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रामजस विवाद: एबीवीपी ने डीयू में निकाला तिरंगा मार्च, देशद्रोह के आरोपियों के परिसर में घुसने पर प्रतिबंध की मांग

मामले को लेकर आइसा, एसएफआइ सहित तमाम वामपंथी संगठनों ने आज विरोध प्रदर्शन का एलान किया है।

Author नई दिल्ली | February 28, 2017 4:49 PM
ABVP मार्च ( File PHOTO)

रामजस कॉलेज विवाद थमने के बजाए गहराता जा रहा है। छावनी में तब्दील दिल्ली विश्वविद्यालय परिसर में सोमवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने तिरंगा मार्च निकाला और उमर खालिद सहित देशद्रोह के आरोपियों के विश्वविद्यालय परिसर में घुसने पर प्रतिबंध लगाने की मांग की। वहीं दूसरी ओर राष्ट्रवादी शिक्षक संघ के शिक्षकों ने परिषद के समर्थन में धरना दिया। मामले को लेकर आइसा, एसएफआइ सहित तमाम वामपंथी संगठनों ने आज विरोध प्रदर्शन का एलान किया है।  रामजस कॉलेज के प्रधानाचार्य राजेंद्र प्रसाद ने कॉलेज परिसर में बीते दिनों हुई हिंसा को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि हमारी छात्रों से अपील है कि विचारों का विरोध करें, लोगोंं का नहीं। अपना कार्यकाल खत्म होने के ठीक एक दिन पहले रामजस के प्रधानाचार्य ने छात्रों ने नाम एक खुला पत्र लिख कर ये बातें रखीं। सबसे लंबे समय तक कॉलेज के प्रधानाचार्य रहे प्रसाद ने पत्र में कहा कि मैं कल सेवानिवृत्त होने वाला हूं, मुझे इसके बदले में और कुछ नहीं चाहिए, मुझे चाहिए कि रामजस शांतिपूर्ण रहे और उसके लिए तय सुनहरे भविष्य की दिशा में प्रतिबद्धता से आगे बढ़े। उन्होंने यह भी कहा कि जब रामजस को तकलीफ होती है तो मेरा दिल रोता है क्योंकि रामजस को यहां तक लाने के लिए मैंने 32 वर्षों तक अपना खून, पसीना और आंसू बहाए हैं।

बताते चलें कि रामजस में जेएनयू के छात्रों उमर खालिद और शहला राशिद के विरोध की संस्कृति विषय पर बोलने के आमंत्रण को रद्द किए जाने को लेकर वामपंथ से जुड़े आइसा और आरएसएस समर्थित एबीवीपी के बीच झड़प व मारपीट हो गई थी, जिसमें कई लोग घायल हो गए थे। पिछले हफ्ते की इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए प्रसाद ने छात्रों से अनुरोध किया कि वे रामजस का नाम और छवि खराब करने वाली गतिविधियों में शामिल न हों। कॉलेज इस साल अपनी स्थापना के सौ साल पूरे होने क ा जश्न मना रहा है।
वहीं दिल्ली विश्वविद्यालय में वामपंथी छात्र संगठनों पर राष्ट्रविरोधी गतिविधियां तेज करने का आरोप लगाते हुए एबीवीपी ने सोमवार को विशाल तिरंगा लेकर रामजस कॉलेज से कला संकाय तक मार्च किया। छात्र वंदे मातरम के नारे लगाने हुए रामजस से दौलतराम व किरोड़ीमल कॉलेज सहित आसपास के कई कॉलेजों के सामने से होते हुए कला संकाय स्थित विवेकानंद की प्रतिमा के सामने पहुंचे और सभा की। इसकी अगुवाई दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) के अध्यक्ष व परिषद नेता अमित तंवर और महासचिव अंकित सांगवान व प्रिया ने की।

अमित तंवर ने कहा कि हम शांतिपूर्वक प्रदर्शन करते हुए यह मांग करते हैं कि राष्ट्रविरोधी नारे लगाने वाले उमर खालिद क ो डीयू को जेएनयू नहीं बनाने देंगे। छात्रनेता प्रिया ने कहा कि हम उनके विरोध प्रदर्शन के दौरान शांत रहेंगे, लेकिन अगर वे फिर कल कोई ऐसी हरकत करते हैं तो हम उनके खिलाफ मानव शृंखला बनाएंगे और जरूरी हुआ तो आंदोलन तेज करेंगे। अमित तंवर ने कहा कि हम शहीद की बेटी से अपील करते हैं कि वे अपने पिता के नाम को इस तरह के बयान देकर बदनाम न करें। हम जानते हैं कि गुरमेहर आइसा की कार्यकर्ता हैं, इसलिए वह ऐसा बोल रही हैं। इस बीच परिसर में राष्ट्रवादी शिक्षक संघ के बैनर तले दिल्ली विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने भी धरना दिया। इसमें शामिल डॉ संजय ने कहा कि हमारी लड़ाई सिद्धांतों की है, जिससे हम किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेंगे। धरना दे रहे शिक्षकों का कहना है कि वे अपने समर्थकों व पदाधिकारियों के साथ एबीवीपी के समर्थन में खड़े रहेंगे।

 

 

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