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खालिस्तान वाले बयान से नाराज हुई पार्टी, पंजाब के विधायक से नहीं मिले अरविंद केजरीवाल

सूत्रों के मुताबिक खैरा को आम आदमी पार्टी ने कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है। पिछले सप्ताह खैरा ने कथित रूप से कहा था, ‘‘मैं ‘सिख जनमत संग्रह 2020’ का समर्थन करता हूं क्योंकि सिखों ने जिन ज्यादतियों का सामना किया है, उनके लिए उन्हें न्याय पाने का अधिकार है।’’

Author June 21, 2018 08:33 am
पंजाब के आप विधायक सुखपाल सिंह खैरा। (फोटो-twitter)

आम आदमी पार्टी के टॉप लीडरशिप ने पंजाब के आप विधायक सुखपाल सिंह खैरा के बयान से गहरी नाराजगी जताई है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार (20 जून) को उनसे मिलने से इंकार कर दिया। सुखपाल सिंह खैरा ने पंजाब में ‘जनमत संग्रह 2020’ को कथित तौर पर समर्थन दिया था। ‘जनमत संग्रह 2020’ अमेरिका और विदेशों में बसे कट्टरपंथी सिखों का एक अभियान है, जो कथित तौर पर सिखों को न्याय दिलाना चाहता है और स्वतंत्र सिख राज्य खालिस्तान की स्थापना करना चाहता है। आप नेताओं ने बताया कि पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता खैरा आप के वरिष्ठ नेताओं से मिलने के लिए इस समय में दिल्ली में थे। उसके साथ पार्टी के आठ दूसरे विधायक भी थे। खैरा ने बाद में दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया से मुलाकात की। सिसोदिया ने खैरा की खिंचाई की और उनसे कहा कि वह अपने बयान को लेकर सफाई दें।

आप के एक नेता ने कहा , ‘‘सिसोदिया ने खैरा की खिंचाई की और उनसे कहा कि उनके जनमतसंग्रह विचार को लेकर आप का कोई लेना देना नहीं है। सिसोदिया ने उनसे यह भी कहा कि वे पंजाब पार्टी अध्यक्ष के जरिये अपना रूख समझायें।’’ सूत्रों के मुताबिक खैरा को आम आदमी पार्टी ने कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है। पिछले सप्ताह खैरा ने कथित रूप से कहा था, ‘‘मैं ‘सिख जनमत संग्रह 2020’ का समर्थन करता हूं क्योंकि सिखों ने जिन ज्यादतियों का सामना किया है, उनके लिए उन्हें न्याय पाने का अधिकार है।’’  पंजाब में कांग्रेस और भाजपा सहित विपक्षी दल इस मुद्दे पर आप को घेरने के साथ साथ खैरा को बर्खास्त करने की मांग कर रहे हैं। पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने सिख कट्टरपंथियों के अभियान का समर्थन करके ‘‘अलगाववाद का समर्थन’’ करने के लिए खैरा की कड़ी निंदा की है।

आलोचनाओं के बीच खैरा ने अमंरिंदर को जवाब देते हुए ट्वीट किया था, ‘‘मैं हैरान हूं कि आपके स्तर का एक नेता तथ्यों की जांच किये बिना मेरे खिलाफ ट्वीट कर रहा है। मैं ‘2020 का मतदाता’ नहीं हूं लेकिन मुझे सिखों के प्रति केंद्र सरकारों की लगातार भेदभाव वाली नीति की ओर ध्यान दिलाने में कोई हिचक नहीं है। चाहे वह दरबार साहेब पर हमला हो या सिखों पर अत्याचार जिससे यह ‘2020’ आया।’’ केंद्रीय मंत्री एवं शिरोमणि अकाली दल की नेता हरसिमरत कौर बादल ने मंगलवार कहा था कि अरंविंद केजरीवाल नीत आप को ‘सिख जनमतसंग्रह अभियान’ का समर्थन करने के लिए खैरा को बर्खास्त कर देना चाहिए। दिल्ली में आप नेताओं ने दावा किया कि केजरीवाल खैरा से बेहद नाराज हैं। इस बीच खैरा ने कहा है कि मीडिया ने उनके बयान को ‘‘गलत तरीके से पेश’’ किया।

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