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Coronavirus: मौलाना साद कहते रहे मस्जिदों में जाना बंद मत करो, वहां मर भी गए तो इससे उम्दा मौत कहां मिलेगी? आख़िर क्यों?- पत्रकार ने पूछा सवाल, लोग दे रहे ये जवाब

Coronavirus in India: एक ट्वीट में पत्रकार ने लिखा, 'मौलाना साद जानते थे कोरोना कैसे फैलता है, पता था डॉक्टर कहते हैं दूर-दूर रहना है, लेकिन मौलाना ने कहा, डॉक्टर की बात मत सुनो। मरकज खाली करने का उनका कोई इरादा नहीं था।'

मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना साद अभी कहां हैं किसी को नहीं मालूम। (ट्विटर फोटो)

Coronavirus in India: इंडिया टीवी के एड‍टिर-इन-चीफ रजत शर्मा ने बुधवार (1 अप्रैल, 2020) को ट्वीट के जरिए मुस्लिम धार्मिक नेता मौलाना साद पर निशाना साधा है। उन्होंन ट्वीट कर पूछा, ‘मौलाना साद जानते थे करीब आने से वाइरस फैलता है। उनकी तकरीरों के दौरान लोग खांसते रहे और वो कहते रहे मस्जिदों में जाना बंद मत करो। अगर वहां मर भी गए तो इससे उम्दा मौत तुम्हें कहां मिलेगी? आखिर क्यों?’ मौलाना साद निजामुद्दीन मरकज में सबसे बड़े ओहदेदारों में से एक हैं।

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा, ‘मरकज़े-तबलीग की जिद से कौन लोग मरे? इनसे कोरोना वाइरस किन के बीच फैला? अब किसके दोस्त और रिश्तेदार खतरे में हैं? इस जमात ने मुसलमानों के साथ ये क्यों किया?’ मंगलवार के एक ट्वीट में पत्रकार शर्मा लिखते हैं, ‘मौलाना साद जानते थे कोरोना कैसे फैलता है, पता था डॉक्टर कहते हैं दूर-दूर रहना है, लेकिन मौलाना ने कहा, डॉक्टर की बात मत सुनो। मरकज खाली करने का उनका कोई इरादा नहीं था। मौलाना ने जान बूझ कर लोगों को मौत के मुंह में धकेला।’

उनके ट्वीट पर सोशल मीडिया यूजर्स भी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। मोहम्मद शाहिद @Mohamma94019375 लिखते हैं, ‘दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 16 मार्च से ही 50 से ज्यादा लोग एक जगह नहीं होंगे? तो फिर गृहमंत्रालय क्या कर रहा था? ये तो ठीक उसी तरह जैसे दिल्ली तीन दिनों तक लगातार जलती रही और प्रधानमंत्री, गृहमंत्री दिल्ली पुलिस खामोशी से मजा लेते रहे? ये ध्यान भटकौव योजना बंद करें?’ अशीष मीणा @ASH_Hindu लिखते हैं, ‘इस्लाम भारत को बर्बाद करके ही मानेगा।’

कोशिक @KGol80 लिखते हैं, ‘मस्जिदें बनी विदेशी मुस्लिमों को छुपाने का अड्डा। अब समझ में आया ना कि CAA का विरोध क्यों किया जा रहा था।’ जितेंद्र सिंह@jiteshsingh_IND लिखते हैं, ‘मौलाना साद ने देश मे कोरोना फैलाने और मुसलमानों को भड़काने का हर प्रयास किया।’

बता दें कि दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज से सैकड़ों की तादाद में कोरोना संदिग्धों के देश के अलग-अलग राज्यों में पहुंचने पर देशभर में कोहराम मचा है। खबर लिखे जाने तक मरकज से जुड़े एक दर्जन से ज्यादा लोगों की मौत भी हो चुकी है। मरकजी लोगों के संपर्क में आने से अभी तक दर्जनों लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हो चुके हैं। जमात से जुड़े लोगों के संपर्क में आने के चलते जिन राज्यों में कोरोना वायरस के मरीज की संख्या बढ़ी है उनमें तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसे बड़े राज्य शामिल हैं।

Coronavirus in India LIVE Updates in Hindi

इसी बीच दिल्ली पुलिस ने मौलाना साद और अन्य 6 धार्मिक नेताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने जिन लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है उनमें मुफ्ती शहजाद, एम सैफी, यूनुस और मोहम्मद सलमान का शामिल हैं। दिल्ली पुलिस से जुड़े सूत्रों के हवाले से यह जानकारी सामने आई है। सूत्रों ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने द्वारा मौलाना साद के खिलाफ नोटिस जारी किए जाने के बाद यानी 28 मार्च से उनका कुछ पता नहीं है। हिलहाल उनकी तलाश जारी है।

वहीं दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बताया कि 36 घंटे तक चले अभियान में निजामुद्दीन मरकज 2361 लोगों को बाहर निकाला गया है। इनमें से 617 लोगों को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है जबकि बाकी लोगों को क्वारंटाइन किया गया है। उल्लेखनीय है कि देशभर में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या आज बढ़कर 1700 के करीब पहुंच गई है।

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