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आप के खातों में धांधली के लिए केजरीवाल जिम्मेदार: भाजपा

केजरीवाल खुद एक आयकर अधिकारी रहे हैं और उनकी पार्टी की इतनी गंभीर धांधलियां स्पष्ट करती हैं कि जिस तरह वे संवैधानिक व अन्य प्रक्रियाओं की अवहेलना करते हैं।

Author नई दिल्ली | December 28, 2016 03:20 am
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल। (File Photo)

दिल्ली भाजपा का आरोप है कि आम आदमी पार्टी (आप) के खातों में धांधली के लिए पार्टी के मुखिया व दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जिम्मेदार हैं। ऐसे में उन्हें अपने पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। वे जिम्मेदारी को स्वीकारते हुए जनता से माफी मांगें और अपने पद से इस्तीफा दें।
दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष मनोज तिवारी ने मंगलवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि भाजपा लगातार कहती आई है कि आप के खातों में भारी धांधली है और यह सब जान-बूझ कर किया गया है। बीते दिनों सामने आए तथ्यों ने भाजपा के रुख की पुष्टि की है और आज आम आदमी पार्टी जनता के प्रति जवाबदेह है।

उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल अपनी पार्टी के खातों में धांधली की जिम्मेदारी से बच नहीं सकते क्योंकि यह धांधली पार्टी की स्थापना के समय से ही होती रही हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी ने जो संशोधन अब किए हैं, वे स्वत: नहीं किए हैं, बल्कि आयकर विभाग के दबाव में किए हैं। आयकर विभाग की ओर से पार्टी को चार मौके दिए गए, लेकिन उसने जवाब नहीं दिया और संशोधन भी तब किया जब अंतिम चेतावनी दी गई। तिवारी ने कहा कि केजरीवाल खुद एक आयकर अधिकारी रहे हैं और उनकी पार्टी की इतनी गंभीर धांधलियां स्पष्ट करती हैं कि जिस तरह वे संवैधानिक व अन्य प्रक्रियाओं की अवहेलना करते हैं, उसी तरह उन्होंने आर्थिक धांधलियां भी की हैं।

भाजपा का आरोप है कि आप ने शुरू से ही तीन तरह के खाते रखे हैं। पहला जनता को दिखाने के लिए, दूसरा चुनाव आयोग व आयकर विभाग के लिए और तीसरा खाता, जिसमें असली धन है और वह अरविंद केजरीवाल के लिए रखा गया है। भाजपा ने शुरू से ही कहा है कि आप के फंड के खाते संदेहास्पद हैं और अब इस पार्टी ने खुद अपनी गलतियों को स्वीकार किया है। भाजपा का आरोप है कि यह अनजाने में हुई गलतियां नहीं, बल्कि जान-बूझ कर की गई धांधलियां हैं। 2013 से ही आप के चंदे के स्रोत संदेहास्पद थे। पार्टी की स्थापना के बाद से ही आप के धन स्रोत विवादित रहे और इन पर गंभीर चर्चा भी होती रही है।

भाजपा के मुताबिक 14 अक्तूबर, 2016 को आयकर विभाग की ओर से आप को जारी नोटिस से साफ है कि पार्टी ने छोटे चंदे की लिस्ट में भी धांधली की है। यहां यह बताना जरूरी है कि 14 अक्तूबर से पहले, 9 जून से 7 सितंबर के बीच आयकर विभाग ने पार्टी को चार मौके दिए, लेकिन आप ने कानूनी प्रक्रिया को पूरा नहीं किया। पार्टी को मिले शुरुआती 2 करोड़ रुपए के चंदे को हिसाब में 2 लाख लिखे जाने को अनजाने में हुई गलती नहीं कहा जा सकता। पार्टी आज कह रही है कि शांति भूषण की ओर से दिया 2 करोड़ का चंदा चुनाव आयोग को दिए हिसाब में गलती से 2 लाख रुपए बता दिया गया जोकि एक हास्यास्पद बचाव है। यह 2 करोड़ रुपए पार्टी का शुरुआती चंदा था जिसके आधार पर पार्टी चली, ऐसे में यह कैसे संभव है कि इसको लेकर लापरवाही हुई, जिसके कारण हिसाब में 1.98 करोड़ रुपए का फर्क आया होगा। स्पष्ट है कि यह एक सुनियोजित धांधली है।

 

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