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मासूम लड़कियों को नौकरियां दिलाने के नाम पर देह व्यापार में ढकेलने वाली महिला हुई गिरफ्तार

मानव तस्करी में कथित रूप से शामिल 27 साल की एक महिला को पूर्वोत्तर के ग्रामीण इलाकों की मासूम लड़कियों को यहां नौकरियां दिलाने के नाम पर फुसलाने के लिए गिरफ्तार किया गया।

Author नई दिल्ली | March 3, 2017 6:13 AM
मानव तस्करी में कथित रूप से शामिल 27 साल की एक महिला को पूर्वोत्तर के ग्रामीण इलाकों की मासूम लड़कियों को यहां नौकरियां दिलाने के नाम पर फुसलाने के लिए गिरफ्तार किया गया। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

मानव तस्करी में कथित रूप से शामिल 27 साल की एक महिला को पूर्वोत्तर के ग्रामीण इलाकों की मासूम लड़कियों को यहां नौकरियां दिलाने के नाम पर फुसलाने के लिए गिरफ्तार किया गया।संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) रवींद्र यादव ने आज बताया कि पुलिस की एक टीम ने असम, मेघालय, मिजोरम और हिमाचल प्रदेश में लंबे  समय तक पीछा करने के बाद केबल्लिना एम संगमा उर्फ केवी मंदा को गत 21 फरवरी को हिमाचल प्रदेश के मनाली में गिरफ्तार किया गया। उसकी गिरफ्तारी कराने पर 50,000 रच्च्पये का इनाम था।
महिला पर देहव्यापार के लिए लड़कियों की तस्करी करने वाले एक गिरोह का सदस्य होने का संदेह है।

यादव ने कहा कि गिरोह उन लड़कियों को अपना निशाना बनाता था जो अपने माता पिता से अलग रहती थीं और अपने गुजर बसर के लिए उन्हें पैसे की जरूरत होती थी।
मंदा पिछले साल एक लड़की को नौकरी दिलाने के नाम पर गुवाहाटी से दिल्ली लेकर आयी थी और फिर उसे निखिल नाम के एक व्यक्ति के हवाले कर दिया जिसने उसे देहव्यापार में धकेलने की कोशिश की। पीड़िता के ऐसा ना करने पर उसे मारा पीटा गया और धमकियां दी गयीं। पुलिस के अनुसार निखिल कथित रूप से यहां देहव्यापार गिरोह चलता है और उसकी गिरफ्तारी कराने पर 50,000 रच्च्पये का इनाम घोषित किया गया है। लड़की उसकी चंगुल से भागने में सफल रही और उसने एक एनजीओ की मदद से पुलिस से संपर्क किया।

पिछले साल ही सितंबर माह में नई दिल्ली अपराध शाखा ने देह व्यापार के जरिए रोजाना दस लाख रुपए कमाने वाले एक बड़े अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश किया था। 40 कमरे में ढाई सौ लड़कियों को बंधक बनाकर इस गोरखधंधे को अंजाम देने वाले पति-पत्नी सहित आठ लोगों को गिरफ्तार कर पुलिस ने इनके खिलाफ मकोका एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। स्वामी श्रद्धानंद मार्ग (जीबी रोड) पर सालों से चल रहे जिस्मफरोशी के इस धंधे के लिए नेपाल, पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश आदि अन्य राज्यों से नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर लाया जाता था। गिरोह के सरगना अफाक हुसैन और उसकी पत्नी सायरा बेगम की संपत्ति करोड़ों में हैं। इनके पास से फॉर्च्यूनर, टोयोटा, इनोवा और होंडा कार के साथ नौ लाख रुपए नगद बरामद किए गए हैं और कई बैंकों में करोड़ों रुपए जमा पाए गए हैं। दिल्ली और देश के अन्य शहरों में एक दर्जन घरों और कोठियों के मालिक आरोपी पति-पत्नी धंधे को चलाने के लिए बाउंसरों, नायिकाओं, एजंटों और बच्चों की तस्करी करने वालों का इस्तेमाल करते थे।

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