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एअर इंडिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फ्लाइट रिकॉर्ड की जानकारी देने से किया इनकार, कहा- हमें अनुमति नहीं

प्रधानमंत्री कार्यालय ने मेल में कहा, ‘‘प्रधानमंत्री की उड़ानों के रिकॉर्ड में कुछ ऐसी सूचनाएं होती हैं जिनसे सुरक्षा संबंधी दिक्कतें आ सकती हैं। इस कारण इनका खुलासा नहीं किया जा सकता है। अत: एअर इंडिया को सलाह दी जाती है कि प्रधानमंत्री के विमान से संबंधित आरटीआई आवेदन के जवाब में ये जानकारियां नहीं दी जाए।’’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (पीटीआई फोटो)

प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं से जुड़ी उनकी चार्टर्ड उड़ानों के रिकॉर्ड की जानकारी आरटीआई के तहत नहीं दी जा सकती है। ऐसा सुरक्षा कारणों की वजह से किया जाता है। सार्वजनिक विमानन कंपनी एअर इंडिया ने इस संबंध में आरटीआई आवेदन के जवाब में प्रधानमंत्री कार्यालय के निर्देश का हवाला देते हुए यह जानकारी दी। कमांडर (सेवानिवृत्त) लोकेश बत्रा ने दो फरवरी 2018 को दायर आरटीआई आवेदन में एअर इंडिया से जानकारी मांगी थी कि प्रधानमंत्री द्वारा विदेश यात्राओं के लिए चार्टर्ड उड़ानों के लिए नवंबर 2016 के बाद किस किस तारीख को बिल बना और इन बिलों को कब कब नागर विमानन मंत्रालय एवं विदेश मंत्रालय को भेजा गया। बत्रा के अनुसार, उन्हें केंद्रीय लोक सूचना आयुक्त से इस बारे में प्रतिक्रिया मिली कि वह मांगी गयी सूचना मुहैया नहीं करा सकते हैं। उन्हें इस संबंध में प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा एयर इंडिया को भेजा गया ई-मेल भी भेजा गया।

प्रधानमंत्री कार्यालय ने उस मेल में कहा, ‘‘प्रधानमंत्री की उड़ानों के रिकॉर्ड में कुछ ऐसी सूचनाएं होती हैं जिनसे सुरक्षा संबंधी दिक्कतें आ सकती हैं। इस कारण इनका खुलासा नहीं किया जा सकता है। अत: एअर इंडिया को सलाह दी जाती है कि प्रधानमंत्री के विमान से संबंधित आरटीआई आवेदन के जवाब में ये जानकारियां नहीं दी जाए।’’ अभी यह स्पष्ट नहीं हो पया है कि आखिर पीएमओ को 2016 में इस तरह का ईमेल लिखने की जरूरत क्यों आ पड़ी थी।

बता दें कि आरटीआई कानून का सेक्शन- 8(1)(g) इस तरह की कोई भी जानकारी को उजागर करने से रोकता है जिससे किसी भी व्यक्ति की जिंदगी या फिर उसकी सुरक्षा को खतरा हो। बत्रा ने अपने आरटीआई आवेदन में कहा था कि ऐसा देखा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेश यात्राओं से जुड़े चार्टर्ड फ्लाइट्स के बिल को पास करने में देर किया जाता है, जबकि दूसरी ओर एअर इंडिया को टैक्स पेयर्स के पैसे से बेलआउट पैकेज दिया जाता है। एअर इंडिया का जवाब पाने के बाद बत्रा ने फिर से लिखा है कि स्पष्ट कारणों और कानूनी प्रावधानों का हवाला दिये बिना ऐसी सूचनाओं को नहीं देने का कोई प्रावधान नहीं है।

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