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डीयू: राष्ट्पति के कैंपस में आने के बाद नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी

18 नवंबर को डीयू के दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे। इस दौरान डीयू के शिक्षकों ने रोजगार अधिकार शृंखला बनाकर खाली पड़े पदों पर तत्काल स्थायी नियुक्ति के लिए महामहिम से अपील की थी।

Author नई दिल्ली | November 23, 2017 04:10 am
दिल्ली विश्वविद्यालय।

दीक्षांत संबोधन में पहुंचे राष्ट्रपति के निर्देश के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) प्रशासन ने स्थायी नियुक्ति की प्रक्रिया को गति दे दी है। हालांकि कई शिक्षक गुट ने इसे नाकाफी और अदालत में बचाव का हथकंडा बताया है। बहरहाल ज्यादातर तदर्थ शिक्षकों में इसे लेकर खुशी है।  सनद रहे कि 18 नवंबर को डीयू के दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे थे। इस दौरान डीयू के शिक्षकों ने रोजगार अधिकार शृंखला बनाकर खाली पड़े पदों पर तत्काल स्थायी नियुक्ति के लिए महामहिम से अपील की थी। शिक्षकों की मांग वाली तख्तियां गले में लटकी देख राष्ट्रपति ने समाधान का निर्देश दिया था। इसके तुरंत बाद विश्वविद्यालय हरकत में आया। समारोह के उपरांत कार्य दिवस के 48 घंटे के भीतर विश्वविद्यालय ने कॉलेजों को पत्र जारी कर बताया है कि स्थायी नियुक्ति के संबंध में सभी आवेदकों की विषयवार सूची शीघ्र ही कॉलेजों को भेज दी जाएगी।

21 नवंबर को दिल्ली विश्वविद्यालय के सहायक कुलसचिव ने कॉलेजों के प्राचार्य को पत्र भेजकर यह भी निर्देश दिया कि केंद्रीय सूची में जिन आवेदकों ने उनके कॉलेज में सहायक प्रोफेसर के पद के लिए आवेदन किया है वे उनकी सूची तैयार करें। इसके अलावा वे यूजीसी की ओर से निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार न्यूनतम योग्यताएं रखने वाले आवेदकों की सूची भी तैयार रखें। इतना ही नहीं संस्थानों को विषयवार एक्सपर्ट, एससी-एसटी-ओबीसी, अल्पसंख्यक, महिला प्रतिनिधि कोटे के लिए पर्यवेक्षक की एक सूची भी तैयार रखने के लिए कहा गया है। ताकि नियम के तहत विश्वविद्यालय पर्यवेक्षक की नियुक्ति करें।विद्वत परिषद के सदस्य हंसराज सुमन ने इसे साकारात्मक कदम बताया और कहा-दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेजों में सहायक प्रोफेसर के पदों की नियुक्ति के लिए विभिन्न विषयों की स्क्रीनिंग को अपडेट कर सार्वजनिक करने के बावजूद प्रक्रिया सुस्त थी। लेकिन 18 नवंबर को राष्ट्रपति के निर्देश के बाद इसमें गति देखी गई। माना जा रहा कि सालों से रुकी स्थायी भर्ती जल्द शुरू हो जाएगी। इसे लेकर तदर्थ शिक्षकों में सकून और खुशी है। फिलहाल विश्वविद्यालय ने 13 विषयों की स्क्रीनिंग लिस्ट जारी की है। उम्मीदवार अपना नाम वेबसाइट पर जाकर आवेदन की जांच व दस्तावेज को अपलोड कर सकते हैं। इंटेक के शिक्षक नेता प्रो अश्विनी शंकर ने कहा- पहल अच्छी है लेकिन यह तभी रंग लाएगी जब सालों ले पढ़ा रहे तभी तदर्थों का स्थायी समायोजन किया जाए।

 

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