ताज़ा खबर
 

मेरे खिलाफ एफआइआर मोदी के इशारे पर : केजरीवाल

जब एक मुख्यमंत्री के खिलाफ एफआइआर दर्ज की गई है तो इस पर चर्चा जरूरहोनी चाहिए और इसके लिए जल्द ही विधानसभा का सत्र बुलाकर इस ‘षड्यंत्र’ को उजागर किया जाएगा।

Author नई दिल्ली | September 22, 2016 6:58 AM
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल। (फाइल फोटो)

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इशारे पर एसीबी ने उनके खिलाफ दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्लू) में भर्तियों मेंं ‘प्रशासनिक और वित्तीय अनियमितताओं’ के मामले में प्राथमिकी दर्ज की है। केजरीवाल ने कहा कि जब एक मुख्यमंत्री के खिलाफ एफआइआर दर्ज की गई है तो इस पर चर्चा जरूरहोनी चाहिए और इसके लिए जल्द ही विधानसभा का सत्र बुलाकर इस ‘षड्यंत्र’ को उजागर किया जाएगा।  मुख्यमंत्री केजरीवाल ने एफआइआर की प्रति साझा करते हुए बाकी
कहा, ‘इस एफआइआर के साथ जांच रिपोर्ट भी है, लेकिन उसमें कहीं मेरा नाम नहीं है, लेकिन अपराधियों की सूची में मेरा नाम है। ऐसे ही नहीं आ जाता सीएम का नाम, बहुत ऊपर से मंजूरी होती है। बिना प्रधानमंत्री की मंजूरी के नाम नहीं आ सकता है। जाहिर है, पीएम के इशारे पर की गई है।’ केजरीवाल ने कहा कि उनका नाम होने के बावजूद उनकी कथित भूमिका की कोई जानकारी नहीं दी गई है। केजरीवाल ने कहा, ‘मैंने पूरी एफआइआर पढ़ी यह जानने के लिए कि मेरा कसूर क्या है, लेकिन इसका कहीं कोई जिक्र नहीं है। एक आम एफआइआर में भी सोच समझ कर नाम दिया जाता है। फिर एक सीएम का नाम डालने के पहले तो दस बार सोचते होंगे।’

मुख्यमंत्री द्वारा साझा की गई एफआइआर की प्रति में ‘ज्ञात, संदिग्ध, अज्ञात आरोपी’ के रूप में डीसीडब्लू प्रमुख स्वाति मालीवाल के साथ उनका भी नाम है। प्रति में लिखा है, ‘स्वाति मालीवाल, अध्यक्ष, दिल्ली महिला आयोग, अरविंद केजरीवाल, मुख्यमंत्री, दिल्ली और अन्य के खिलाफ दिनांक 19/09/2016 को एफआइआर सं 15/16 दर्ज।’ केजरीवाल ने कहा कि आप सरकार जल्द ही दिल्ली विधानसभा का विशेष सत्र बुला कर मामले पर चर्चा कराएगी, इसके पीछे के कारणों और तथ्यों को सामने लाएगी।  मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि यह सरकार को अस्थिर करने की साजिश है। सिसोदिया ने कहा, ‘एसीबी प्रमुख मीणा को भी कुछ नहीं पता, क्योंकि यह सारा काम पीएम के यहां से होकर आ रहा है। अपराधियों की सूची प्रधानमंत्री कार्यालय से बन कर आ रही है कि किस किस के नाम लिखने हैं। शिकायत में नाम नहीं है, जांच रिपोर्ट में नाम नहीं है, उसके बाद एफआइआर में नाम आ जाता है, यह दिल्ली सरकार को अस्थिर करने की साजिश है।’

सोमवार को महिला आयोग की भर्ती में कथित अनियमितताओं के आरोप में भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) ने मालीवाल के खिलाफ एक मामला दर्ज किया था। पूर्व डीसीडब्लू प्रमुख बरखा शुक्ला की शिकायत पर एसीबी ने भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम की धारा 13 (1)(डी) और भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी एवं 409 के तहत मामला दर्ज किया गया था। अपनी शिकायत में पूर्व प्रमुख बरखा सिंह ने 85 लोगों को नाम दिया था और दावा किया था कि उन्हें ‘अनिवार्य योग्यता के बिना’ डीसीडब्लू में नौकरी दी गई।

 

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App