पार्टी दिल्ली में आंदोलन छेड़ेगी। आम आदमी पार्टी की सरकार और संगठन की ओर से अपनाई जा रही रणनीति से साफ हो गया है कि अब केंद्र और उपराज्यपाल के खिलाफ सरकार नहीं संगठन आगे आएगा।

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