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वातानुकू्लित प्रदर्शनः सोफे पर धरना और घर का खाना

यह बात सही है कि पहली बार दिल्ली का कोई मुख्यमंत्री और उसके मंत्रिमंडल के सहयोगी राजनिवास में धरने पर डटे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए धरना कोई नई बात नहीं है।

Author नई दिल्ली, 12 जून। | June 13, 2018 6:36 AM
एलजी के घर धरने पर बैठे अरविंद केजरीवाल और उनके कैबिनेट सहयोगी। (image source-PTI)

अजय पांडेय

यह बात सही है कि पहली बार दिल्ली का कोई मुख्यमंत्री और उसके मंत्रिमंडल के सहयोगी राजनिवास में धरने पर डटे हैं, लेकिन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के लिए धरना कोई नई बात नहीं है। मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने जनवरी की कड़ाके की ठंड में रेल भवन पर धरना दिया और सड़क पर रजाई ओढ़कर सोए। इससे पहले भी वे जान जोखिम में डालकर अनशन और धरने कर चुके हैं। फर्क सिर्फ इतना है कि इस बार धरना देने के लिए उन्हें राजनिवास का वातानुकूलित कमरा और सोने के लिए गद्देदार सोफा मिला हुआ है। इतना ही नहीं, भोजन भी बगल में स्थित उनके सरकारी निवास से आ जा रहा है और डॉक्टरों की पूरी फौज उनके मंत्रियों की सेहत की देखभाल कर रही है। राजनिवास अपने इन खास मेहमानों की खातिरदारी में मुस्तैदी से जुटा है।

राजनिवास के अधिकारियों की मानें तो मुख्यमंत्री और उनके सहयोगियों की सुविधा का पूरा खयाल रखा जा रहा है। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि उन्हें किसी भी तरह की तकलीफ न होने पाए। उनके स्वास्थ्य की जांच के लिए डॉक्टरों की टीम तैनात है। डायबिटीज के मरीज मुख्यमंत्री केजरीवाल को मंगलवार को इंसुलिन दी गई और उन्होंने घर का बना खाना ही खाया। केजरीवाल ने उपराज्यपाल कार्यालय से सुबह 6:27 बजे ट्वीट कर कहा, मेरे प्यारे दिल्लीवासियों, शुभ प्रभात। संघर्ष जारी है। विधायकों की ओर से कार्यकर्ताओं को राजनिवास और मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर कूच करने का निर्देश दिया गया, लेकिन राजनिवास पर पार्टी कार्यकर्ताओं की कोई भीड़भाड़ नहीं दिखाई पड़ी।

राजनिवास जाने वाले सभी रास्तों पर बैरिकेडिंग की गई थी और वहां भारी संख्या में पुलिस बल तैनात था। सनद रहे कि मुख्यमंत्री केजरीवाल ने उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और कैबिनेट सहकर्मी सत्येंद्र जैन व गोपाल राय के साथ सोमवार शाम उपराज्यपाल बैजल से मुलाकात की थी। उन्होंने यह मांग की कि आइएएस अधिकारियों को हड़ताल खत्म करने का निर्देश दिया जाए और चार महीने से जो अधिकारी काम अटकाकर बैठे हैं, उन्हें सजा दी जाए। उन्होंने उपराज्यपाल से यह भी कहा है कि उनकी सरकार की ‘डोर स्टेप डिलिवरी ऑफ राशन’ योजना के प्रस्ताव को मंजूरी दी जाए।

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