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दिल्ली: पटाखे के कारण जलने के 500 मामले सामने आए

राष्ट्रीय राजधानी में इस दीपावली पर आग से जलने के करीब 500 मामले सामने आए, जिनमें से अधिकतर पटाखों के कारण हुए। दिल्ली सरकार ने जलने..

Author नई दिल्ली | Published on: November 13, 2015 12:36 AM

राष्ट्रीय राजधानी में इस दीपावली पर आग से जलने के करीब 500 मामले सामने आए, जिनमें से अधिकतर पटाखों के कारण हुए। दिल्ली सरकार ने जलने की घटनाओं और पटाखों से होने वाले हादसों से जुड़े मामलों से निपटने के लिए पांच सरकारी अस्पतालों को प्राधिकृत किया था, जिनमें सफदरजंग, राम मनोहर लोहिया (आरएमएल), गुरु तेग बहादुर (जीटीबी), दीन दयाल उपाध्याय (डीडीयू) और लोक नायक (एलएन) अस्पताल शामिल हैं। सफदरजंग अस्पताल में आग से जलने के करीब 192 मामले आए, जिनमें से अधिकतर पटाखों के कारण हुए। इनमें से 25 मामले 10-11 नवंबर को जबकि 167 मामले 11-12 नवंबर को सामने आए।

सफदरजंग अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ ए के राय ने कहा, ‘इन 167 मामलों में से 132 मामले पटाखों से जलने के, 10 दिये से जलने के और 25 दूसरे तरह से जलने के हैं। इनमें से 157 मरीजों को इलाज के बाद भेज दिया गया वहीं 10 मरीजों को भर्ती किया गया।’ सफदरजंग अस्पताल के बर्न्स एंड प्लास्टिक सर्जरी डिपार्टमेंट के प्रमुख डॉ करुण अग्रवाल ने बताया कि इन 167 मरीजों में से करीब 50 फीसद बच्चे हैं। अस्पताल में पिछले साल दीपावली पर पटाखों से जलने के 234 मामले आए थे।

आरएमएल अस्पताल के बर्न्स एंड प्लास्टिक सर्जरी डिपार्टमेंट के प्रमुख डॉ वी के तिवारी ने कहा कि अस्पताल में ऐसे 85 मरीज पहुंचे, जिनमें से चार को भर्ती किया गया, जो करीब 30 फीसद जल गए थे। इसी तरह जीटीबी अस्पताल में कुल 153 मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद वापस घर भेज दिया गया जबकि एक मरीज को भर्ती किया गया। लोकनायक अस्पताल में ऐसे 40-45 मरीज पहुंचे जिनमें से दो को भर्ती किया गया जबकि दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में ऐसे करीब 150 मरीज आए।

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