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दिल्ली: आध्यात्मिक विश्वविद्यालय में यौन शोषण, लड़कियों को गुलाम बनाकर रखता था बाबा वीरेन्द्र देव

Virendra Dev Dixit, Adhyatmik Vishwavidyalaya Rohini Ashram: जांच दल के मुताबिक विष्वविद्यालय में लड़कियों को लोहे की मजबूत सलाखों के पीछे जानवरों की तरह बांधकर रखा जाता है।
दिल्ली हाई कोर्ट ने उत्तरी दिल्ली के विजय विहार में चल रहे आध्यात्मिक विश्वविद्यालय और उसके संस्थापक वीरेन्द्र देव दीक्षित के खिलाफ सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं। (फोटो-PTI)

दिल्ली हाई कोर्ट ने उत्तरी दिल्ली के रोहिणी विजय विहार में चल रहे आध्यात्मिक विश्वविद्यालय और उसके संस्थापक वीरेन्द्र देव दीक्षित के खिलाफ सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं। कोर्ट ने पाया है कि इस विश्वविद्यालय में लड़कियों को बंधक बनाकर रखा गया है और कई तरह के अनैतिक काम किए जाते हैं। कई लोगों ने आरोप लगाया है कि बाबा यहां बंधक बना कर रखी गईं लड़कियों से दुष्कर्म करता है। एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर हो रहा है, जिसमें एक स्थानीय महिला आरोप लगा रही है कि उसकी लड़की घर से आठ लाख रुपये लेकर भाग गई और इस आश्रम में चली आई। बतौर महिला जब उसने अपनी लड़की से मिलने की कोशिश की तो उसे महीं मिलने दिया गया। महिला ने आरोप लगाया कि इस आश्रम में नशाखुरानी गिरोह चलता है। उसने कहा कि आश्रम से बड़ी मात्रा में कंडोम और नशीली इंजेक्शन और सीरिंज मिले हैं।

एक अन्य शख्स ने आपबीती सुनाते हुए कहा कि वह बाबा वीरेंद्र देव दीक्षित को भगवान समझता था, इसलिए उसके कहने पर अपनी नाबालिग बेटी को आश्रम में सौंप दिया लेकिन बाद में पता चला कि वहां गंदा काम होता है। जब उस शख्स ने अपनी बेटी से मिलना चाहा तो कई दिनों तक टाला गया। एक दिन लंबे इंतजार के बाद उसे मिलने दिया गया लेकिन बात नहीं करने दिया गया। इस बीच पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गुरुवार को 40 लड़कियों को आश्रम से आजाद कराया है।

आश्रम से सेक्स रैकेट संचालन का आरोप

मोहल्ले के लोगों का आरोप है कि इस आश्रम में जबरन दुष्कर्म और देह-व्यापार का धंधा चलाया जाता है। यहां अक्सर रात में लग्जरी गाड़ियां आकर रुकती हैं। कई महिलाओं को अक्सर रात में दो बजे तक आते-जाते देखा जाता है। इस बीच कोर्ट के आदेश पर दिल्ली पुलिस ने कल पहुंचकर आश्रम की तलाशी ली। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने भी इस आश्रम में पहुंचकर वहां की स्थिति का जायजा लिया।

सेक्स जेल जैसा है आध्यात्मिक विश्वविद्यालय

जांच में पता चला है कि आश्रम में एक सुंरग भी है, जिसमें पानी भर दिया गया था। पानी देखकर लग रहा था कि उसे हाल-फिलहाल में जल्दी में भरा गया है। जांच दल ने हाईकोर्ट को बताया है कि आध्यात्मिक विश्वविद्यालय में 100 से अधिक लड़कियों को बंधक बनाकर रखा गया है। उनके साथ अक्सर मारपीट की जाती है और सेक्स स्लेव जैसा व्यवहार किया जाता है। जांच दल के मुताबिक विष्वविद्यालय में लड़कियों को लोहे की मजबूत सलाखों के पीछे जानवरों की तरह बांधकर रखा जाता है। आश्रम के चारों तरफ ऊंची-ऊंची दीवारें और लोहे के जाल लगे हुए हैं, ताकि कोई भाग न सके। जांच दल के मुताबिक लड़कियों को नहाने के दौरान भी प्राइवेसी नहीं है।

