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अब ड्राइविंग लाइसेंस के लिए भी जरूरी होगा आधार कार्ड, फर्जी लाइसेंस पर होगा टोटल कंट्रोल

पहले अगर किसी का ड्राइविंग लाइसेंस ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन या फिर आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहने पर रद्द कर दिया जाता था। तो ऐसे लोग देश के दूसरे इलाके से ड्राइविंग लाइसेंस बनवा लेते थे।

Driving licence, Aadhaar, Aadhaar card, Aadhaar number, DL will be linked to Aadhaar, Modi government planning to link driving licence to Aadhaar, Ravi Shankar Prasad, Nitin gadkari, vehicle registration, Regional Transport Office, Aadhaar for Drving Licence, hindi news, jansattaसूचना प्रोद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि डीएल को आधार से जोड़ने पर फर्जी लाइसेंस बनने बंद हो जाएंगेे (फाइल फोटो)

जल्दी ही ड्राइविंग लाइसेंस लेने के लिए आपको अपना आधार नबंर बताना पड़ सकता है। केन्द्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रोद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा है कि सरकार ड्राइविंग लाइसेंस को आधार कार्ड से लिंक करने जा रही है। अगर आपके पास आधार कार्ड नहीं है तो आप ड्राइविंग लाइसेंस नहीं ले पाएंगे। सरकार के इस कदम का मकसद फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने पर रोक लगाना है। आधार कार्ड से जुड़े होने की वजह से आपके सारे बॉयोमैट्रिक डिटेल सरकारी एजेंसियां ड्राइविंग लाइसेंस से पता कर सकेंगी। इस वजह से अगर कोई शख्स दो ड्राइविंग लाइसेंस बनाना चाहता है तो उसकी चोरी पकड़ी जाएगी। रविशंकर प्रसाद ने आज एक कार्यक्रम में सरकार के इस प्रस्तावित फैसले की जानकारी दी। रविशंकर प्रसाद ने कहा, ‘हम लोग ड्राइविंग लाइसेंस को आधार से लिंक करने पर विचार कर रहे हैं, मैंने इस बारे में नितिन गडकरी से बात की है।’ नितिन गडकरी इस वक्त केन्द्र भूतल परिवहन मंत्री हैं।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक केन्द्र सरकार अगले महीने इस प्रस्ताव को अमली जामा पहना सकती है। बता दें कि पहले अगर किसी का ड्राइविंग लाइसेंस ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन या फिर आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहने पर रद्द कर दिया जाता था। तो ऐसे लोग देश के दूसरे इलाके से फिर ड्राइविंग लाइसेंस बनवा लेते थे। कई ड्राइविंग लाइसेंस हासिल कर आपराधिक प्रवृति के व्यक्ति अपनी पहचान छुपाने में भी कामयाब हो जाते थे। लेकिन आधार नंबर का बॉयोमैट्रिक डिटेल ऐसी हर किसी धोखाधड़ी पर रोक लगाने में सफल हो सकेगा। सरकार का ऐसा मानना है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक केन्द्रीय भूतल परिवहन मंत्रालय ने इस प्रस्ताव पर काम करना शुरू कर दिया है। और इसके लिए कानूनी प्रावधानों में जरूरी बदलाव किये जा रहे हैं। चूंकि ड्राइविंग लाइसेंस जारी करना राज्य की विषय वस्तु है। इसलिए केन्द्र सभी राज्यों से अपील करेगा कि वो इस सुरक्षित सिस्टम को अपनाएं। सरकार का दावा है कि इस सिस्टम की वजह से एक व्यक्ति द्वारा देश के अलग अलग राज्यों में अलग अलग रिजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस से लाइसेंस हासिल करने की गलत प्रथा पर रोक लग जाएगी।

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