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दिल्ली: तीन सितंबर तक डेंगू के 770 मामले

इलाज व रोकथाम के लचर इंतजामों और सरकारी आंकड़ों की बाजीगरी के बीच डेंगू व चिकनगुनिया का कहर जारी है।

Author नई दिल्ली | September 13, 2016 04:26 am
डेंगू।

दिल्ली नगर निगम और दिल्ली सरकार के मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के तमाम दावों को मुंह चिढ़ाते हुए इस साल डेंगू और चिकनगुनिया नया रिकार्ड बनाने को आतुर है। डेंगू के 1158 और चिकनगुनिया के 1057 मामले आए हैं। बावजूद इसके नगर निगम और दिल्ली सरकार के बीच के तालमेल को देख ऐसा नहीं लगता कि इन आंकड़ों ने उनकी सेहत पर कोई असर डाला हो। संख्या बढ़े भी क्यों नहीं जब राष्ट्रपति भवन आवासीय परिसर सहित दिल्ली के कमोवेश सभी सरकारी दफ्तरों, स्कूल, कॉलेज, मेट्रो साइट और थाने इसकी चपेट में हैं तो अनाधिकृत कॉलोनियों की सुध लेना दूर कौड़ी है।

ताज्जुब की बात तो तब है जब निगम के महत्त्वपूर्ण अस्पताल हिंदू राव अस्पताल परिसर भी डेंगू की चपेट में है। इसके अलावा सोमवार को निगम ने 23 महत्त्वपूर्ण दफ्तरों, स्कूलों के चालान काटे गए हैं। इनमें एमटीएनएल दफ्तर से लेकर राजेंद्र प्रसाद गेस्ट हाउस, जल बोर्ड, उत्तर रेलवे और डीएवी स्कूल शामिल हैं। निगम के सूचना प्रचार निदेशक योगेंद्र सिंह मान का कहना है कि मौसम अनुकूल नहीं होने से रोगियों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन एक लाख 20 हजार घरों में छिड़काव के साथ अन्य उपायों, स्कूली बच्चों के साथ रैलियां, आरडब्लूए के साथ बैठकें, मुनादी और स्टीकर लगाकर जागरूता अभियान चलाए गए हैं। निगम की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक इस महीने दर्ज 387 मामलों के साथ डेंगू के पहले के आंकड़ों में 50 प्रतिशत का इजाफा हुआ। इस मौसम में तीन सितंबर तक 770 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए थे। अगस्त में ही 652 मामले सामने आए। इस साल डेंगू की वजह से कम से कम नौ लोगों की मौतें हुई हालांकि सभी निकायों की ओर से मच्छर जनित बीमारी पर रिपोर्ट तैयार कर रहे दक्षिण दिल्ली नगर निगम चार लोगों के मौत की पुष्टि कर रह रहा है। एसडीएमसी के चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी पीके हजारिका ने बताया कि सितंबर-अक्तूबर में डेंगू के सबसे ज्यादा मामले सामने आते हैं। अभी इसमें और बढ़ोतरी होने की आशंका है। तुलनात्मक रूप से देखा जाए तो इसी समय तक साल 2011 में 1131, साल 2012 में 2093, साल 2013 में 5574, साल 2014 में 995 और बीते साल 15867 मामले थे। पिछले साल 60 लोगों की मौत डेंगू से हुई थी।

मौजूदा मौसम में चिकनगुनिया के मामलों में इजाफा हो रहा है। इस सीजन में चिकनगुनिया के मामले 1057 पहुंच गए हैं। एक सप्ताह में चिकनगुनिया के मामले में करीब 90 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है। निगम की रिपोर्ट के मुताबिक 10 सितंबर तक 1057 मामले दर्ज किए गए हैं। सितंबर और अक्टूबर महीने में डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों के फैलने की सबसे अधिक संभावना होती है। सफदरजंग अस्पताल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अस्पताल के बुखार क्लिनिकों में एक हजार से अधिक मरीज आए, जिसमें 328 डेंगू और 532 चिकनगुनिया के मामले हैं। सभी नगर दक्षिण दिल्ली नगर निगम की ओर से 3 सितंबर तक चिकनगुनिया के कुल 560 मामले बताए जा रहे हैं। शहर के अस्पताल डेंगू और चिकनगुनिया के मरीजों से भरे पड़े हैं। इनके अलावा, मलेरिया से इस सीजन में दो लोगों की मौत हुई और दिल्ली में कम से कम 21 लोगों को मलेरिया के बुखार दर्ज किए गए हैं। एम्स में माइक्रोबायोलाजी विभाग के ललित डार का कहना है कि उनकी प्रयोगशालाओं में पिछले दो महीनों में रक्त के 885 नमूनों में चिकनगुनिया के विषाणु मिले हैं। ये मामले बढ़ रहे हैं और अधिक संख्या में लोग प्रभावित हो रहे हैं।

