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BJP ने संसद में उठाया AAP कार्यकर्ता की खुदकुशी का मामला

महिला कार्यकर्ता ने इस बाबत दिल्ली के मुख्यमंत्री से मिलकर शिकायत की तो उस पर समझौता करने के लिए दबाव डाला गया।

Author नई दिल्ली | July 21, 2016 4:38 PM
भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी। (फाइल)

लोकसभा में गुरूवार को दिल्ली में आम आदमी पार्टी की एक कार्यकर्ता की कथित खुदकुशी का मामला उठा और भाजपा के सदस्यों ने आप के शीर्ष नेतृत्व को इस मामले में आड़े हाथ लिया। भाजपा की मीनाक्षी लेखी ने शून्यकाल में इस विषय को उठाते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी :आप: की एक महिला कार्यकर्ता की खुदकुशी का मामला सामने आया है और यह कदम उठाने से पहले अपने नोट में उसने आप के ही कुछ नेताओं, कार्यकर्ताओं पर शोषण का आरोप लगाया है।

लेखी ने आरोप लगाया कि जब महिला कार्यकर्ता ने इस बाबत दिल्ली के मुख्यमंत्री से मिलकर शिकायत की तो उस पर समझौता करने के लिए दबाव डाला गया। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी में इस तरह का कदाचार बढ़ता जा रहा है और चुनाव आयोग को संज्ञान लेकर पार्टी की मान्यता समाप्त करनी चाहिए। दिल्ली के सभी भाजपा सांसदों ने इस विषय से खुद को संबद्ध किया।

आम आदमी पार्टी को ही घेरते हुए शून्यकाल में कांग्रेस के दो सदस्यों ने पंजाब में पार्टी के युवाओं से संबंधित घोषणापत्र से जुड़े विवाद को उठाया और केंद्र से मामले में हस्तक्षेप की मांग की। कांग्रेस के संतोख सिंह चौधरी ने कहा कि पंजाब में आप पार्टी के एक घोषणापत्र में दरबार साहिब के साथ पार्टी के चुनाव चिह्न झाड़ू की तस्वीर प्रकाशित कर सिख समुदाय को अपमानित करने का और कथित तौर पर दिल्ली के एक पार्टी विधायक के कहने पर पंजाब में कुरान शरीफ की बेअदबी का भी मामला सामने आया है।

उन्होंने केंद्र सरकार से हस्तक्षेप करने, घटनाक्रम की जांच सीबीआई से कराने और दोषियों को सख्त सजा दिलाने की मांग की। कांग्रेस के रवनीत सिंह ने भी आप के घोषणापत्र से जुड़े विवाद पर कहा कि धर्म और जात-पात की बात नहीं करके राजनीति की शुरूआत करने वाले लोग अब पंजाब में चुनाव जीतने की हड़बड़ाहट में रोज नये विवाद खड़े कर रहे हैं।
उन्होंने मांग की कि सिखों की भावनाओं को आहत करने वाले इस कृत्य के लिए आम आदमी पार्टी के लोकसभा सदस्यों को इस सदन में माफी मांगनी चाहिए।

उन्होंने यह मांग भी उठाई कि दिल्ली के मुख्यमंत्री समेत इस पार्टी के नेताओं के पंजाब में प्रवेश पर रोक लगाई जानी चाहिए जो बिल्कुल गंभीरता नहीं दिखा रहे और पंजाब जैसे संवेदनशील राज्य में रोज विवाद खड़ा करने का प्रयास कर रहे हैं।

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