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मृत्यु प्रमाणपत्रों के लिए जरूरी होगा आधार

सरकार की एक अधिसूचना में शुक्रवार को कहा गया कि आगामी एक अक्तूबर से मृत्यु प्रमाण-पत्र तब जारी किया जाएगा जब मृतक के परिवारीजन अधिकारियों को आधार नंबर मुहैया कराएंंगे।

Author August 5, 2017 12:26 AM
इस तस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप में किया गया है (फोटो सोर्स: इंडियन एक्सप्रेस)

सरकार की एक अधिसूचना में शुक्रवार को कहा गया कि आगामी एक अक्तूबर से मृत्यु प्रमाण-पत्र तब जारी किया जाएगा जब मृतक के परिवारीजन अधिकारियों को आधार नंबर मुहैया कराएंंगे। केंद्रीय गृह मंत्रालय के तहत काम करने वाले महापंजीयक कार्यालय की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि आवेदक को मृतक का आधार नंबर या एनरोलमेंट आइडी नंबर और मृत्यु प्रमाण-पत्र के लिए आवेदन में मांगी गई अन्य जानकारी मुहैया करानी होगी जिससे कि मृतक की पहचान स्थापित हो सके।
अधिसूचना में कहा गया है कि अगर आवेदक को मृतक के आधार नंबर या एनरोलमेंट आइडी नंबर के बारे में पता नहीं है तो उसे इसका एक प्रमाण-पत्र देना होगा कि उसकी जानकारी के अनुसार, मृत व्यक्ति के पास कोई आधार नंबर नहीं है।

महापंजीयक कार्यालय ने कहा कि आधार के इस्तेमाल से मृतक के रिश्तेदारों/आश्रितों/परिचितों की ओर से दिए गए ब्योरे की सत्यता सुनिश्चित हो सकेगी। इससे पहचान संबंधी धोखाधड़ी पर भी लगाम लगाई जा सकेगी। यह नियम जम्मू-कश्मीर, असम और मेघालय को छोड़कर बाकी सभी राज्यों के बाकी पेज 8 पर उङ्मल्ल३्र४ी ३ङ्म स्रँी 8
लोगों पर लागू होगा। जम्मू-कश्मीर, असम और मेघालय के लिए अलग से एक तारीख अधिसूचित की जाएगी।

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अधिसूचना के मुताबिक, इससे पहचान संबंधी धोखाधड़ी रोकने का प्रभावी तरीका ईजाद होगा। इससे मृत व्यक्ति की पहचान दर्ज करने में भी मदद मिलेगी । इसके अलावा, मृत व्यक्ति की पहचान साबित करने के लिए ढेर सारे दस्तावेज प्रस्तुत करने की जरूरत भी नहीं रह जाएगी। महापंजीयक ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से कहा है कि संबंधित पंजीकरण अधिकारियों से इसका पालन सुनिश्चित करने को कहा जाए और एक सितंबर से पहले इसकी पुष्टि भेजी जाए।
अधिसूचना में कहा गया कि अगर आवेदक की ओर से कोई गलत जानकारी दी जाएगी तो इसे आधार अधिनियम और जन्म व मृत्यु अधिनियम के प्रावधानों के तहत अपराध माना जाएगा। मृतक के पति या पत्नी या माता-पिता के आधार नंबर के साथ-साथ आवेदक का आधार नंबर भी मांगा जाएगा।

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