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नया मंत्रालय संभालते ही CM अरविंद केजरीवाल ने विपश्यना के लिए ली 10 दिनों की छुट्टी, जाएंगे महाराष्ट्र

दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल पहले भी विपश्यना के लिए जाते रहे हैं।

योग करते दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल नए मंत्रालय का चार्ज संभालने के बाद विपश्यना के लिए 10 दिनों की छुट्टी पर जा रहे हैं। विपश्यना के लिए वे रविवार से महाराष्ट्र के नासिक जाएंगे। उनकी गैर-मौजूदगी में दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया उनका कामकाज देखेंगे। केजरीवाल काफी दिनों से विपश्यना कर रहे हैं। उनका कहना है कि ध्यान करने से उन्हें तनाव की स्थिति से बाहर निकलने में मदद मिलती है। इससे पहले वे साल 2016 में पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव से पहले हिमाचल प्रदेश में ध्यान के लिए गए थे। वहीं तीन साल पहले लोकसभा चुनाव के प्रचार के बाद भी वे विपश्यना के लिए गए थे। इसके एक साल बाद फरवरी 2015 में आम आदमी पार्टी ने पूर्ण बहुमत से दिल्ली विधानसभा चुनाव जीता था।

विपश्यना में कड़े नियमों का पालन किया जाता है। इस दौरान शिविर में किसी से बात करने की मंजूरी नहीं होती। ध्यान के दौरान साधक का अपने डेली की रूटीन, परिवार और दुनिया से कोई संबंध नहीं होता। इस दौरान आपको मोबाइल, टीवी, अखबार या अन्य ऐसे संसाधन इस्तेमाल करने नहीं करने दिया जाता है। इसके अलावा अरविंद केजरीवाल प्राकृतिक चिकित्सा पर भी काफी भरोसा करते हैं। वे अपनी बीमारियों के लिए प्राकृतिक चिकित्सा की कई बार मदद लेते रहे हैं।

बता दें, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अब तक कोई भी विभाग अपने पास नहीं रखा था, लेकिन अब वे जल मंत्रालय खुद संभालेंगे। फिलहाल यह विभाग राजेंद्र पाल गौतम के पास है, जिन्हें तीन महीने पहले केजरीवाल मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था।  गौतम को यह मंत्रालय कपिल मिश्रा को हटाने के बाद दिया गया था। सूत्रों के मुताबिक केजरीवाल गौतम के काम से खुश नहीं थे। हालांकि, गौतम के मुताबिक, जल बोर्ड के शीर्ष अधिकारियों के उनके साथ असहयोगात्मक रवैये के कारण केजरीवाल ने यह फैसला किया है। गौतम ने जल बोर्ड में फैले भ्रष्टाचार की ओर भी इशारा किया है।

गौतम ने कहा था, ‘जल बोर्ड की समस्याएं कम करने में लगा हूं तेजी से, लेकिन वरिष्ठ स्तर के अधिकारियों का जो सहयोग मिलना चाहिए वो नहीं मिल रहा है। उनका ध्यान लोगों की पानी की समस्या खत्म हो इस पर कम और बड़े-बड़े प्रोजेक्ट पास हो जाएं, इस पर ज्यादा रहता है।’

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