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नीरव और मेहुल पर कसा शिकंजा, सीबीआइ की विशेष अदालत ने जारी किया गैर जमानती वारंट

पंजाब नेशनल बैंक में साखपत्रों के जरिए 13 हजार करोड़ रुपए से अधिक की धोखाधड़ी के मामले में अरबपति हीरा कारोबारी नीरव मोदी और उनके मामा मेहुल चोकसी के खिलाफ सीबीआइ की विशेष अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी किया है।

Author नई दिल्ली | April 9, 2018 5:14 AM
विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, 23 मार्च को चीन के विशेष प्रशासनिक क्षेत्र हांगकांग की सरकार से नीरव मोदी की अस्थायी गिरफ्तारी के लिए अनुरोध पत्र भेजा गया है।

पंजाब नेशनल बैंक में साखपत्रों के जरिए 13 हजार करोड़ रुपए से अधिक की धोखाधड़ी के मामले में अरबपति हीरा कारोबारी नीरव मोदी और उनके मामा मेहुल चोकसी के खिलाफ सीबीआइ की विशेष अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी किया है। सीबीआइ के अधिकारियों के अनुसार, मुंबई स्थित विशेष अदालत में जांच एजंसी ने इस बाबत आवेदन किया था। दोनों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय की अपील पर विशेष पीएमएलए अदालत (धनशोधन निरोधक अधिनियम) ने भी गैर जमानती वारंट जारी किया था। सीबीआइ की अदालत द्वारा भी वारंट जारी किए जाने पर अब दोनों के खिलाफ इंटरपोल से रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने की मांग का रास्ता खुल जाएगा।

सीबीआइ ने नीरव मोदी और चोकसी को इनके खिलाफ चल रही जांच में शामिल होने के लिए उनके आधिकारिक ई-मेल आईडी पर पत्र भेजा था, लेकिन दोनों ने कारोबारी व्यस्तता और स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों का हवाला देते हुए इसमें शामिल होने से इनकार कर दिया। दूसरी ओर, भारतीय विदेश मंत्रालय ने नीरव मोदी की अस्थायी गिरफ्तारी के लिए हांगकांग प्रशासन को पत्र भेजा है। विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, 23 मार्च को चीन के विशेष प्रशासनिक क्षेत्र हांगकांग की सरकार से नीरव मोदी की अस्थायी गिरफ्तारी के लिए अनुरोध पत्र भेजा गया है। नीरव मोदी के वहां होने की सूचना मिली थी।

इस बीच, सीबीआइ विभिन्न भारतीय बैंकों की विदेश स्थित शाखाओं के अधिकारियों से पूछताछ कर रही है, जिन्होंने पंजाब नेशनल बैंक की ओर से जारी फर्जी गारंटी पत्र के आधार पर नीरव मोदी और चोकसी की कंपनियों को कर्ज सुविधा दी थी। एजंसी ने इलाहाबाद बैंक की हांगकांग शाखा में विदेशी मुद्रा लेनदेन का काम देखने वाले अधिकारी को भी समन किया है। वह जल्द ही जांच में शामिल होगा। बताते चलें कि पंजाब नेशनल बैंक की मुंबई स्थित ब्रैडी रोड शाखा से स्विफ्ट (सोसायटी फार वर्ल्डवाइड इंटरबैंक फाइनेंसियल टेलिकम्युनिकेशंस) संदेशों के जरिए मोदी और उनके मामा चोकसी की कंपनियों को दो अरब डॉलर के गारंटी पत्र और साख पत्र जारी किए गए। फर्जी साख पत्रों (एलओयू) के जरिए धन की निकासी की गई। यह घोटाला उजागर होने के कुछ समय पहले ही दोनों परिवार समेत देश से भाग चुके थे। इस मामले में पीएनबी के कई पूर्व अधिकारियों समेत नीरव मोदी और मेहुल चोकसी के कई सहयोगियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।

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