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दिल्ली विधानसभा में निकला सांप, एनजीओ की मदद से पकड़ा गया

वाइल्ड लाइफ एसओएस स्पेशल प्रोजक्ट टीम के मैनेजर वसीम अकरम ने बताया कि यह एक छोटा सांप था और इसमें व्यस्क सांप के गुण जैसे कि त्वचा पर पीले-भूरे दाग उभरने बाकी थे। उन्होंने कहा कि इसे पकड़ने में हमें काफी सावधानी बरतनी पड़ी ताकि इसे कोई नुकसान नहीं हो।

तस्वीर का इस्तेमाल प्रतीकात्मक तौर पर किया गया है।

दिल्ली विधानसभा परिसर में बुधवार (17 जनवरी) को सांप मिलने से लोग हैरान रह गये। दिल्ली विधानसभा की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि विधानसभा के हाउसकीपिंग स्टाफ ने हाल में एक कक्ष में सांप का बच्चा देखा और तत्काल गैर-सरकारी संगठन वाइल्डलाइफ एसओएस को इस बाबत सूचित किया। वाइल्डलाइफ एसओएस की टीम ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई की और दिल्ली विधानसभा परिसर से काले सिर वाले सांप के बच्चे को बचाया। सांप के बच्चे को पकड़ने के लिए दो बचावकर्ता मौके पर गए और उसे बचाया। बाद में सांप को उसके नैचुरल हैबिटैट में छोड़ दिया गया। बता दें कि दिल्ली विधानसभा सिविल लाइंस के पास है। यह इलाका रिज एरिया में आता है। इस इलाके में कई प्रजाति के सांप पाये जाते हैं। वाइल्ड लाइफ के अधिकारियों ने इस सांप की पहचान काले सिर वाले रॉयल स्नेक के रूप में की है। इस सांप को डायडेम स्नेक भी कहते हैं।

वाइल्ड लाइफ एसओएस स्पेशल प्रोजक्ट टीम के मैनेजर वसीम अकरम ने बताया कि यह एक छोटा सांप था और इसमें व्यस्क सांप के गुण जैसे कि त्वचा पर पीले-भूरे दाग उभरने बाकी थे। उन्होंने कहा कि इसे पकड़ने में हमें काफी सावधानी बरतनी पड़ी ताकि इसे कोई नुकसान नहीं हो बाद में इसे इसके स्वभाविक निवास पर छोड़ दिया गया। अकरम ने कहा कि ऐसे प्रजाति के सांप जहरीले नहीं होते हैं, और इसे देखने के बाद लोगों को दहशत में नहीं आ जाना चाहिए, क्योंकि ऐसा कर वह सांप को मार बैठते हैं। उन्होंने कहा कि वाइल्ड लाइफ प्रोटेक्शन एक्ट 1972 के मुताबिक यह एक संरक्षित सांप है। उन्होंने बताया कि यह सांप अपने बचाव के लिए बड़ी तेजी से फूफकार मारता है, लेकिन काटता बहुत कम ही है।

दिल्ली विधानसभा के अधिकारी अब इस बात का पता करने में जुटे हैं कि सांप का यह बच्चा यहां पहुंचा कैसे। अधिकारियों को अंदेशा है कि अगर सांप का बच्चा है तो इसी के आस-पास अन्य सांप भी हो सकते हैं। सुरक्षा अधिकारी विधानसभा परिसर के आसपास के क्षेत्र में नजर रखे हुए हैं।

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