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दस साल का रिकॉर्ड टूटा, राजधानी में दिवाली पर आग की 209 घटनाएं

दिल्ली में इस साल दिवाली पर आग लगने की कॉल मिलने का पिछले 10 सालों की रिकार्ड टूट गया। दिल्ली दमकल सेवा को इस त्योहार पर 400 से अधिक कॉल प्राप्त हुए..
Author नई दिल्ली | November 13, 2015 00:41 am

दिल्ली में इस साल दिवाली पर आग लगने की कॉल मिलने का पिछले 10 सालों की रिकार्ड टूट गया। दिल्ली दमकल सेवा को इस त्योहार पर 400 से अधिक कॉल प्राप्त हुए। तमाम अपीलों के बावजूद राजधानी में लगातार पटाखे छोड़े गए। दमकल विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार मध्यरात्रि तक आग से संबंधित 290 कॉल प्राप्त मिले, जिनमें से 46 रात के दो बजे से पहले जबकि 65 उसके बाद छह घंटे के दौरान मिले। उन्होंने बताया कि सुबह से पहले ऐसी और 128 कॉल मिले। उन्होंने बताया कि यद्यपि किसी भी घटना में किसी के हताहत होने या अधिक चोट लगने की जानकारी नहीं है। रात आठ बजे के बाद दमकल नियंत्रण कक्ष में कॉल की बाढ़ आ गई और इनमें से 55 कॉल अगले दो घंटे में मिले। सबसे बुरी स्थिति रात 10 बजे से रात के 12 बजे के बीच थी क्योंकि इस दौरान आग से संबंधित 124 कॉल मिले।

दिल्ली दमकल सेवा के निदेशक एके शर्मा ने कहा कि सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए काफी जागरूकता अभियानों के बावजूद पिछले 10 सालों की तुलना में इस बार दिवाली में रिकार्ड कॉल मिले। दमकल सेवा के प्रमुख ने कहा कि रणनीति में खतरे वाले क्षेत्रों की पहचान करना और पर्याप्त संख्या में दमकल वाहन तैनात करना, सभी छुट्टियां रद्द करके पूर्ण उपस्थिति सुनिश्चित करना और विभाग में कर्मियों की कमी के बावजूद नियंत्रण कक्ष को लैस करना शामिल है। किसी बड़ी घटना की खबर नहीं मिली। अधिकारी ने बताया कि मध्यरात्रि के बाद 128 कॉल आए। आपात स्थिति के लिए इंतजाम किए गए थे।

राष्ट्रीय राजधानी में दीपावली पूरे पारंपरिक अंदाज में बनाई गई। यहां सुबह से ही लोग अपने घरों की सजावट, दीये तैयार करने तथा रंगोलियां बनाने में जुटे हुए थे। शर्मा ने कहा कि स्थिति की समीक्षा गुरुवार सुबह की गई। दिवाली पर जिन क्षेत्रों से आग की घटनाओं की जानकारी मिली उनमें बवाना औद्योगिक क्षेत्र और मुकुंदपुर, मदनपुर खादर, पुल प्रह्लादपुर, जल विहार और ओखला फेज 1 शामिल हैं। दिल्ली दमकल सेवा ने शहर में अपने 56 दमकल स्टेशनों के अतिरिक्त 20 खतरे वाले स्थानों पर दमकल की 20 गाड़ियां तैनात की थीं। अधिकारी ने बताया कि दमकल सेवा में कर्मियों की कुल संख्या तीन हजार है जिसमें से 1800 ड्यूटी पर थे। इसके साथ ही दमकल के 175 से 180 वाहनों के साथ ही साजो सामान सहायता के लिए 25 से 30 वाहन लगाए गए थे। शाम के समय दिवाली में दीये जलाने और आतिशबाजी करने की परंपरा है। किसी अप्रिय घटना के होने पर दिल्ली पुलिस और अग्निशमन विभाग के कर्मियों को तुरंत उस अप्रिय घटना से निपटने के लिए तैयार रखा गया था।

दक्षिणपूर्व दिल्ली के मदनपुर खादर इलाके में स्थित एक गैर सरकारी संगठन के परिसर में दीपावली के शाम आग लग गई लेकिन जान-माल की कोई बड़ी क्षति नहीं हुई। अग्निशमन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि आग लगने की खबर शाम तकरीबन 6 बज कर 55 मिनट पर लगी और फौरन 10 दमकल गाड़ियां घटना स्थल पर भेजी गईं। अग्निशमन कर्मियों को आग पर काबू पाने में एक घंटे से ज्यादा समय लगा। हालाकि आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। अधिकारियों ने बताया कि दीपावली वाली रात कितनी दमकल गाड़ियों का इस्तेमाल हुआ, इस बारे में आंकड़े इकट्ठा किए जा रहे हैं। दिल्ली अग्निशमन विभाग के मुताबिक, शाम छह बजे से रात नौ बजे के बीच सबसे ज्यादा पटाखे चलाए जाते हैं और इसी दौरान सबसे ज्यादा फोन कॉल आए।

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