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  1. K
    kushal kumar
    Dec 24, 2017 at 5:49 pm
    this Vedic astrology writer’s one of key predictions in article - “Astrologically speaking , some highlights for India in coming year 2018” - published in theindiapost on 19 October , 2017 : - “The year 2018 looks to be bringing to focus themes of political , religious or spiritual nature for a heightened or sharp analysis or discussion. Such analysis or discussion could also pave way for new enactments or judicial pronouncements having far reaching significance or value, covering issues related to women , religion and political class”. The news obviously covers , on the eve of 2018 , an issue of women reportedly kept under confinement in a claimed “spiritual university”. And that is expected to follow “ heightened discussion and analysis” in days to come in 2018. So it can be said that prediction has begun to be meaningful.
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    1. M
      manish agrawal
      Dec 22, 2017 at 8:39 am
      आसाराम बापू, रामरहीम और अब ये आध्यात्मिक विश्वविद्यालय के पापी ! हिन्दोस्तान की हुकूमत को चाहिए कि एक कानून बनाकर, ऐसे सारे आश्रम, डेरे, ठिकानों इत्यादि के वज़ूद पर सख़्त पाबंदी लगा दे ! जो भी गुरू , सन्त, बाबा , कथावाचक इत्यादि अपने भक्त या शिष्यों को अपने चरणों में समर्पित हो जाने की सलाह दे, उसको सज़ा-ए-मौत दिया जाना ही लाज़िमी है , क्योंकि इस समर्पण के ढोंग से ही महिलाओं की ईज़्ज़त और भक्तों की दौलत लूटी जाती है !
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      1. M
        manish agrawal
        Dec 22, 2017 at 8:36 am
        आसाराम बापू, रामरहीम और अब ये आध्यात्मिक विश्वविद्यालय के पापी ! हिन्दोस्तान की हुकूमत को चाहिए कि एक कानून बनाकर, ऐसे सारे आश्रम, डेरे, ठिकानों इत्यादि के वज़ूद पर सख़्त पाबंदी लगा दे ! जो भी गुरू , सन्त, बाबा , कथावाचक इत्यादि अपने भक्त या शिष्यों को अपने चरणों में समर्पित हो जाने की सलाह दे, उसको सज़ा-ए-मौत दिया जाना ही लाज़िमी है , क्योंकि इस समर्पण के ढोंग से ही महिलाओं की ईज़्ज़त और भक्तों की दौलत लूटी जाती है !
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        1. M
          manish agrawal
          Dec 22, 2017 at 8:35 am
          जितने भी ढोंगी साधू, सन्त और कथावाचक महिलाओं की ईज़्ज़त लूटते हैं, उनमे से ज्यादातर कृष्ण और गोपियों के किरदार से ही नादान महिलाओं को बहलाते, फुसलाते हैं ! राम, शिव, हनुमानजी और देवी की सात्विक इबादत में, महिलाओं की आबरू से खिलवाड़ करने का कोई स्कोप नही है ! शंकराचार्य एवं अन्य मज़हबी लीडरान को चाहिए कि कृष्ण की ईबादत सिर्फ योगेश्वर कृष्ण के स्वरूप में करने की इजाज़त दें !
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          1. A
            akhtar rock
            Dec 21, 2017 at 7:30 pm
            Aise hi babaon ki wajah se desh ka naam kharab hota hai. Sab hain. baba ban jate hai aur jab apne uper control nahi karpate to aise hi ladkiyon ko bandhak bana ke rakhte hain aur uske saath ka dhanda shuru ho jata hai. aur hamare mahan india wale padhe likhe jahil . in logon ko bhagwan samajhte hain. aur hame abhi tak yahi padhaya jata hai schools me ke muslim shashak the apni ayyashi ki wajah se desh ko ghulam karwa diya. Ab in babaon ko kya kahoge aur kuch keh bhi kaise sakte ho. hamara ghisa pita kanoon vayvastha aur politics mahan hai. koi debate hi karwa dete tv pe. magar nahi karwaoge na, ye zakir naik thode hai.
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            1. Load More Comments