court charges ten thousand to cm arvind kejriwal said not to ask degrading questing - Jansatta
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मानहानि केस: कोर्ट ने CM केजरीवाल पर लगया जुर्माना, कहा- ना करें ‘अपमानजनक’ सवाल

अदालत ने कहा कि गरिमा बनाए रखनी होगी, क्योंकि जिरह की आड़ में किसी व्यक्ति से अपमानजनक और अभद्र भाषा में बात नहीं होनी चाहिए ।

Author July 26, 2017 11:36 PM
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल। (File Photo)

दिल्ली उच्च न्यायालय ने अरंविद केजरीवाल के वकील द्वारा कथित तौर पर आपत्तिजनक शब्द इस्तेमाल किए जाने पर केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली द्वारा दायर 10 करोड़ रुपये के मानहानि मुकदमे पर जवाब दाखिल ना करने के लिए मुख्यमंत्री पर 10,000 रुपये का आज जुर्माना लगाया।संयुक्त पंजीयक पंकज गुप्ता ने केजरीवाल को अपना जवाब देने के लिए दो और सप्ताह का समय देते हुए जुर्माने की राशि जमा कराने का निर्देश दिया।उच्च न्यायालय ने 23 मई को केजरीवाल से जवाब मांगा था कि क्यों ना उनके खिलाफ मानहानि की कार्रवाई की जाए।केजरीवाल के वकील रिषिकेश कुमार ने अदालत में कहा कि उन्हें जवाब दाखिल करने के लिए और समय चाहिए जिसका केंद्रीय मंत्री की ओर से पेश हुए वकील माणिक डोगरा ने विरोध किया।

वित्त एवं रक्षा मंत्रालय का कार्यभार संभालने वाले जेटली ने आम आदमी पार्टी (आप) प्रमुख और पांच अन्य पार्टी पदाधिकारियों के खिलाफ एक अन्य मानहानि के मुकदमे की सुनवाई के दौरान खुली अदालत में केजरीवाल के वकील राम जेठमलानी द्वारा उन्हें कथित तौर पर ‘‘अभद्र’’ शब्द बोलने को लेकर मानहानि का दूसरा मुकदमा दायर किया था।दिल्ली उच्च न्यायालय में संयुक्त पंजीयक के समक्ष 17 मई को केंद्रीय मंत्री के साथ जिरह के दौरान जेठमलानी ने कथित तौर पर एक शब्द का इस्तेमाल किया जिसे जेटली ने आपत्तिजनक बताया था।एक दिन बाद इससे संबंधित मामले की सुनवाई कर रहे उच्च न्यायालय के एक अन्य न्यायमूर्ति ने जेठमलानी की कथित टिप्पणी को ‘‘अपमानजनक’’ बताया था। इसके साथ ही कोर्ट ने केजरीवाल को निर्देश दिया है कि वह अपने और आम आदमी पार्टी (आप) के पांच अन्य नेताओं के खिलाफ दर्ज मानहानि के मुकदमे में जिरह के दौरान केंद्रीय मंत्री अरूण जेटली से ‘अपमानजनक’ सवाल नहीं करें । न्यायमूर्ति मनमोहन ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री को गरिमापूर्ण तरीके से और कानून के अनुसार भाजपा के वरिष्ठ नेता जेटली से जिरह करनी चाहिए ।

अदालत ने कहा कि गरिमा बनाए रखनी होगी, क्योंकि जिरह की आड़ में किसी व्यक्ति से अपमानजनक और अभद्र भाषा में बात नहीं होनी चाहिए । बहरहाल, न्यायालय ने केजरीवाल के खिलाफ कोई आदेश पारित नहीं किया । अदालत ने केजरीवाल की उस दलील पर गौर किया कि उन्होंने वरिष्ठ अधिवक्ता राम जेठमलानी को जेटली के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के निर्देश नहीं दिए थे ।अदालत जेटली की उस अर्जी पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें मांग की गई है कि मानहानि के मुकदमे में व्यवस्थित और उचित तरीके से बयान दर्ज कराये जायें ।मानहानि के मुकदमे में केजरीवाल के अलावा राघव चड्ढा, कुमार विश्वास, आशुतोष, संजय ंिसह और दीपक वाजपेयी आरोपी बनाए गए हैं । उन्होंने भाजपा नेता जेटली पर आरोप लगाए थे कि वर्ष 2000 से 2013 के बीच डीडीसीए के अध्यक्ष पद पर रहते हुए उन्होंने भ्रष्टाचार किया । जेटली ने इन आरोपों से इनकार किया है।

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