ताज़ा खबर
 

शीला दीक्षित की कार्यशैली से खुश नहीं दिल्ली के कांग्रेस प्रभारी, कहा- तीन कार्यकारी अध्यक्ष देंगे आपको रिपोर्ट

यह पहला मौका नहीं है जब दिल्ली की तीन बार मुख्यमंत्री रहीं शीला दीक्षित के साथ चाको का विवाद सामने आया हो। इससे पहले शीला द्वारा दिल्ली की 280 ब्लॉक कमेटियों को भंग करने के फैसले का भी चाको ने विरोध किया था।

Sheila Dikshit, Delhi congress, Rahul Gandhi, priyanka gandhi, bjp, congress, loksabha election result, CWC, congress working committeeदिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री और दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष शीला दीक्षित। फोटो: इंडियन एक्सप्रेस/ Abhinav Saha

दिल्ली कांग्रेस यूनिट में बुधवार (17 जुलाई 2019) को एकबार फिर टकराव की स्थिति देखने को मिली। दिल्ली कांग्रेस प्रभारी पीसी चाको ने दिल्ली कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष को पत्र लिखकर कहा है कि तीनों कार्यकारी अध्यक्ष स्वतंत्र रूप से काम करेंगे और आपको रिपोर्ट करेंगे। शीला दीक्षित की कार्यशैली से नाखुश चाको ने पत्र में लिखा ‘आप इन दिनों अस्वस्थ हैं। ऐसे में पार्टी के हित को देखते हुए कार्यकारी अध्यक्ष दिल्ली कांग्रेस कमेटी के अध्यक्षों और ब्लॉक अध्यक्षों की बैठकें लेंगे। ताकि पार्टी के हित में फैसले लिए जा सकें। फैसला लेने के बाद आपको रिपोर्ट किया जाएगा।’

उन्होंने कांग्रेस के तीनों कार्यकारी अध्यक्षों हारून यूसूफ, राजेश लिलोठिया और देवेंद्र यादव को पत्र लिखकर अपने-अपने इलाकों में पार्टी की गतिविधियां तेज करने के लिए कहा है। चाको ने कहा है कि राज्य में विधानसभा चुनाव नजदीक है ऐसे में चुनावी गतिविधियों को बढ़ाने के लिए ये फैसला किया गया है। मालूम हो कि यह पहला मौका नहीं है जब दिल्ली की तीन बार मुख्यमंत्री रहीं शीला दीक्षित के साथ चाको का विवाद सामने आया हो।

इससे पहले शीला द्वारा दिल्ली की 280 ब्लॉक कमेटियों को भंग करने के फैसले का भी चाको ने विरोध किया था। दिल्ली कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पीसी चाको ने शीला दीक्षित को पत्र लिख अपनी नाराजगी जताई थी और इसके साथ ही आरोप लगाया था कि बिना उन्हें सूचित किए शीला दीक्षित ने 14 जिला कांग्रेस कमेटी पर्यवेक्षक और 280 ब्लॉक कांग्रेस कमेटी पर्यवेक्षक नियुक्त किए। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस अध्यक्ष की सहमति के बिना ब्लॉक कमेटियों को भंग नहीं किया जा सकता।

उन्होंने कहा था कि पार्टी में ब्लॉक अध्यक्ष निर्वाचित नेता होते हैं और इन समितियों को अध्यक्षों की सहमित के बिना भंग नहीं किया जा सकता। चाको ने इसे एक तरफा फैसला बताया है। पीसी चाको ने मीडिया से बातचीत में बताया कि यह फैसला शीला दीक्षित ने खुद किया है और इस बात की जानकारी प्रदेश के कार्यकारी अध्यक्षों को भी नहीं दी गई। वहीं तीनों कार्यकारी अध्यक्षों ने भी शीला के उन्हें नजरअंदाज करने पर नाराजगी जाहिर की थी।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 महिला को पहले गोली मारी, फिर खून साफ करने के लिए डीजे को 5 हजार रुपये देने लगा पूर्व जेडीयू विधायक!
2 गंदे पानी को साफ कर इस्तेमाल कर रहा है डीटीयू
3 संसद के बाहर बीजेपी मंत्री के भतीजे ने किया करोड़ों की कार से स्टंट! वीडियो हुआ वायरल
ये पढ़ा क्या...
X