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‘नींद खुली तो चारों ओर धुआं ही धुआं था’

एक अन्य मजदूर साकिर ने गर्भवती पत्नी को फोन कर बताया कि कारखाने में भीषण आग लग गई है। बच पाना संभव नहीं है। हर कोई बचने के लिए इधर-उधर भाग रहा है, लेकिन कारखाने में धुआं इतना अधिक है कि बचने का कोई रास्ता नहीं दिख रहा है।

delhi fireदिल्ली अनाज मंडी में लगी आग के दौरान की तस्वीर (फोटो सोर्सः ANI)

आग से झुलसे मजदूरों को लोक नायक जय प्रकाश (एलएनजेपी) अस्पताल में भर्ती कराया गया। इनमें से एक मजदूर मोहम्मद मुस्ताफा ने बताया कि वह रात करीब दो से ढाई बजे के बीच खाना बनाकर और खाकर सो गया था। इसी बीच तड़के 4:10 बजे उसकी नींद खुली तो उसने चिल्ला कर मदद मांगी। उसने बताया कि दूसरी मंजिल पर सभी ओर केवल धुआं ही धुआं था। कुछ भी दिख नहीं रहा था और वह आग की चपेट में आ गया। उसे जब होश आया तो उसने आपने आप को अस्पताल में पाया।

इसी प्रकार एक अन्य मजदूर साकिर ने गर्भवती पत्नी को फोन कर बताया कि कारखाने में भीषण आग लग गई है। बच पाना संभव नहीं है। हर कोई बचने के लिए इधर-उधर भाग रहा है, लेकिन कारखाने में धुआं इतना अधिक है कि बचने का कोई रास्ता नहीं दिख रहा है। उसके बाद उसकी आवाज आनी बंद हो गई। उसके भाई जाकिर हुसैन ने बताया कि वह एलएनजेपी अस्पताल आए हैं। उनके भाई जीवित हैं या नहीं इस बारे में कोई कुछ भी बताने को तैयार नहीं है।

घटना के बाद से उनका नंबर भी बंद रहा है। जाकिर का कहना है कि उनका पूरा परिवार डर रहा है कि कहीं साकिर के साथ भी कोई अनहोनी तो नहीं हो गई। जाकिर का आरोप था कि वह अस्पताल के अंदर जाकर पता लगाना चाह रहा है कि उनका भाई भी घायल तो नहीं है। पर अस्पताल प्रशासन उसका कोई सहयोग नहीं कर रहा।

 

 

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