बीजेपी सांसद ने की रक्षा मंत्रालय के फैसले की आलोचना, बताया त्रासदी - BJP MP Subramanian Swamy blasts decesion of Defence minister nirmala sitharaman of allowing lobbying firms private consultants ernst young and other to enter into Defence deals - Jansatta
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बीजेपी सांसद ने की रक्षा मंत्रालय के फैसले की आलोचना, बताया त्रासदी

रक्षा मंत्रालय ने पहली बार 500 करोड़ रुपये से ज्यादा की रक्षा खरीद पर फैसले के लिए बनाई गई निर्णय लेने वाली समिति में निजी कंसलटेंसी फर्मों को एंट्री दी है। इन फर्मों में अर्नेस्ट एंड यंग और केपीएमजी नाम की कंपनियां शामिल हैं।

जम्मू के आर्मी अस्पताल में सुंजवां आर्मी कैंप में घायल लोंगो का हाल चाल पूछतीं रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण (फोटो-पीटीआई 12-02-18)

बीजेपी सांसद सुब्रह्मण्यम स्वामी ने एक बार फिर से अपनी ही सरकार की आलोचना की है। सुब्रह्मण्यम स्वामी ने रक्षा मंत्रालय के एक फैसले को देश की सुरक्षा के लिए त्रासदी बताया है। दरअसल रक्षा मंत्रालय ने पहली बार 500 करोड़ रुपये से ज्यादा की रक्षा खरीद पर फैसले के लिए बनाई गई निर्णय लेने वाली समिति में निजी कंसलटेंसी फर्मों को एंट्री दी है। इन फर्मों में अर्नेस्ट एंड यंग और केपीएमजी नाम की कंपनियां शामिल हैं। रक्षा मंत्रालय ने इस बावत एक प्रेस रिलीज जारी किया है। दरअसल रक्षा मंत्रालय ने विभाग के बड़े सौदों को हरी झंडी देने के लिए एक कमेटी बनाई है। इस कमेटी में 13 सदस्य शामिल हैं। इस कमेटी को Raksha Mantri’s Advisory Committee on Ministry of Defence (MoD) Capital Projects (RMCOMP) नाम दिया गया है। इस कमेटी में अर्नेस्ट एंड यंग के स्पेशल एडवाइजर आर आनंद और केपीएमजी के अंबर दुबे शामिल हैं। स्वामी ने इस फैसले पर ट्वीट किया, “रक्षा मंत्रालय ने निजी कंसलटेंसी फर्म अर्नेस्ट एंड यंग और केपीएमजी को एंट्री दे दी है, यह एक और सुरक्षा त्रासदी है।”

स्वामी ने इस बावत एक वेबसाइट की खबर को भी टैग किया है। इस वेबसाइट में रक्षा मंत्रालय के फैसले पर टिप्पणी की गई है और कहा गया है कि रक्षा मंत्रालय की फैसले लेने वाली कमेटी में इन विदेशी कंपनियों को क्यों शामिल किया गया है, आखिर ये बहुराष्ट्रीय कंपनियां रक्षा मंत्रालय को क्या सेवाएं देंगी। बता दें कि सांसद स्वामी इससे पहले भी रक्षा मंत्रालय पर सवाल उठा चुके हैं। भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से अपील की है कि वह जम्मू-कश्मीर पुलिस द्वारा सेना के जवान पर प्राथमिकी दर्ज कराए जाने के मामले में रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण को तलब करके जवाब मांगे। उन्होंने सीतारमण पर राज्य सरकार को मामला दर्ज करने के लिए अनाधिकृत मंजूरी देने का आरोप लगाया है।

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