ताज़ा खबर
 

चुनाव में सभी उम्मीदवारों को आवेदन का मौका देगी भाजपा

पार्टी का मानना है कि इस पहल से पार्टी का हर नेता अपना पक्ष रख सकेगा और एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन करते हुए सभी लोगों को आवेदन का मौका दिया जा सकेगा।

Author Updated: December 8, 2019 5:52 AM
दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी, फोटो सोर्स- सोशल मीडिया

पंकज रोहिला

70 विधानसभा सीटों के लिए होने वाले चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सभी प्रत्याशियों को आवेदन का मौका देगी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी ने बताया कि आवेदन प्रक्रिया आगामी हफ्ते में शुरू होगी। प्रक्रिया के तहत पार्टी के सभी नेता, विधायक, पूर्व विधायक और अन्य नागरिक जो इस बार पार्टी से चुनाव लड़ना चाहते हैं वे अपना आवेदन पार्टी को दे सकेंगे। इस प्रक्रिया के बाद ही पार्टी 70 नामों की छंटनी की प्रक्रिया शुरू करेगी।

पार्टी का मानना है कि इस पहल से पार्टी का हर नेता अपना पक्ष रख सकेगा और एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया का पालन करते हुए सभी लोगों को आवेदन का मौका दिया जा सकेगा। प्रक्रिया के तहत आवेदन नहीं करने वाले बाद में टिकट के लिए दावा नहीं कर सकेंगे। इस प्रक्रिया में उन कार्यकर्ताओं की शिकायत भी दूर हो जाएगी, जो हमेशा यह शिकायत रखते हैं कि उनके क्षेत्रीय जिला अध्यक्षों, प्रभारी व नेताओं ने उनके नाम की सिफारिश नहीं की। इसके लिए पार्टी सभी कार्यकर्ताओं को दो दिन का समय देगी। इस तय समय सीमा में जो भी आवेदन सामने आएंगे वे शामिल होंगे। इस नामों पर आखिरी फैसला पार्टी आलाकमान ही करेगा।

कार्यकर्ता कर रहे हैं टिकट की मांग
संगठन का विस्तार करने के लिए तैनात किए जाने वाले विस्तारक ही भारतीय जनता पार्टी से दिल्ली का टिकट चाहते हैं। भाजपा इनकी तैनाती पार्टी के विस्तार कार्यों के लिए करती है और इनकी भूमिका नए लोगों को संगठन से जोड़ना होती है। पार्टी के राष्टÑीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष के साथ हुई बैठक के बाद यह नाराजगी सामने आने शुरू हुई है। बैठक में ऐसे कार्यकर्ताओं को पार्टी ने टिकट नहीं देने का फैसला लिया है। इस मामले में टिकट की चाह रखने वालों को यह पद छोड़ने तक की सलाह भी पार्टी ने दी है। इसके बाद पार्टी के कुछ विस्तारकों की नाराजगी सामने आई है।

दस साल से नहीं जीते नेताओं पर है बड़ा सवाल
20 साल से अधिक समय से भाजपा दिल्ली में सरकार बनाने की कोशिश कर रही है। सूत्र बताते हैं कि बीते सालों में सभी वरिष्ठ नेता जीत का दावा जरूर करते रहे हैं लेकिन अपनी सीट को नहीं बचा पाते हैं। सबसे बड़ा प्रश्न बीते दस सालों के गंभीर संकट का है। पार्टी निगम में एक बड़ा फार्मूला पेश कर चुकी है। इसमें नए चेहरों को पार्टी ने प्राथमिकता दी थी और एक बार फिर से बहुमत पाया था। ऐसा ही समीकरण बनता है तो बार-बार हार का मुंह देखने वाले नेताओं को टिकट मिलने में इस बार परेशानी आ सकती है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 संपत्ति को लेकर अपने पिता पर भी कर रखा है मुकदमा
ये पढ़ा क्‍या!
X