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नजीब जंग से केजरीवाल का निवेदन: डीईआरसी प्रमुख की नियुक्ति रद्द करने पर फिर करें विचार

दिल्ली के मुख्यमंत्री ने विद्युत नियामक इकाई के अध्यक्ष के रूप में सैनी की निुयक्ति रद्द करने का फैसला वापस लेने का व्यक्तिगत तौर पर आग्रह करने के लिए जंग से मुलाकात करने की भी पेशकश की है।
Author नई दिल्ली | September 23, 2016 18:57 pm
दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग। (फाइल फोटो)

मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने शुक्रवार (23 सितंबर) को दिल्ली के उपराज्यपाल नजीब जंग से आग्रह किया कि वह दिल्ली विद्युत नियामक डीईआरसी के अध्यक्ष के रूप में कृष्ण सैनी की नियुक्ति को रद्द करने के अपने फैसले पर जनहित में पुनर्विचार करें। उन्होंने कहा कि आप सरकार ने चयन प्रक्रिया के दौरान सभी निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन किया। जंग को लिखे 27 पन्नों के अपने पत्र में केजरीवाल ने कहा कि सैनी की नियुक्ति को रद्द किए जाने से बिजली क्षेत्र के लिए केवल ‘गंभीर समस्याएं’ ही उत्पन्न होंगी और उपभोक्ताओं पर इसका काफी प्रतिकूल असर पड़ेगा जो उपराज्यपाल का ‘इरादा’ नहीं रहा होगा।

दिल्ली के मुख्यमंत्री ने विद्युत नियामक इकाई के अध्यक्ष के रूप में सैनी की निुयक्ति रद्द करने का फैसला वापस लेने का व्यक्तिगत तौर पर आग्रह करने के लिए जंग से मुलाकात करने की भी पेशकश की है। केजरीवाल ने पत्र में कामकाज चलाने के नियमों का उल्लेख किया और कहा कि सैनी को नियुक्त करते समय सभी निर्धारित नियमों का पालन किया गया। उन्होंने कहा, ‘जनहित को ध्यान में रखते हुए समूची चयन प्रक्रिया एक निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से की गई और कानून का पूरा पालन किया गया। प्रक्रिया में रत्ती मात्र भी दुर्भावना, पक्षपात या अनियमितता नहीं है।’

उपराज्यपाल कार्यालय ने सोमवार को कहा था कि सैनी को मार्च में जंग की मंजूरी (जो कि नियमों और प्रक्रियओं के तहत जरूरी है) के बिना दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (डीईआरसी) के शीर्ष पद पर नियुक्त किया गया था। केजरीवाल ने कहा कि क्योंकि आप सरकार ने उपराज्यपाल को शहर प्रशासन का प्रमुख ठहराए जाने के उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती दी है और मामला विचाराधीन है, इसलिए उच्चतम न्यायालय के अंतिम आदेश का इंतजार करना उचित होगा। केजरीवाल सरकार ने डीईआरसी का अध्यक्ष चुनने के लिए इस साल एक चयन समिति गठित की थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि समिति के प्रमुख उच्च न्यायालय के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश थे और केंद्रीय विद्युत नियामक (सीईआरसी) के अध्यक्ष तथा मुख्य सचिव सदस्य के रूप में शामिल थे ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि समिति द्वारा सुझाए गए दो नामों पर विचार किया गया और सैनी की अंतिम नियुक्ति के लिए उचित फैसला लिया गया। केजरीवाल ने कहा कि चयन समिति के नियुक्ति आदेश और अध्यक्ष की नियुक्ति से संबंधित आदेश…दोनों की प्रतियां उपराज्यपाल को भेजी गई थीं। तब न तो कोई आपत्ति जताई गई थी और न ही जंग ने कोई संबद्ध फाइल मांगी थी। उन्होंने कहा, ‘मैं उपराज्यपाल से आग्रह करूंगा कि वह जनहित में अपने आदेश की समीक्षा करें।’ मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि क्योंकि सैनी विद्युत नियामक इकाई के अध्यक्ष बने, जनहित में कई फैसले किए गए जिनमें गैर निर्धारित बिजली कटौती पर जुर्माना लगाना भी शामिल है।

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