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स्टेनोग्राफर मामले के बाद न्यायाधीश ने बनाया ‘टाइम टेबल’, कर्मचारियों को कहा – सुबह ठीक दस बजे पहुंच जाओ

न्यायाधीश ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश को इस मामले से अवगत करा दिया है ताकि वह स्टेनोग्राफर के खिलाफ उचित कार्रवाई कर सकें।

Author June 2, 2017 14:05 pm
साकेत कोर्ट ने अदालत के कर्मचारियों के लिए टाइम टेबल बनाया है। (संकेतात्मक तस्वीर)

साकेत जिला अदालत के न्यायाधीश ने अदालत के कर्मचारियों को निर्देश दिया कि वे प्रतिदिन सुबह ठीक दस बजे पहुंच जाया करें और शाम पांच बजे तक मौजूद रहें जब तक कि अदालत की कार्यवाही चलती है। साकेत अदालतों के जिला एवं सत्र न्यायाधीश का यह परिपत्र उस घटना की पृष्ठभूमि में आया है जिसमें एक महिला स्टेनोग्राफर कार्यवाही बीच में ही छोड़कर चली गई थी। जब महिला गई तब तीस हजारी की विशेष अदालत वीडियो कॉन्फ्रेंसिग के जरिए सबूत दर्ज कर रही थी।

अदालत कर्मचारियों को दिए कड़े संदेश में जिला न्यायाधीश ने कहा है कि वे ठीक 10 बजे अदालत पहुंच जाएं और पांच बजे या पीठासीन अधिकारी के मौजूद रहने तक, इसमें से जो भी देर से हो, तब तक मौजूद रहें। परिपत्र में जिला न्यायाधीश (दक्षिण पूर्वी जिला) गिरीश कठपालिया ने अदालत के कर्मचारियों की कमी के मद्देनजर कुछ निर्देश जारी कर उनके कड़ाई से पालन का आदेश दिया।

गौरतलब है कि यह घटना पिछले हफ्ते हुई जब तीस हजारी कोर्ट में भ्रष्टाचार के मामलों की सुनवाई चल रही थी, तभी एक स्टेनोग्राफर शाम चार बजकर 25 मिनट पर उठ खड़ी हुई और कहा कि वह जाना चाहती है क्योंकि उसकी कैब बाहर इंतजार कर रही है। जब न्यायाधीश ने उसे याद दिलाया कि अदालत के काम करने का समय अभी खत्म नहीं हुआ है तो उसने कहा कि जाने से पहले जब तक वह अधीक्षक के दफ्तर में हाजिरी दर्ज करेंगी, तब तक पांच बज जाएंगे। न्यायाधीश ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश को इस मामले से अवगत करा दिया है ताकि वह स्टेनोग्राफर के खिलाफ उचित कार्रवाई कर सकें।

न्यायालय ने कहा, ‘‘न्यायिक गरिमा बरकरार रखने के लिए अदालत की अवमानना की कार्यवाही शुरू की जा सकती थी, लेकिन न्यायिक संयम बरकरार रखने की खातिर इस अदालत ने यह विकल्प नहीं चुना और मामले की जानकारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश को देना उचित समझा।’’

न्यायाधीश ने अपने लिखित आदेश में कहा, ‘‘इस बात का जिक्र करना वाजिब है कि दूसरे स्टेनोग्राफर की व्यवस्था के लिए अदालत को 5-10 मिनट इंतजार करना पड़ा। स्टेनोग्राफर की ओर से किए गए तमाशे ने ऐसी छवि पेश की जैसे कार्यवाही को हाईजैक कर लिया गया हो और फिर उसे रोकना पड़ा।’’

देखिए वीडियो - हाईकोर्ट के जज के खिलाफ पहली बार सुप्रीम कोर्ट ने शुरु किया अवमानना का मामला

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