ताज़ा खबर
 

दिल्ली: टोकने पर शराबी ने पूरे परिवार पर फेंका तेजाब, दो नाबालिग लड़कियां भी झुलसी

शराब पीकर एक व्यक्ति बार-बार उनके घर के सामने गली से गुजर रहा था और ताकझांक कर रहा था। वह नशे में अनाप-शनाप भी बोल रहा था।

Author नई दिल्ली | February 20, 2017 01:03 am
तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीक के तौर पर किया गया है।

पश्चिमी दिल्ली के ख्याला इलाके में शनिवार देर रात शराब पीकर गली में घूम रहे सिरफिरे को टोका गया तो उसने टोकने वाले के पूरे परिवार पर तेजाब फेंक दिया। इस हादसे में दो नाबालिग लड़कियों सहित उनके पिता झुलस गए। पीड़ित लड़कियों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपी की पहचान रघु मुखिया के रूप में हुई है। सफदरजंग अस्पताल पर पीड़ित के इलाज से मनाही करने का आरोप भी लगा है। पुलिस के मुताबिक, शनिवार देर रात तेजाब हमले का शिकार हुई लड़कियों के पिता ने शिकायत दर्ज कराई कि उन्हें परिवार को एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए ले जाना था। घर में लोग तैयारी में जुटे थे। शराब पीकर एक व्यक्ति बार-बार उनके घर के सामने गली से गुजर रहा था और ताकझांक कर रहा था। वह नशे में अनाप-शनाप भी बोल रहा था। बेटियों ने जब यह बात बताई तो शिकायतकर्ता ने शराबी को कहा कि वह ऐसा करना बंद करे और गली से दूर जाए। आरोपी फिर भी नहीं माना। इस दौरान कहासुनी भी हुई। वह वहां से चला गया।  करीब दस मिनट बाद आरोपी लौटा और दरवाजे के पास खड़ी उनकी दोनों लड़कियों पर तेजाब फेंक दिया। तेजाब की कुछ बूंदें घर के अंदर बैठे पिता पर भी पड़ीं जब तक लोग कुछ समझते आरोपी वहां से भाग निकला।
पुलिस ने पीड़ित परिवार के बताए हुलिए के आधार पर करीब 50 लोगों से पूछताछ के बाद आरोपी रघु को गिरफ्तार किया।

रघु को पीड़ित परिवार के सदस्यों ने पहचान लिया। पूछताछ में उसने बताया कि वह मूल रूप से बिहार के सीतामढ़ी का रहने वाला है। ख्याला में वह एक फैक्ट्री में काम करता है, जहां स्टील के सामान बनाए जाते हैं। यहां निर्माण के दौरान सामान की धुलाई के लिए तेजाब का इस्तेमाल होता है। रात में कहासुनी के बाद उसने फैक्ट्री से ही तेजाब चुराया था। पीड़ित लड़कियों के पिता ने पुलिस को बताया कि जब तेजाब की बूंदें शरीर पर पड़े तो ऐसा लगा मानो किसी ने जलते हुए अंगारे शरीर पर डाल दिए हों। तेज जलन से बुरा हाल था। दोनों लड़कियां चीख रहीं थीं। आसपास के लोग चीख सुनकर इकट्ठा हुए और मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। इसके बाद घायलों को निजी अस्पताल ले जाया गया।ॉ
डॉक्टरों ने लड़कियों को सफदरजंग अस्पताल इलाज के लिए भेज दिया। लड़कियों के पिता का आरोप है कि सफदरजंग अस्पताल वालों ने इन्हें भर्ती करने के बजाए कहा कि वे घर जाएं यहां बिस्तर खाली नहीं है। इसके बाद ये लोग फिर से उसी अस्पताल में दाखिल हुए जहां से इन्हें भेजा गया था। पीड़ितों का आरोप है कि इनके पास इतने पैसे नही हैं कि ये निजी अस्प्ताल का खर्च उठा सकें। हालांकि सफदरजंग अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक एके राय के मुताबिक उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है।

 

 

दिल्ली: सरकारी स्कूल में मिड डे मील में मिला मरा हुआ चूहा, बीमार पड़े 9 छात्र

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App