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निगम का प्रस्ताव न मानने पर गिरी गाज, अविश्वास प्रस्ताव से पहले आयुक्त का तबादला

पूर्वी दिल्ली नगर निगम के सदन में पास प्रस्ताव को न मानने के चलते आयुक्त रणवीर सिंह का स्थानांतरण कर दिया गया है।

Author नई दिल्ली, 1 अक्तूबर। | October 2, 2018 4:46 AM
आयुक्त रणवीर सिंह निगम के गांधी मेला में शामिल हुए थे लेकिन निगम की बैठक शुरू होने से पहले ही सुरक्षा घेरे के बीच निकल गए।

पूर्वी दिल्ली नगर निगम के सदन में पास प्रस्ताव को न मानने के चलते आयुक्त रणवीर सिंह का स्थानांतरण कर दिया गया है। इसकी जानकारी सदन के नेता निर्मल जैन ने सोमवार को सदन की विशेष बैठक में दी। ऐसा बताया जा रहा है कि निगम इतिहास में पहली बार सदन के पास प्रस्ताव को न मानने के कारण आयुक्त को जाना पड़ा। इससे पहले सोमवार को सुबह से ही पूर्वी निगम में गहमागहमी बनी थी। सांसद मनोज तिवारी, विधायक ओपी शर्मा सहित भाजपा के सभी आला नेताओं का जमघट निगम में रहा। आयुक्त रणवीर सिंह निगम के गांधी मेला में शामिल हुए थे लेकिन निगम की बैठक शुरू होने से पहले ही सुरक्षा घेरे के बीच निकल गए।

निगम का मुख्य गेट सफाई कर्मचारियों की हड़ताल और प्रदर्शन के कारण बंद कर दिया गया था लिहाजा पीछे के गेट से ही अधिकारी और पदाधिकारी आए। पहले बैठक को एक घंटे के लिए बढ़ाया गया और फिर डेढ़ घंटे के बाद शुरू बैठक से पहले ही यह संदेश आ गया कि जिस अविश्वास प्रस्ताव को लेकर सदन की विशेष बैठक होनी है उससे पहले ही आयुक्त का स्थानांतरण कर दिया गया है। पूर्वी निगम में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल लंबे समय से चल रही है और इसका प्रभाव स्वच्छता पखवाड़े पर दिखाई दे रहा है। जैन ने कहा कि चूंकि सोमवार को सदन की विशेष बैठक आयुक्त के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाकर उन्हें हटाने के लिए थी लिहाजा जब उनका स्थानांतरण हो गया है तो दूसरे विषयों पर आज चर्चा करने का कोई औचित्य नहीं है।

उन्होंने कार्यकारी पक्ष को निर्वाचित पार्षदों के प्रस्ताव का सम्मान करने की बात कही। जैन के इतना कहते ही मेयर बिपिन बिहारी सिंह ने बैठक स्थगित करने की घोषणा कर दी। सदन की बैठक समाप्त होने के बाद निगम मुख्यालय पटपड़गंज पहुंचे सांसद और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि व्यक्ति किसी से बड़ा नहीं होता। चूंकि पूर्वी निगम के चुने हुए जनप्रतिनिधियों ने एक स्वर से सफाई कर्मचारियों की जायज मांगे मान लेने का प्रस्ताव पास किया था तो इसमें बाधा आने वाले लोगों का निगम में रहने का कोई औचित्य नहीं बनता। इस समय स्वच्छता पखवाड़ा मनाया जा रहा है और निगम सफाई कर्मचारियों की इसमें अहम भूमिका है।

सरकारी एजंसी जनता की दुख तकलीफ दूर करने के लिए होती है न कि तकलीफ देने के लिए। तिवारी ने कहा कि दिल्ली सरकार निगम के पैसे को रोककर जहां एक तरफ कोर्ट की मानहानि कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर दिन रात मेहनत करने वाले सफाई कर्मचारियों की मांगों में रुकावट डाल रही है। सांसद ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर हमला बोलते हुए कहा कि एक साजिश के तहत दिल्ली सरकार निगम के साथ सौतला व्यवहार कर रही है। कर्मचारियों के एरियर, वेतन आदि अन्य मांगों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। केजरीवाल केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो केंद्र इसमें सीधे हस्तक्षेप करेगी और समस्याओं के निबटान की कोशिश करेगी।

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