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‘जनसंख्या नियंत्रण पर क्रांतिकारी कदम की जरूरत’

‘जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा देने वाली संविधान की धारा 370 खत्म नहीं की गई। गोहत्या पर संपूर्ण प्रतिबंध नहीं लगा। सभी के लिए अनिवार्य परिवार नियोजन की बात भी आई-गई हो गई। राष्टÑभाषा हिंदी को विशेष प्रोत्साहन नहीं मिला। भ्रष्टाचार पर अंकुश नहीं लगा। किसानों की दुर्गति हो रही है और सीमाओं पर जवान मारे जा रहे हैं। देश में नए रोजगार पैदा नहीं होने से बेरोजगार युवाओं की बड़ी फौज खड़ी हो गई है। न जवान सुरक्षित है और न किसान खुशहाल है।’

Author June 12, 2019 1:56 AM
स्मार्ट शहरों के बजाए सरकार स्मार्ट गांव बनाने पर ध्यान दे।

रोहित कुमार

दिल्ली के लाजपत नगर स्थित राष्ट्रीय निर्माण पार्टी के अध्यक्ष ठाकुर विक्रम सिंह युवाओं के जोश की तरह धाराप्रवाह बोल रहे थे। कभी भाजपा के कट्टर समर्थक रहे विक्रम सिंह अपनी पार्टी के साथ चुनावी मैदानों में विचारधारा की जंग लड़ रहे हैं। सबसिडी और जनसंख्या नियंत्रण पर मौजूदा सरकारों को घेरते हुए उनका कहना है कि इन मामलों पर क्रांतिकारी कदम की जरूरत है। ठाकुर विक्रम सिंह की राजनीतिक सक्रियता 1967 के लोकसभा चुनाव के दौरान शुरू हुई, जब वे ग्वालियर राजघराने की राजमाता विजयराजे सिंधिया के बुलावे पर अपने चार साथियों के साथ ग्वालियर गए थे। सिंह ने वहीं से चुनावी राजनीति का ककहरा सीखा था। आर्यसमाज के दिग्गज नेता प्रकाशवीर शास्त्री के साथियों में शामिल और चंद्रशेखर एवं वीपी सिंह के नजदीक रहे ठाकुर विक्रम सिंह ने बताया कि 2012 में राष्ट्र निर्माण पार्टी ने उत्तर प्रदेश में 20 उम्मीदवार मैदान में उतारे थे। उसी वर्ष दिल्ली नगर निगम में भी उनकी पार्टी ने 20 सीटों पर चुनाव लड़ा था। लेकिन 2014 लोकसभा चुनाव और 2017 के उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनावों में राष्टÑ निर्माण पार्टी ने खुद चुनाव मैदान में न उतरकर भाजपा का समर्थन किया था। विक्रम सिंह का कहना है कि भाजपा से मिली भारी निराशा और हताशा ने उनकी पार्टी को राष्ट्रहितके मुद्दों पर जनता को उद्वेलित करने के लिए 17वीं लोकसभा के चुनाव में उतरने को मजबूर किया।

ठाकुर विक्रम सिंह ने कहा कि इस बार विपरीत हालात और शासन-प्रशासन की तरह-तरह की अड़ंगेबाजी के कारण वे दिल्ली में तीन ही उम्मीदवार मैदान में उतार सके थे। चौथे उम्मीदवार का नामांकन तकनीकी आधार पर रद्द कर दिया गया था। राष्ट्र निर्माण पार्टी ने हरियाणा की गुरुग्राम सीट पर धर्मपाल सिंह राघव को उम्मीदवार बनाया था। मध्य प्रदेश की मुरैना सीट पर रणधीर सिंह रूहल को उतारा था। राष्ट्र निर्माण पार्टी चाहती है कि स्मार्ट शहरों के बजाए सरकार स्मार्ट गांव बनाने पर ध्यान दे। लोकसभा में सांसदों की भूमिका जनपक्षीय और राष्ट्रीय मुद्दों पर सरकार को घेरने की रहेगी। ठाकुर विक्रम सिंह का कहना है कि लोगों को मुफ्तखोरी की लत न लगाई जाए और सभी तरह की सबसिडी खत्म की जाए। रोजगार का आधार केवल योग्यता को बनाया जाना चाहिए। सिंह ने कहा कि उनकी पार्टी पूरे देश में संपूर्ण मद्यनिषेध चाहती है और यह भी चाहती है कि देश में खुले पशु कत्ल कारखाने बंद किए जाएं और सरकार गोश्त के निर्यात पर पाबंदी लगाए। शिक्षा प्रणाली में आमूलचूल बदलाव किया जाए, भ्रष्टाचार मुक्त एवं पारदर्शी शासन व्यवस्था लाई जाए। ऐसी व्यवस्था की जाए कि स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ प्रत्येक नागरिक को मिले। बिना दवा और इलाज के कोई भी शख्स दम ना तोड़ सके। सभी को रोजगार और रोटी की गारंटी मिले।

किसानों को उपज का लाभदायक मूल्य दिया जाए। कारोबारियों और उद्यमियों को सभी तरह के जरूरी प्रोत्साहन दिए जाएं। युवाओं को लेकर केंद्र और राज्यों में अलग से मंत्रालय बनाए जाएं और सरकार की हर संभव यह कोशिश हो कि वह मानव संसाधन का राष्टÑ निर्माण में भरपूर उपयोग करे। ठाकुर विक्रम सिंह कहते हैं कि बीता चुनाव देश का सबसे महंगा चुनाव था। उनकी मांग है कि केंद्र और विधानसभा के चुनाव एक साथ कराए जाएं। विक्रम सिंह अपने मजबूत इरादों का श्रेय पार्टी के राष्टÑीय महासचिव और सेवानिवृत्त आइपीएस अफसर डॉक्टर आनंद कुमार को देते हैं।

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