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दिल्‍ली-अजमेर शताब्‍दी में लगेगा एक्‍स्‍ट्रा कोच, जानिए कब से कब तक लागू होगा फैसला

राजस्थान रोडवेज में बसों की हड़ताल और त्योहार की भीड़ को देखते हुए नई दिल्ली-अजमेर-नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस में अस्थायी तौर पर एक वातानुकूलित कुर्सी यान लगाने का फैसला किया गया है।

Indian Railदिल्‍ली-अजमेर शताब्‍दी में एक्‍स्‍ट्रा कोच लगेगा। (Photo: Video grab)

रेल प्रशासन ने नई दिल्ली-अजमेर-नई दिल्ली शताब्दी एक्सप्रेस में अस्थायी तौर पर एक अतिरिक्त वातानुकूलित कुर्सी यान (चेयर कार) लगाने का फैसला किया है। उत्तर-पश्चिम रेलवे के पीआरओ तरूण जैन ने बताया कि ट्रेन नंबर 12015 और 12016 में 10 अक्टूबर से 11 नवंबर के लिए एक एसी चेयर कार को जोड़ा जाएगा। जयपुर, अलवर, रेवाड़ी और गुड़गांव से यात्रा करने वाले यात्रियों को इससे काफी सुविधा मिलेगी। उनके लिए और 78 सीट उपलब्ध होंगे। बसों की हड़ताल की वजह से यात्रियों को दिल्ली से जयपुर आने-जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। त्योहर का मौसम होने की वजह से भीड़ और अधिक बढ़ गई है। ऐसे में अतिरिक्त कोच लगाए जाने से यात्रियों को काफी राहत होगी। ज्यादा लोगों को कंफर्म सीट मिलेगी।

यह चेयरकार त्योहारों के मद्देनजर बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए जोड़ने का फैसला लिया गया है। काफी संख्या में लोग इस ट्रेन में रिजर्वेशन कराने की कोशिश करते हैं। उन्हें अतिरिक्त कोच लगने के बाद सीट मिलने की संभावना बढ़ जाएगी। फिलहाल राजस्थान रोडवेज की चल रही हड़ताल की वजह से जयपुर और दिल्ली के बीच की बसों का परिचालन नहीं किया जा रहा है। इनमें शानदार वोल्वो बस सेवा भी शामिल है। ऐसी स्थिति में यात्री शताब्दी एक्सप्रेस या डबल डेकर ट्रेन का उपयोग कर रहे हैं।

राजस्थान रोडवेज जयपुर और दिल्ली के बीच प्रतिदन सुबह 5:30 बजे से रात 12 बजे तक बसों का परिचालन करती है। ये बसें यात्रियों के बीच काफी लोकप्रिय हैं। यात्री जयपुर से सुबह में खुलने वाली डबल डेकर ट्रेन और दिल्ली से सुबह में खुलने वाली शताब्दी एक्सप्रेस के साथ वोल्वो बसों की तुलना करते हैं। हांलाकि, अभी वोल्वो बस सेवा उपलब्ध नहीं है, इस वजह से यात्री इन ट्रोनों और हवाई सर्विस का सहारा लगे रहे हैं। जैसे-जैसे त्योहार का समय नजदीक आता जा रहा है, शताब्दी यात्रियों की पहली पसंद बन चुकी है। यात्रियों का मानना है कि यदि इस ट्रेन की क्षमता को अक्टूबर के पहले सप्ताह से ही बढ़ा दिया जाता तो ज्यादा अच्छा रहता। इससे उन्हें प्राइवेट बस से दिल्ली से जयपुर जाने की जरूरत नहीं पड़ती।

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