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AgustaWestland: केजरीवाल का हमला, कहा- मोदी में नहीं है सोनिया को गिरफ्तार करने की हिम्मत

प्रधानमंत्री की कथित ‘फर्जी’ डिग्री के मुद्दे पर बोलते हुए केजरीवाल ने यह भी कहा कि दोनों पार्टियों के बीच ये ‘सांठगांठ’ है। कि भाजपा सरकार हेलिकाप्टर मामले में सोनिया गांधी को गिरफ्तार नहीं करेगी और कांग्रेस मोदी की शैक्षणिक योग्यता के मामले को नहीं उठाएगी।

Author May 7, 2016 5:13 PM
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल

अगस्तावेस्टलैंड हेलिकाप्टर घोटाला मामले में मोदी सरकार और कांग्रेस पर बरसते हुए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को कहा कि प्रधानमंत्री में सोनिया गांधी को गिरफ्तार करने की ‘‘हिम्मत नहीं ’’ है और दोनों पार्टियों की ‘भ्रष्टाचार में मिलीभगत’’ है । प्रधानमंत्री की कथित ‘फर्जी’ डिग्री के मुद्दे पर बोलते हुए केजरीवाल ने यह भी कहा कि दोनों पार्टियों के बीच ये ‘सांठगांठ’ है कि भाजपा सरकार हेलिकाप्टर मामले में सोनिया गांधी को गिरफ्तार नहीं करेगी और कांग्रेस मोदी की शैक्षणिक योग्यता के मामले को नहीं उठाएगी।

उन्होंने कहा, ‘‘ इतालवी अदालत के आदेश में सोनिया गांधी, अहमद पटेल, कुछ अधिकारियों तथा कांग्रेस नेताओं के नाम भी हैं लेकिन मोदी में हिम्मत नहीं है सोनिया गांधी को गिरफ्तार करने की उनसे दो सवाल तक पूछने की हिम्मत नहीं है ’’।  उन्होंने आगे कहा कि मोदी सोनिया गांधी और दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के कार्यकाल में हुए मामलों को ठंडे बस्ते में डाल कर उनकी मदद कर रहे हैं। केजरीवाल ने मीडिया से बातचीत में कहा, “कांग्रेस इस मामले में चुप क्यों है? भाजपा सिर्फ सोनिया गांधी की बुराई करती है पर उन्हें गिरफ्तार नहीं करती।

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केजरीवाल ने यहां जंतर मंतर पर एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, “मोदी जी आपको कार्रवाई करने के लिए प्रधानमंत्री बनाया गया है, इस काम को इटली की अदालत पर छोड़ने के लिए नहीं, यदि आप उन्हें जेल भेजते तो हमारा सीना 56 इंच का हो जाता, जब हमारे प्रधानमंत्री कहते हैं कि इटली की अदालत गांधी का नाम ले रही है, उनका नाम नहीं, मैं मोदीजी से कहना चाहता हूं कि आप उनसे डरते क्यों हैं?”

हेलिकॉप्टर घोटाले में जांच की प्रगति पर सवाल उठाते हुए केजरीवाल ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार इस आश्वासन पर सत्ता में आई थी कि वह भ्रष्टाचारियों को सबक सिखाएगी लेकिन जांच में “एक इंच” भी प्रगति नहीं हुई है। उन्होंने कहा, “दो साल में अगस्तावेस्टलैंड मामले में उन्होंने क्या जांच की? इतालवी सरकार ने जांच पूरी की, अदालत में मामले दाखिल किए, फैसला आया और रिश्वत देने में शामिल रहे लोगों को जेल भिजवाया गया।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “जब अन्ना आंदोलन शुरू हुआ, जनता सरकार को बदलना चाहती थी, उन्हें पता था कि भाजपा और कांग्रेस एक ही सिक्के के दो पहलू हैं लेकिन मोदीजी ने लोकसभा चुनाव से पहले इतने शानदार भाषण दिए कि लोगों ने यह उम्मीद बांधनी शुरू कर दी कि भ्रष्टाचार समाप्त हो जाएगा।” उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार अभियानों के दौरान, मोदी ने कहा कि वह भूमि सौदे में कथित अनियमितताओं के लिए कांग्रेस अध्यक्ष के दामाद राबर्ट वाड्रा के खिलाफ कार्रवाई करेंगे लेकिन दो साल तक सत्ता में रहने और हरियाणा तथा राजस्थान में अपनी सरकारें होने के बावजूद उनसे (वाड्रा) एक बार पूछताछ तक नहीं की गई है।

केजरीवाल ने कहा, “मोदी ने कहा था कि भ्रष्टों को जेल भेजा जाएगा। दो साल हो गए हैं और एक भी आदमी को जेल नहीं हुई है। देश से धोखा हुआ है और इसलिए हम इन दोनों पार्टियों के भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रदर्शन के लिए फिर से इसी जगह पर एकत्र हुए हैं। केजरीवाल ने कहा कि सीबीआई ने वाड्रा के कार्यालय पर छापा मारा लेकिन उसने वाड्रा से पूछताछ तक नहीं की। उन्होंने कहा, “उन्होंने मेरे ऊपर भी सीबीआई का छापा मरवाया लेकिन दिनभर चली छापेमारी में उन्हें चार मफलर के सिवाय कुछ नहीं मिल सका। लेकिन सोनिया गांधी पर कोई छापेमारी नहीं हुई। मोदी उनसे डरते क्यों हैं? चुनाव से पहले वह कहते थे कि वाड्रा कांग्रेस का दामाद है लेकिन अब ऐसा लगता है कि मोदी ने भी उन्हें गोद ले लिया है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “उनके (वाड्रा) भूमि घोटाले के पेपर राजस्थान में पड़े हैं। हरियाणा, राजस्थान और केंद्र में उनकी सरकार है। तो वे किस बात का इंतजार कर रहे हैं? उनके खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है। सीबीआई ने उनको एक बार भी नहीं बुलाया क्योंकि मोदी में हिम्मत नहीं है।” उन्होंने सोनिया गांधी के बारे में कहा, “आप उन्हें गिरफ्तार करें, दो दिन तक पूछताछ करें तो सच्चाई अपने आप सामने आ जाएगी।”

केजरीवाल ने कहा, “अमित शाह कहते हैं कि सोनिया जी प्लीज आप हमें बताएं कि किन लोगों ने रिश्वत ली। मनोहर पर्रिकर कहते हैं कि सोनियाजी प्लीज आप हमें रिश्वत लेने वालों के नाम बताएं। क्या इस तरह से कोई पूछताछ की जाती है? यदि आप पहले ही यह बता देते कि आप दोनों (कांग्रेस और भाजपा) की मिलीभगत है तो कोई आपको वोट नहीं देता।”

उन्होंने कहा कि दोनों पार्टियों के पास एक दूसरे के ‘राज’ हैं। उन्होंने दावा किया कि मोदी की डिग्रियों के बारे में सूचना उन्हें गुजरात से कांग्रेस के नेताओं द्वारा दी गई जिन्हें पहले गांधी परिवार ने यह मुद्दा उठाने की ‘अनुमति’ नहीं दी थी।

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