ताज़ा खबर
 

लोगों को रुलाकर घड़ियाली आंसू बहा रहे प्रधानमंत्री: उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया

पुलिस हिरासत में लिए जाने से पहले मनीष सिसोदिया ने प्रधानमंत्री से नोटबंदी पर कई सवाल किए और आरोप लगाया कि सरकार जवाब देने के बजाए पुलिस की आड़ में छिपी है।
Author नई दिल्ली | November 23, 2016 04:44 am
डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और उनके कैबिनेट सहयोगी कपिल मिश्रा को मंगलवार को उस वक्त हिरासत में ले लिया गया जब उन्होंने केंद्र सरकार के नोटबंदी के फैसले के खिलाफ जंतर-मंतर से संसद तक रैली निकालने की कोशिश की। इसके पहले मनीष सिसोदिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूछा कि आम आदमी चैन की नींद नहीं मौत की नींद सो रहा है उसके लिए कौन जिम्मेदार है? 500 और 1000 रुपए के पुराने नोट बंद करने के केंद्र के फैसले का विरोध करने के लिए आम आदमी पार्टी (आप) ने उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के नेतृत्व में जंतर-मंतर से संसद तक रैली निकाली, जिसमें सरकार के कई मंत्री और पार्टी के नेता शामिल हुए। रैली शुरू करने से पहले सिसोदिया ने नोटबंदी के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वे लोगों को रुलाकर खुद ‘घड़ियाली आंसू’ बहा रहे हैं।

सिसोदिया ने रैली के दौरान एक सभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘मोदी ने अपनी निजी और राजनीतिक जिंदगी में जो कुछ किया है, उस वजह से हम उन्हें पसंद नहीं करते। ये नोटबंदी नहीं नोट-बदली है। कश्मीर में आतंकवादियों के पास 2000 रुपए के नोट बरामद हुए हैं। आतंकवादियों को वे नोट कहां से मिल रहे हैं? या तो आपको खामियों का पता ही नहीं है, या आप इसमें शामिल हैं।’ उन्होंने कहा, ‘मोदी ने फैसला कर लिया है कि खुद रोऊंगा और जनता को भी रुलाउंगा। जनता को आपके आंसू नहीं चाहिए, वह नोटबंदी के फैसले की वापसी चाहती है। मंच पर बैठकर रोने वाला प्रधानमंत्री देश को कमजोर बना रहा है, बात-बात पर रो देता है, हम को भी पता है आंसू घड़ियाली है, नौटंकी है।

उपमुख्यमंत्री ने कहा, ‘न तो आतंकवादियों को पैसे मिलने रुके, न ही जाली नोट बंद हुए और न ही कालाबाजारी, बंद तो गरीब लोगों की सांसें हुई हैं। देश का पीएम दिनभर कपड़े बदलता है और आम आदमी कतार में खड़ा है। सरकार के पास वन रैंक वन पेंशन मांग रहे सैनिकों को देने के लिए पैसे नहीं हैं, लेकिन उद्योगपतियों की कर्ज माफी के लिए पैसे हैं।’ पुलिस हिरासत में लिए जाने से पहले मनीष सिसोदिया ने प्रधानमंत्री से नोटबंदी पर कई सवाल किए और आरोप लगाया कि सरकार जवाब देने के बजाए पुलिस की आड़ में छिपी है।
पंजाब दौरे पर गए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की ओर से सोमवार को दिया गया नारा ‘नोट नहीं, प्रधानमंत्री बदलो’ मंगलवार की रैली खूब गूंजा। दिल्ली सरकार में श्रम मंत्री गोपाल राय ने प्रधानमंत्री को एटीएम का पीएम बताते हुए कहा, ‘प्रधानमंत्री फिर भावुक हो गए, उन्हें कोई समर्थन नहीं मिल रहा। लिहाजा, वे रो रहे हैं। अगर आम जनता के साथ होते तो रोना नहीं पड़ता। इस लड़ाई को सड़कों तक ले जाने की जरूरत है।’ हालांकि, आप की जंतर-मंतर की सभा में भीड़ अपेक्षाकृत कम रही, यह अरविंद केजरीवाल की गैर-मौजूदगी के कारण रहा या जनता के समर्थन के अभाव में यह कहना मुश्किल है। इस बीच, करीब एक घंटे की हिरासत के बाद दोनों मंत्रियों को संसद मार्ग पुलिस थाने से छोड़ दिया गया। सिसोदिया के साथ इस सभा में उनके कैबिनेट सहयोगी गोपाल राय, कपिल मिश्रा और सत्येंद्र जैन भी मौजूद थे।

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मंगलवार को उस व्यक्ति के परिवार वालों से भी मुलाकात की, जिसकी नजफगढ़ में एक बैंक के बाहर कतार में खड़े रहने के दौरान मौत हो गई थी। प्रधानमंत्री पर हमला बोलते हुए सिसोदिया ने ट्वीट किया, ‘मोदीजी, कितनी मौतों के बाद आपको अहसास होगा कि आपके लक्षित हमले के कारण गरीब लोग मर रहे हैं न कि अमीर आदमी।’ उपमुख्यमंत्री ने दावा किया कि छह घंटे कतार में खड़े रहने के बाद सतीश बेहोश हो गया और उसकी मौत हो गई।

 

 

 

वीडियो: नोट बदलने के लिए शादी के जोड़े में ही बैंक पहुंची दुल्‍हन

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.