संकट में AAP के 20 विधायक: अरविंद केजरीवाल की पार्टी ने चुनाव आयोग को बताया 'मोदी कमीशन' - AAP 20 MLA's in probe CM Arvind Kejriwal party said election commision is now Modi Commission - Jansatta
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संकट में AAP के 20 विधायक: अरविंद केजरीवाल की पार्टी ने चुनाव आयोग को बताया ‘मोदी कमीशन’

आलोक अग्रवाल ने कहा कि सुनवाई के दौरान आप के विधायकों को सबूत तक नहीं रखने दिए गए और आयोग ने एकतरफा फैसला लिया है। यह इसलिए किया गया क्योंकि भाजपा नहीं चाहती कि एक ईमानदार सरकार को दिल्ली की जनता के लिए काम करने दिया जाए।

Author नई दिल्ली | January 20, 2018 3:47 PM
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल। (फोटो सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस के लिए प्रवीण खन्ना)

भारत निर्वाचन आयोग द्वारा दिल्ली के आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों की सदस्यता खत्म किए जाने संबंधी सिफारिश पर पार्टी की मध्य प्रदेश इकाई ने आयोग पर बड़ा हमला बोला है। पार्टी ने इलेक्शन कमीशन को ‘मोदी कमीशन’ करार दिया है। उनका आरोप है कि मध्य प्रदेश में 118 विधायक लाभ के पद पर हैं, मगर उन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। आप के प्रदेश इकाई संयोजक आलोक अग्रवाल ने शुक्रवार को एक बयान जारी कर कहा कि इलेक्शन कमीशन अब मोदी कमीशन की तरह काम कर रहा है। चुनाव आयोग की आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों की विधानसभा सदस्यता खत्म करने की सिफारिश साबित करती है कि यह संवैधानिक संस्था हर फैसला मोदी सरकार के दबाव में कर रही है।

उन्होंने कहा कि जब विधायकों ने एक रुपये का लाभ नहीं लिया, न ही उन्हें कोई ऑफिस, गाड़ी, बंगला या कर्मचारी मुहैया कराया गया तो किस आधार पर यह लाभ के पद का मामला बनता है। आलोक अग्रवाल ने कहा कि सुनवाई के दौरान आप के विधायकों को सबूत तक नहीं रखने दिए गए और आयोग ने एकतरफा फैसला लिया है। यह इसलिए किया गया क्योंकि भाजपा नहीं चाहती कि एक ईमानदार सरकार को दिल्ली की जनता के लिए काम करने दिया जाए।  अग्रवाल ने कहा अगर आप का दिल्ली मॉडल सफल हो जाएगा, तो मोदी के गुजरात मॉडल को कौन पूछेगा।

उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त अचल कुमार जोति 23 जनवरी को सेवानिवृत्त होने वाले हैं। उससे ठीक पहले उन्होंने आनन- फानन में यह फैसला दिया है। जल्दबाजी में लिया गया यह फैसला संदेह पैदा करता है। उन्होंने मध्य प्रदेश का मामला उठाते हुए कहा कि प्रदेश के दो मंत्रियों के खिलाफ लाभ के पद की शिकायत को राज्यपाल ने निरस्त कर दिया है, लेकिन राज्यपाल के आदेश के साथ चुनाव आयोग की अनुशंसा की प्रति नहीं दी गई है। इस मामले में भाजपा सरकार तथ्यों को छुपाने की कोशिश कर रही है। इतना ही नहीं, आम आदमी पार्टी ने जून, 2016 में 118 विधायकों के लाभ के पद की शिकायत की थी। अब इस मामले को लेकर आप उच्च न्यायालय जाएगी।

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