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भारत, चीन और पाकिस्तान के बीच त्रिपक्षीय बैठक की वकालत की चीनी राजदूत ने

भारत में चीन के राजदूत लुओ झाओहुई ने भारत, चीन और पाकिस्तान के बीच क्षेत्रीय सहयोग बढ़ाने व आपसी मतभेद दूर करने पर जोर दिया है। उन्होंने तीनों देशों के बीच त्रिपक्षीय बैठक की वकालत की है।

Author नई दिल्ली, 18 जून। | June 19, 2018 6:23 AM
चीनी दूतावास में ‘वुहान से आगे : चीन-भारत संबंध कितना आगे और तेजी से जा सकते हैं’ विषय पर आयोजित सेमिनार में भारत और चीन संबंधों को लेकर उन्होंने कहा कि दोनों देश अपने द्विपक्षीय संबंध के मामले में अब एक और डोकलाम गतिरोध का जोखिम नहीं उठा सकते हैं।

भारत में चीन के राजदूत लुओ झाओहुई ने भारत, चीन और पाकिस्तान के बीच क्षेत्रीय सहयोग बढ़ाने व आपसी मतभेद दूर करने पर जोर दिया है। उन्होंने तीनों देशों के बीच त्रिपक्षीय बैठक की वकालत की है। चीनी राजदूत ने सोमवार को कहा कि यह बैठक शंघाई सहयोग संगठन के दायरे से इतर होना चाहिए। उन्होंने नई दिल्ली में एक कार्यक्रम में कहा, ‘कुछ भारतीय मित्रों ने भारत, चीन और पाकिस्तान की भागीदारी वाली एक त्रिपक्षीय बैठक का सुझाव दिया है, जो बहुत ही रचनात्मक विचार है।’

चीनी दूतावास में ‘वुहान से आगे : चीन-भारत संबंध कितना आगे और तेजी से जा सकते हैं’ विषय पर आयोजित सेमिनार में भारत और चीन संबंधों को लेकर उन्होंने कहा कि दोनों देश अपने द्विपक्षीय संबंध के मामले में अब एक और डोकलाम गतिरोध का जोखिम नहीं उठा सकते हैं। उन्होंने विशेष प्रतिनिधियों की बैठक के जरिए सीमा विवाद का एक परस्पर स्वीकार्य समाधान तलाश करने की जरूरत पर जोर दिया।

झाओहुई के अनुसार, भारत के साथ चीन धार्मिक आदान प्रदान को बढ़ावा देना और तिब्बत स्थित कैलाश मानसरोवर जाने के लिए भारतीय तीर्थयात्रियों के लिए इंतजाम करना जारी रखेगा। गौरतलब है कि पिछले साल अगस्त में भारत और चीन के सैनिकों के बीच डोकलाम में 73 दिनों तक चले गतिरोध के कारण चीन ने नाथू ला से होकर कैलाश मानसरोवर यात्रा और दोनों देशों के बीच सालाना सैन्य अभ्यास स्थगित कर दिया था। साथ ही, चीन ने तिब्बत से निकलने वाली ब्रह्मपुत्र और ंिसधु नदी के जल के बारे में आंकड़े भी नहीं दिए थे। चीनी राजदूत ने बताया कि उनका देश भारत से चीनी, गैर बासमती चावल और उच्च गुणवत्ता की दवाइयों का आयात करना जारी रखेगा ताकि व्यापार असंतुलन को कम किया जा सके।

चीनी राजदूत से पूछा गया – क्या एशियाई पड़ोसी देशों के बीच कोई त्रिपक्षीय बैठक भारत-पाकिस्तान के बीच विवाद का हल करने में मदद करेगी?

चीनी राजदूत ने दिया जवाब – यह द्विपक्षीय मुद्दों का हल करने में मदद करेगी और शांति व स्थिरता कायम रखने में भी मदद करेगी। चीन, रूस और मंगोलिया के बीच ऐसी ही वार्ता हुई थी और सहयोग के नए रास्ते खुल गए। मुझे ऐसा कोई कारण नहीं दिखता कि भारत, पाकिस्तान और चीन में ऐसा न हो सके। उन्होंने आगे कहा कि सीमाओं पर शांति सभी देशों के हित में है।’

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