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अरुणाचल में चीन सीमा के साथ कोई ‘सीमा हाट’ नहीं: केंद्र

अरुणाचल प्रदेश में चीन के साथ लगती सीमा पर हाट स्थापित करने की इरिंग की मांग पर किरण रिजिजू ने कहा कि दूसरे देश को इसके लिए विश्वास में लेना जरूरी है।
Author नई दिल्ली | May 11, 2016 03:30 am
लोकसभा में गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू। (पीटीआई फोटो)

पड़ोसी देशों के साथ लगती सीमाओं पर द्विपक्षीय कारोबार के लिए ‘सीमा हाट’ बनाने की मांग के बारे में केंद्र सरकार ने मंगलवार (10 मई) को लोकसभा में बताया कि इसके लिए संबंधित सीमावर्ती पड़ोसी देश को विश्वास में लेना जरूरी होता है और अरुणाचल प्रदेश में चीन की सीमा के साथ इस प्रकार के व्यापार केंद्र स्थापित करने की कोई योजना नहीं है।

गृह राज्य मंत्री किरेन रिजिजू ने लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस के निनोंग इरिंग के सवालों के जवाब में बताया कि अपने देश के भीतर एअरपोर्ट और बंदरगाह आसानी से बनाए जा सकते हैं, लेकिन किसी पड़ोसी देश के साथ ‘लैंड पोर्ट’ तब तक नहीं बनाया जा सकता जब तक कि संबंधित देश से बात नहीं कर लेते। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कारोबार या सीमाई हाट के लिए पड़ोसी देश के साथ संबंध अच्छा होना पहली शर्त है। अगर जबरदस्ती इस प्रकार के हाट स्थापित किए जाएंगे तो व्यापार कैसे होगा।

अरुणाचल प्रदेश में चीन के साथ लगती सीमा पर हाट स्थापित करने की इरिंग की मांग पर उन्होंने कहा कि दूसरे देश को इसके लिए विश्वास में लेना जरूरी है। इस समय सिक्किम में नाथूला में चीन के साथ भारत की व्यापार हाट है। रिजिजू ने बताया कि इस समय भारत-बांग्लादेश सीमा पर चार सीमावर्ती हाट बाजार हैं जिनमें दो मेघालय में और दो त्रिपुरा में चल रहे हैं। उन्होंने साथ ही बताया कि भारत और बांग्लादेश की सरकारों ने छह और सीमावर्ती हाटों दो त्रिपुरा में और चार मेघालय में स्थापित करने की मंजूरी दे दी है। मंत्री ने बताया कि भारत-म्यांमा सीमा पर कोई हाट नहीं है।

एक अन्य सवाल के जवाब में रिजिजू ने बताया कि देश में दमकल केंद्रों की 65 फीसदी की कमी है। उन्होंने बताया कि देश में 8559 दमकल केंद्रों की तुलना में 2987 दमकल केंद्र उपलब्ध हैं जो 65 फीसदी की कमी दर्शाता है। रिजिजू ने बताया कि भारत सरकार द्वारा गठित स्थायी अग्निशमन सलाहकार परिषद (एसएफएसी) ने देश में दमकल केंद्रों, उपकरण, जनशक्ति और दमकल वाहनों आदि के प्रावधान के लिए कुछ मापदंड निर्धारित किए हैं। इन मापदंडों को ध्यान में रखते हुए मैसर्स रिस्क मैनेजमेंट सोल्यूशन इंक (आरएमएसआइ) ने देश में आग और जोखिम आपदा का विश्लेषण किया और उनकी रिपोर्ट के अनुसार देश में 8559 दमकल केंद्रों की आवश्यकता की तुलना में 2987 दमकल केंद्र उपलब्ध हैं जिससे 65 फीसदी की कमी का पता चलता है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने एक केंद्रीय प्रायोजित योजना के तहत राज्यों और संघ शासित प्रदेशों को अग्नि व आपातकालीन सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए वर्ष 2009 से 2013 के बीच 176.56 करोड़ रुपए की राशि मुहैया कराई थी।

डा. के गोपाल और आर वनरोजा के सवाल के जवाब में गृह राज्यमंत्री हरिभाई परथीभाई चौधरी ने बताया कि भारत में यौन अपराधी रजिस्ट्री की स्थापना करने का मसौदा दिशानिर्देश विभिन्न मंत्रालयों एवं संगठनों के परामर्श से तैयार किया जा रहा है जिसमें बलात्कार, घूरना, पीछा करना और आक्रामक तरीके से यौन हमला करने जैसे अपराध शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यौन अपराधि रजिस्ट्री की स्थापना करने के लिए मंत्रालयों व संगठनों के परामर्श के बाद मसौदा दिशानिर्देशों को राज्य सरकारों एवं आम लोगों के साथ व्यापक परामर्श के लिए रखा जाएगा। उ

न्होंने कहा कि शुरुआती परामर्श मसौदे में बलात्कार, घूरना, पीछा करना और आक्रामक तरीके से यौन हमला करने जैसे अपराधों के दोषसिद्ध व्यक्तियों का पंजीकरण शामिल है और इसमें 18 वर्ष से कम और अधिक उम्र के अपराधियों के पंजीकरण की संभावना है। प्रस्तावित मसौदा दिशानिर्देशों के अनुसार अपराधी से संबंधित विस्तृत सूचना एकत्र की जाएगी। इसमें अन्य चीजों के साथ-साथ नाम और उपनाम, छद्मनाम, बातचीत से पहचाने जाने वाले नाम, टेलीफोन नंबर, अस्थायी आवास की सूचना सहित पता, यात्रा व आप्रवासन संबंधी दस्तावेज, रोजगार संबंधी सूचना, वाहन सूचना, जन्मतिथि, आपराधिक इतिहास, अद्यतन फोटो, उंगली एवं हथेली के छाप, डीएनए नमूने, ड्राइविंग लाइसेंस, पहचान पत्र, पैन कार्ड, आधार संख्या, मतदाता पहचान संख्या आदि का ब्योरा शामिल होगा।

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