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बीके बंसल और उनके बेटे ने कर ली खुदकुशी

जुलाई में रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तारी के बाद पत्नी और बेटी ने खुदकुशी कर ली थी।

Author नई दिल्ली | September 28, 2016 5:31 AM
प्रतीकात्मक चित्र

पत्नी और बेटी की खुदकुशी से दुखी और बार-बार सीबीआइ पूछताछ से परेशान भ्रष्टाचार के आरोपी कारपोरेट मामलों के पूर्व महानिदेशक पद पर तैनात रहे बीके बंसल और उनके बेटे फांसी लगा ली। मंगलवार सुबह दोनों आइपी एक्सटेंशन के नीलकंठ अपार्टमेंट में मृत पाए गए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज कर जांच शुरू कर दी है। जुलाई में रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तारी के बाद पत्नी और बेटी ने खुदकुशी कर ली थी। उनके अंतिम संस्कार के लिए बंसल को जमानत दी गई थी, तब उन्होंने कहा था- जीवन चलते रहना चाहिए। मंगलवार को पूरे परिवार का अंत हो गया। मरने से पहले बंसल ने भी कई टुकड़ों में पत्र छोड़ा है। इनकी जांच की जा रही है।

इस बीच सीबीआइ ने कहा कि बंसल का बेटा कथित रिश्वत मामले में न तो कोई आरोपी था और न ही एजंसी ने उसे बुलाया था। सीबीआइ प्रवक्ता आरके गौड़ ने कहा, ह्यहमें बीके बंसल और उनके पुत्र की आज मृत्यु की जानकारी मिलने पर गहरा दुख हुआ। मामले की स्थानीय पुलिस जांच कर रही है। मंगलवार सुबह नीलकंठ अपार्टमेंट में बंसल की खुदकुशी की सूचना पुलिस को मिली। पूर्वी दिल्ली के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। बीते 26 अगस्त को उन्हें जमानत मिली थी। उनका बेटा योगेश दस दिन पहले ही अपार्टमेंट में आया था। वाणिज्य मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव स्तर के अधिकारी बीके बंसल ने बेटे के साथ घर में फांसी लगा ली है, यह बात सोसाइटी के लोगों को गले नहीं उतर रही। जुलाई में मुंबई की एक दवा कंपनी से रिश्वत लेने का आरोप बंसल पर लगा था और वे इस मामले में जेल भी जा चुके थे। उनकी 58 साल की पत्नी सत्यबाला बंसल और 27 साल की बेटी नेहा पहले ही मौत को गले लगा चुकी हैं।

बताया जा रहा है पत्नी और बेटी की मौत से बंसल काफी दुखी थे। सीबीआइ ने 16 जुलाई को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। दो दिन बाद ही जब पत्नी और बेटी की खुदकुशी की सूचना मिली थी, तो उन्हें अंतिम संस्ककार के लिए जमानत पर रिहा कर दिया गया था। इन दिनों वे जमानत पर ही थे। अपने आवास पर पंखे से लटक कर खुदकुशी करने वाली मां-बेटी ने मरने से पहले अलग-अलग पत्र छोड़े थे, जिनमें कहा गया था कि ह्यसीबीआइ की छापेमारी से ह्यभारी बदनामी हुई है और वे इसके बाद जीना नहीं चाहतीं।
बीके बंसल ने भी खुदकुशी से पहले घर में कई जगहों पर पत्र छोड़ा। इनमें क्या लिखा है, इसका खुलासा अभी पुलिस नहीं कर रही है। बताया जा रहा है कि बंसल ने उसी कमरे में खुदकुशी की, जिसमें उनकी पत्नी ने जान दी थी। वहीं, बेटे योगेश ने बहन वाले कमरे में आत्महत्या की। शुरुआती जांच में पता चला है कि सोमवार शाम को घर में काम करने वाली रजनी से दोनों ने कहा था-ह्णसुबह दरवाजा खुला रहेगा आकर काम करके चले जाना।

वहीं, इससे पहले बंसल ने सोसायटी के पुजारी अरविंद कुमार पांडेय से घर में शांति के लिए सुंदरकांड करने को कहा था। यहां पर 16 सितंबर से ही सुंदरकांड का मंदिर में पाठ चल रहा था। सोमवार को बेटे योगेश ने पंडित को घर बुलाया था। शाम 6.30 बजे पंडित घर गए, तो योगेश ने उन्हें 2100 रुपए भी दिए। रुपए देते हुए उन्होंने कहा कि वे 15 दिन के लिए बाहर जा रहे हैं, तक तक पाठ जारी रखें। सोसाइटी में रहने वाले लोगों का कहना था कि वैसे तो वे लोग ज्यादा मिलनसार नहीं थे, पर धार्मिक विचार के जरूर थे और अक्सर मंदिर जाते थे।

 

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