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हवा हुई और जहरीली, दिल्ली-नोएडा के स्कूल रविवार तक बंद, सम-विषम योजना पर फैसला आज

सबसे बुरे हाल गाजियाबाद, सीरी फोर्ट, रोहिणी, पंजाबी बाग और गुड़गांव के रहे जहां पीएम 2.5 और पीएम 10 का स्तर 600 से ऊपर दर्ज किया गया।

Author नई दिल्ली | November 9, 2017 01:19 am
प्रतीकात्मक तस्वीर। (ANI Photo)

लगातार दूसरे दिन भी दिल्ली-एनसीआर में लोगों की नींद जहरीली धुंध के बीच खुली और दिनभर सांस लेना दूभर बना रहा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का वायु गुणवत्ता सूचकांक 487 तक पहुंच गया। यह मंगलवार की तरह ‘बेहद गंभीर’ स्थिति है, लेकिन 500 के आपात अंक के काफी करीब है।
सीपीसीबी ने दिल्ली सरकार को आपात स्थिति के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है जिसमें सम-विषम नीति लागू करना भी शामिल है। दिल्ली सरकार ने राजधानी के सभी स्कूलों को रविवार तक बंद रखने का निर्देश जारी किया है, डॉक्टरों ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। हालात मंगलवार से भी खराब रहे और कई जगहों पर दृश्यता शून्य के करीब पहुंच गई जिससे रेल, सड़क और हवाई यातायात प्रभावित रहे। वहीं मौसम एजंसियों के मुताबिक, शनिवार से पहले राहत की उम्मीद कम है।  मंगलवार की तरह बुधवार को भी दिल्ली गैस चैंबर में तब्दील रही और प्रदूषण का परमिसिबल स्टैंडर्ड (सहन करने योग्य स्तर) 10 गुणा से भी अधिक रहा और वायु गुणवत्ता सूचकांक बेहद गंभीर श्रेणी में बना रहा। धुंध की स्थिति कमोबेश दिनभर बनी रही और लोग जहरीली हवा में सांस लेने पर मजबूर रहे। किसी ने आंखों में जलन की शिकायत की, तो किसी ने सिर दर्द की और सांस में तकलीफ की। कई लोग मास्क
का सहारा लेते दिखे। हालात ऐसे थे कि बड़े भवनों के गलियारों और भूमिगत मेट्रो के अंदर भी धुंधलाया दृश्य था। जहां मेट्रो या अन्य निर्माण कार्य चल रहे थे, वहां हालात और भी ज्यादा घुटन का रहा। सबसे बुरे हाल गाजियाबाद, सीरी फोर्ट, रोहिणी, पंजाबी बाग और गुड़गांव के रहे जहां पीएम 2.5 और पीएम 10 का स्तर 600 से ऊपर दर्ज किया गया।

बुधवार को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का वायु गुणवत्ता सूचकांक 500 अंकों के स्तर में 487 तक पहुंच गया जो बेहद गंभीर स्थिति है। अगर वायु गुणवत्ता 500 के स्तर तक पहुंच जाती है तो यह आपात स्थिति होगी। सीपीसीबी के सदस्य सचिव ए सुधाकर ने कहा, आज दिल्ली सरकार को आपात स्थिति के लिए तैयार रहने को कहा गया है। 24 घंटे के नोटिस पर आपात स्थिति के प्रावधान लागू किए जा सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट से अधिकार प्राप्त पर्यावरण नियंत्रण (बचाव और नियंत्रण) प्राधिकरण के तहत लागू किए जाने वाले ग्रेडेड रेस्पांस एक्शन प्लान (जीआरएपी) के मुताबिक, आपात स्थिति में दिल्ली में ट्रकों के आवागमन पर प्रतिबंध, वाहनों की सम-विषम नीति लागू करना, निमार्ण कार्यों पर प्रतिबंध और स्कूलों को बंद किया जाना शामिल है। ईपीसीए के मुताबिक पीएम2.5 का स्तर 300 और पीएम का स्तर 500 (माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर) से ज्यादा होने और 48 घंटों तक बने रहने पर आपात स्थिति कही जाएगी।

भारतीय मौसम विभाग के अतिरिक्त महानिदेशक डॉ एम महापात्र ने कहा वर्तमान में इस क्षेत्र के उपर एक विपरीत चक्रवातीय स्थिति बनी हुई है। इससे हवा की गति काफी कम है और प्रदूषण कणों को फैलने नहीं दे रहा, यह स्थिति अगले 48 घंटे तक जारी रहेगी। 10 नवंबर दोपहर से हवा की गति और दिशा में बदलाव आएगा जिससे राहत मिलेगी। उन्होंने कहा ठंड बढ़ने के आसार नहीं हैं। निजी मौसम एजंसी स्काइमेट के वरिष्ठ वैज्ञानिक महेश पलावत ने गुरुवार को भी दिल्ली-एनसीआर में धुंध की स्थिति यथावत रहने की आशंका जताई। उन्होंने कहा इस जहरीली धुंध में पंजाब-हरियाणा में पराली जलाने से ज्यादा दिल्ली-एनसीआर की धूल और गाड़ियों के उत्सर्जन का हाथ है। सफर (सिस्टम आॅफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च) द्वारा दिल्ली-एनसीआर में बुधवार को शाम सात बजे के करीब वायु गुणवत्ता की जो स्थिति बताई गई वह आपात स्थिति की ओर जा रही है। सफर के सभी आठ केंद्रों पर पीएम 10 और पीएम 2.5 का स्तर 500 माइक्रो ग्राम प्रति घन मीटर से ज्यादा दर्शाया गया।

 

 

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