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अरविंद केजरीवाल की वकालत नहीं करेंगे राम जेठमलानी? कोर्टरूम में अरुण जेटली पर की थी टिप्‍पणी

मानहानि के एक मामले में अरविंद केजरीवाल बुरी तरह फंसे हुए हैं।

अरुण जेटली (बाएं) ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल एवं अन्य पांच आप नेताओं पर मानहानि का मुकदमा दायर किया है।

दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने राम जेठमलानी को अपने वकील के काम से मुक्‍त कर दिया है। हालांकि दिल्‍ली के उप-मुख्‍यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा है कि ‘हमने तो नहीं हटाया है।’ दरअसल, मानहानि के एक मामले में अरविंद केजरीवाल बुरी तरह फंसे हुए हैं। वित्‍त मंत्री अरुण जेटली द्वारा उनपर मान‍हानि का एक मुकदमा पहले से चल रहा था, मगर पिछले सप्‍ताह जेटली ने केजरीवाल के खिलाफ एक और मुकदमा दर्ज कराया था। अरुण जेटली ने मानहानि मामले में नया केस केजरीवाल के वकील रामजेठमलानी द्वारा की गई टिप्पणी के बाद दर्ज कराया है। इस मानहानि केस में जेटली ने 10 करोड़ रुपये की मांग की है। जेटली ने दिसंबर 2015 में अरविंद केजरीवाल, राघव चड्ढ़ा सहित छह आप नेताओं पर मानहानि का केस किया था। आप नेताओं ने जेटली पर आरोप लगाया था कि जेटली ने दिल्‍ली जिला क्रिकेट एसोसिएशन के अध्‍यक्ष के 13 साल के कार्यकाल में कई वित्‍तीय गड़बडि़यां कीं। इस पर जेटली ने सबूत पेश करने को कहा था। बाद में जेठमलानी ने कोर्ट में जेटली से सवाल जवाब भी किए थे। जेठमलानी ने जेटली से सवाल पूछा कि, ‘वो इस बात को समझाएं कि कैसे उनके सम्मान को पहुंचे चोट की भरपाई नहीं हो सकती और ये नुकसान मापे जाने योग्य नहीं है।’

17 मई, 2017 को कोर्ट में मुख्यमंत्री केजरीवाल की तरफ से केस लड़ रहे वकील राम जेठमलानी ने जिरह के दौरान अरुण जेटली को CROOK (बदमाश) शब्द का इस्तेमाल कर उल्लेखित किया। इस दौरान अरुण जेटली ने कहा, ‘क्या आपको इतने भद्दे शब्द का इस्तेमाल करने की मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अनुमति दी है। अगर दी है तो है मैं दस करोड़ की मानहानि वाली राशि बढ़ाने वाला हूं।’ इसके बाद जेटली ने कहा कि अपमान की भी कोई सीमा होती है।

हाईकोर्ट में जिरह के दौरान केजरीवाल के वकील राम जेठमलानी ने कहा, ‘अरुण जेटली बदमाश हैं और ये मैं दिखाउंगा।’ जेठमलानी के इन शब्दों के बाद अरुण जेटली ने इसपर कड़ा विरोध जताया और मानहानि की कीमत बढ़ाने की चेतावनी भी दी। इस दौरान जेटली ने कहा कि आप निजी जिंदगी को लेकर हमले कर रहे हैं ये ठीक नहीं है।

इस शब्द से जेटली गुस्से में आ गए और दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई। जिसके बाद कोर्ट को सुनवाई भी स्थगित करनी पड़ी। सफाई में जेठमलानी ने कहा कि उन्होंने अपने मुवक्किल केजरीवाल के कहने पर इस शब्द का इस्तेमाल किया था। हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस पर नाराजगी जताते हुए कहा था कि कोर्ट में इस तरह की हरकत नहीं होनी चाहिए। सभी दलीलें कानून के दायरे में रखी जानी चाहए।

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