ताज़ा खबर
 

दिल्ली: सस्पेंड होने के बाद बोले MLA देवेंद्र सहरावत- अपनी भ्रष्ट मंडली को तुष्ट करने में जुटे केजरीवाल

केजरीवाल को सोनी मिश्रा आत्महत्या मामले में आप नेताओं की भूमिका के बारे में छह महीने से जानकारी थी और दिलीप पांडे का नाम दबा दिया गया।

Author नई दिल्ली | September 13, 2016 4:02 AM
दिल्ली के बिजवासन से विधायक कर्नल देवेंद्र सेहरावत।

आप ने पंजाब के पार्टी नेताओं पर टिकट के बदले महिलाओं का शोषण करने का आरोप लगाने वाले विधायक देवेंद्र सहरावत को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निलंबित कर दिया है। पार्टी के मुताबिक, राज्य अनुशासन समिति के पास एक शिकायत आई थी उसके आधार पर यह फैसला लिया गया है।

आम आदमी पार्टी के बागी विधायक देवेंद्र सहरावत ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर हमला जारी रखते हुए आरोप लगाया है कि महिलाओं से छेड़छाड़ और लैंगिक शोषण के रिपोर्ट के बावजूद आप के राष्ट्रीय संयोजक न केवल अपनी ‘भ्रष्ट मंडली को तुष्ट’ करने में लगे हैं, बल्कि ऐसे लोगों की संख्या बढ़ा रहे हैं। महिलाओं के कथित शोषण के सवालों पर केजरीवाल से जवाब मांगते हुए सहरावत ने कहा कि वह सच्चाई को उजागर कर के ही रहेंगे। सहरावत ने सोमवार को ट्वीट कर कहा, ‘सिंगर शमा भट्ट ने आप उम्मीदवार देव मान पर छेड़खानी का आरोप लगाया है। पार्टी को गंभीरता से सोचने की जरूरत है और महिलाओं के शोषण की रिपोर्ट पर संवेदनशीलता दिखाने की जरूरत है। सहरावत ने कहा कि पार्टी मुद्दे से भटक रही है और पार्टी के लोग कोशिश कर रहे हैं कि दिल्ली के मूल नेताओं को दूर रखा जाए।

इससे पहले रविवार को भी सहरावत ने ट्वीट कर मुख्यमंत्री पर आरोप लगाया कि केजरीवाल को सोनी मिश्रा आत्महत्या मामले में आप नेताओं की भूमिका के बारे में छह महीने से जानकारी थी और दिलीप पांडे का नाम दबा दिया गया। उन्होंने कहा, ‘उसकी मौत से उन लोगों की आंखें खुलनी चाहिए थी जो निर्भया कांड में विरोध का नेतृत्व कर रहे थे और उसके माध्यम से सत्ता तक आए। क्या उनकी तब की चिंता वास्तविक थी।’ सहरावत ने कहा कि वह महिलाओं के शोषण के मामलों को उजागर करने में लगे हैं और इस संबंध में दिल्ली पुलिस आयुक्त से चर्चा करेंगे। एक और ट्वीट के जरिए सहरावत ने केजरीवाल को चुनौती देते हुए कहा, मैं आपकी पार्टी का विधायक हूं, मेरे पिता की गोद में छिपना छोड़कर मुझे जवाब दें।

सहरावत ने मुख्यमंत्री केजरीवाल को एक बार फिर पत्र लिखा और पार्टी के कामकाज पर सवाल उठाए। पत्र में सहरावत ने सलाहकारों की नियुक्ति पर भी सवाल उठाए और कहा कि 4 सितंबर के पत्र में उन्होंने मुख्यमंत्री को इस बारे में बताया था, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके साथ ही आप विधायक ने यह भी लिखा है कि उनके पिछले पत्र में महिला शोषण के मुद्दे को उठाया गया था, लेकिन अभी तक जवाब नहीं मिला। सहरावत ने आशीष खेतान की अध्यक्षता वाले दिल्ली संवाद आयोग पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि दिल्ली संवाद आयोग बनाने की जरूरत नहीं थी क्योंकि यह सफेद हाथी की तरह है। उन्होंने मांग की कि इस आयोग को बंद कर देना चाहिए क्योंकि यह आयोग अब दिल्ली दलाल कमिशन बन गया है।

 

 

 

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App