इलाज व रोकथाम के लचर इंतजामों और सरकारी आंकड़ों की बाजीगरी के बीच डेंगू व चिकनगुनिया का कहर जारी है। अकेले एम्स में ही इस महीने डेंगू से पांच और चिकनगुनिया से एक मौत हुई है। वहीं सोमवार को एक निजी अस्पताल में चिकनगुनिया ने एक और मरीज की मौत हो गई। इसे मिला कर इस मौसम में चिकनगुनिया से दो मौतें दर्ज हुई हैं। जलजनित बीमारियों से पीड़ित कम से कम सौ मरीज अभी भी एम्स में भर्ती हैं। लगभग सभी अस्पतालों में मरीजों का आना जारी है। रोकथाम के नाम पर कहीं भी दवाओं का छिड़काव तक होता नजर नहीं आ रहा है। न ही सरकारी महकमा इंतजामों का जायजा लेता नजर आ रहा है। मरीज राम भरोसे ही जैसे-तैसे इलाज करा रहे हैं। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स)से मिली जानकारी के मुताबिक एक सितंबर से अब तक संस्थान में डेंगू के संक्रमण ने पांच लोगों की जान ले ली। जबकि यहां भर्ती एक व्यक्ति की चिकनगुनिया के कारण मौत हो गई।मरीजों की संख्या लगातार बढ़ने के बावजूद नागरिक निकाय अभी भी मामलों की पूरी जानकारी देने में नाकाम है। निगम ने अभी भी डेंगू का कुल आंकड़ा केवल 771 बताया है।
एम्स में इस महीने डेंगू से 5 और चिकनगुनिया से 2 मौतें

दिल्ली नगर निगम और दिल्ली सरकार के मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के तमाम दावों को मुंह चिढ़ाते हुए इस साल डेंगू और चिकनगुनिया नया रिकार्ड बनाने को आतुर है। डेंगू के 1158 और चिकनगुनिया के 1057 मामले आए हैं। बावजूद इसके नगर निगम और दिल्ली सरकार के बीच के तालमेल को देख ऐसा नहीं लगता कि इन आंकड़ों ने उनकी सेहत पर कोई असर डाला हो। संख्या बढ़े भी क्यों नहीं जब राष्ट्रपति भवन आवासीय परिसर सहित दिल्ली के कमोवेश सभी सरकारी दफ्तरों, स्कूल, कॉलेज, मेट्रो साइट और थाने इसकी चपेट में हैं तो अनाधिकृत कॉलोनियों की सुध लेना दूर कौड़ी है।

ताज्जुब की बात तो तब है जब निगम के महत्त्वपूर्ण अस्पताल हिंदू राव अस्पताल परिसर भी डेंगू की चपेट में है। इसके अलावा सोमवार को निगम ने 23 महत्त्वपूर्ण दफ्तरों, स्कूलों के चालान काटे गए हैं। इनमें एमटीएनएल दफ्तर से लेकर राजेंद्र प्रसाद गेस्ट हाउस, जल बोर्ड, उत्तर रेलवे और डीएवी स्कूल शामिल हैं। निगम के सूचना प्रचार निदेशक योगेंद्र सिंह मान का कहना है कि मौसम अनुकूल नहीं होने से रोगियों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन एक लाख 20 हजार घरों में छिड़काव के साथ अन्य उपायों, स्कूली बच्चों के साथ रैलियां, आरडब्लूए के साथ बैठकें, मुनादी और स्टीकर लगाकर जागरूता अभियान चलाए गए हैं। निगम की ओर से जारी रिपोर्ट के मुताबिक इस महीने दर्ज 387 मामलों के साथ डेंगू के पहले के आंकड़ों में 50 प्रतिशत का इजाफा हुआ। इस मौसम में तीन सितंबर तक 770 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए थे। अगस्त में ही 652 मामले सामने आए। इस साल डेंगू की वजह से कम से कम नौ लोगों की मौतें हुई हालांकि सभी निकायों की ओर से मच्छर जनित बीमारी पर रिपोर्ट तैयार कर रहे दक्षिण दिल्ली नगर निगम चार लोगों के मौत की पुष्टि कर रह रहा है। एसडीएमसी के चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी पीके हजारिका ने बताया कि सितंबर-अक्तूबर में डेंगू के सबसे ज्यादा मामले सामने आते हैं। अभी इसमें और बढ़ोतरी होने की आशंका है। तुलनात्मक रूप से देखा जाए तो इसी समय तक साल 2011 में 1131, साल 2012 में 2093, साल 2013 में 5574, साल 2014 में 995 और बीते साल 15867 मामले थे। पिछले साल 60 लोगों की मौत डेंगू से हुई थी।

मौजूदा मौसम में चिकनगुनिया के मामलों में इजाफा हो रहा है। इस सीजन में चिकनगुनिया के मामले 1057 पहुंच गए हैं। एक सप्ताह में चिकनगुनिया के मामले में करीब 90 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है। निगम की रिपोर्ट के मुताबिक 10 सितंबर तक 1057 मामले दर्ज किए गए हैं। सितंबर और अक्टूबर महीने में डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों के फैलने की सबसे अधिक संभावना होती है। सफदरजंग अस्पताल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अस्पताल के बुखार क्लिनिकों में एक हजार से अधिक मरीज आए, जिसमें 328 डेंगू और 532 चिकनगुनिया के मामले हैं। सभी नगर दक्षिण दिल्ली नगर निगम की ओर से 3 सितंबर तक चिकनगुनिया के कुल 560 मामले बताए जा रहे हैं। शहर के अस्पताल डेंगू और चिकनगुनिया के मरीजों से भरे पड़े हैं। इनके अलावा, मलेरिया से इस सीजन में दो लोगों की मौत हुई और दिल्ली में कम से कम 21 लोगों को मलेरिया के बुखार दर्ज किए गए हैं। एम्स में माइक्रोबायोलाजी विभाग के ललित डार का कहना है कि उनकी प्रयोगशालाओं में पिछले दो महीनों में रक्त के 885 नमूनों में चिकनगुनिया के विषाणु मिले हैं। ये मामले बढ़ रहे हैं और अधिक संख्या में लोग प्रभावित हो रहे हैं।

 

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