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धरने पर ऐसे कट रहे दिन: तीन दिन से नहाए नहीं अरविंद केजरीवाल, चार लोगों के लिए एक टॉयलेट!

पिछले 48 घंटे से अरविंद केजरीवाल और उनकी आधी कैबिनेट उपराज्यपाल अनिल बैजल के राजनिवास के एक कमरे से काम कर रहे हैं। यह कमरा मुलाकातियों का इंतजार कक्ष है।

Author नई दिल्ली | June 14, 2018 12:00 pm
उपराज्‍यपाल अनिल बैजल के आवास पर धरने पर बैठे सीएम अरविंद केजरीवाल। (फोटो सोर्स: टि्वटर)

सौरव राय बर्मन

पिछले 48 घंटे से अरविंद केजरीवाल और उनकी आधी कैबिनेट उपराज्यपाल अनिल बैजल के राजनिवास के एक कमरे से काम कर रहे हैं। यह कमरा मुलाकातियों का इंतजार कक्ष है।इस छोटे से कमरे से वह सरकारी फाइलों को निपटा रहे हैं।फर्नीचर और सोफे पर सो रहे हैं, और सभी लोग सिर्फ एक वॉशरूम का इस्तेमाल कर रहे हैं।सिर्फ चुनिंदा स्टाफ को ही मिलने की छूट है।कर्मचारियों का एक छोटा समूह ही अरविंद केजरीवाल और उनके मंत्रियों तक जरूरी संदेश पहुंचाने से लेकर खाना-पीना उपलब्ध करा रहा।

जब सोमवार को केजरीवाल और उनके तीन कैबिनेट सहयोगी राजनिवास गए तो थो आप नेता और सरकारी अधिकारियों को लगा कि टकराव होगा। कुछ ही लोगों को पता था कि मुख्यमंत्री अनिश्चितकालीन धरना देना शुरू कर देंगे। अरविंद केजरीवाल के साथ डिप्टी सीएम मनीष सिसौदिया, मंत्री गोपाल राय और सत्येंद्र जैन राजनिवास पहुंचे। करीब साढ़े पांच बजे केजरीवाल की उपराज्यपाल अनिल बैजल के साथ मीटिंग हुई।इस दौरान मुख्य सचिव की कथित पिटाई की घटना के बाद से नौकरशाहों की हड़ताल खत्म कराने की बात को लेकर मुख्यमंत्री और उपराज्यपाल के बीच बहस हुई।

राजनिवास की ओर से जारी बयान के मुताबिक केजरीवाल ने उपराज्यपाल को धमकी दी, इससे नाराज होकर वह मीटिंग छोड़कर चले गए। इस पर केजरीवाल मंत्रियों समेत आगंतुक कक्ष में धरना शुरू कर दिए।सूत्रों ने बताया कि आम आदमी पार्टी के चारों नेता पिछले तीन दिन से बिना नहाए धरने पर जमे हैं। वजह कि इसकी कोई सुविधा नहीं है।उन्हें पार्टी नेताओं ने टूथ-ब्रश आदि पहुंचाया था।जिससे दांत आदि साफ कर पा रहे। पार्टी के एक सूत्र का कहना है कि सत्येंद्र जैन ने मंगलवार(12 मई) से भूख हड़ताल शुरू की, जिससे अगले दिन सिसौदिया भी जुड़ गए। एक सूत्र ने बताया कि सभी मंत्री सोशल मीडिया पर अपना अधिकांश समय बिता रहे हैं।सोने में हालांकि दिक्कतें हो रहीं है। गोपाल राय की पीठ में पहले से समस्या है, इस नाते उन्हें सोने में कुछ ज्यादा ही समस्या हो रही है।इन दिक्कतों के बावजूद मंत्री धरने पर जमे हुए हैं। उनका कहना है कि जब तक एलजी के हस्तक्षेप पर अफसर हड़ताल छोड़कर काम पर नहीं लौट जाते, तब तक धरना जारी रहेगा।

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