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मास्क पहनने की अनिवार्यता खत्म करने पर सहमति

दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की पिछले महीने हुई बैठक में वैश्विक कोरोना महामारी के मद्देनजर कुछ जरूरी फैसले किए गए हैं।

मास्क पहनने की अनिवार्यता खत्म करने पर सहमति
सांकेतिक फोटो।

इस दौरान मास्क पहनने की अनिवार्यता को खत्म करने और नियमों के उल्लघंन पर जुर्माने की कार्रवाई को हटाने पर सहमति बनी है। साथ ही बैठक में दिल्ली में चल रहे तीन बड़े कोविड देखभाल केंद्रों को फिलहाल बंद करने का फैसला किया गया है।

डीडीएमए की बैठक में शहर में बचे तीन ‘कोविड देखभाल केंद्र’ बंद करने और उसकी जमीन खाली करने की अनुमति दे दी गई।डीएमए ने राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 संबंधी स्थिति पर चर्चा करने के लिए 22 सितंबर को एक बैठक की थी। दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने इस बैठक की अध्यक्षता की थी। बैठक में डीडीएमए ने छतरपुर में राधास्वामी सत्संग और बुराड़ी में सावन कृपाल और संत निरंकारी की भूमि पर बनाए गए ‘कोविड देखभाल केंद्रों’ को बंद करने और उनकी जमीन खाली करने की अनुमति दी।

चिकित्सकीय उपकरणों को उन अस्पतालों को देने का निर्देश दिया गया, जहां इनकी जरूरत है। राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने के कारण शहर में 11 ‘कोविड देखभाल केंद्र’ बनाए गए थे। इनमें से एक केंद्र सरकार और बाकी दस दिल्ली सरकार द्वारा संचालित किए जाते थे। संक्रमण के मामले कम होते देख इन तीन के अलावा बाकी केंद्र पहले ही बंद कर दिए थे।

बैठक में दिल्ली के उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने संबंधित संगठनों को जमीन सौंपने के लिए अपनी मंजूरी दे दी है, लेकिन जोर देकर कहा कि उपकरणों के संबंध में एक उचित सूची तैयार की जानी चाहिए। सक्सेना ने कहा कि उपकरणों के सुरक्षित भंडारण की उचित योजना भी तैयार की जाए।

मास्क हटाने को लेकर हुई बहस

उपराज्यपाल वीके सक्सेना की अध्यक्षता में हुई बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि कोविड से निपटने के वास्ते उचित व्यवहार के लिए मास्क पहनना जरूरी है, लेकिन मास्क पहनने की अनिवार्यता संबंधी नियम को महामारी अधिनियम के तहत 30 सितंबर से आगे नहीं बढ़ाया जा सकता है। नीति आयोग के सदस्य डा वीके पाल ने निगरानी को जरूरी बताया। स्वास्थ्य विभाग मास्क नहीं पहनने पर 500 रूप के जुर्माने को हटाने के संबंध में एक अधिसूचना जारी कर सकता है।

आपदा प्रबंधन के विशेष कार्यकारी अधिकारी सुशील सिंह द्वारा बैठक के संबंध में जारी की गई जानकारी के अनुसार, मास्क पहनने की अनिवार्यता हटाने के निर्णय को लेकर बैठक में लोगों अलग-अलग राय थी। दिल्ली के मुख्य सचिव नरेश कुमार ने कहा था कि मौजूदा स्थिति ‘सहज’ है लेकिन इसके नए-नए स्वरूप सामने आते रहते हैं इसलिए लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। स्वास्थ्य मंत्रालय ने 26 सितंबर से 31 दिसंबर के बीच देश में कई त्योहार होने के मद्देनजर सावधानी बरतने की सलाह दी है।

एनडीएमए के सदस्य डा राजेंद्र सिंह ने सुझाव दिया कि 15 नवंबर तक मास्क पहनना जारी रखा जाए। दिल्ली पुलिस आयुक्त ने मास्क पहनने की अनिवार्यता के संबंध में स्पष्ट निर्देश देने को कहा। मुख्य सचिव ने सुझाव दिया कि अब एक स्व अनुशासन प्रणाली लागू करना चाहिए क्योंकि जनता अब अपनी जिम्मेदारियों से अच्छी तरह वाकिफ है।

राजस्व मंत्री कैलाश गहलोत ने भी मास्क पहनने के नियम में ढील देने की बात कही। बैठक में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी उपस्थित थे। वहीं, उप राज्यपाल ने कहा कि दिल्ली टीकाकरण अभियान में अब भी बेहतर कर सकता है। बैठक के दौरान साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, शहर में 20 सितंबर तक केवल 31.49 लाख लोगों ने एहतियाती खुराक ली थी, जबकि इसे लेने के लिए कुल 1.33 करोड़ लोग पात्र हैं।

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First published on: 06-10-2022 at 08:45:23 am
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