New Delhi: 2 Women cried for Help and Rob a Man who came to their Aid near Moolchand Metro Station - दिल्‍ली: पहले जोर-जोर से लगती थीं रोने, मददगार के रुकते ही उसे लूट फरार हो जाती थीं मह‍िलाएं - Jansatta
ताज़ा खबर
 

दिल्‍ली: पहले जोर-जोर से लगती थीं रोने, मददगार के रुकते ही उसे लूट फरार हो जाती थीं मह‍िलाएं

शिकायतकर्ता का कहना है कि वह रात में घर लौट रहा था। अचानक रास्ते में दो महिलाओं ने उसे रोका था। वे जोर-जोर से रो रही थीं। मदद करने के मकसद से पीड़ित ने मोटरबाइक धीमे की। लेकिन रोकते वक्त वह संतुलन खो बैठा और गिर पड़ा।

तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फोटोः Pixabay)

रात में बीच सड़क पर महिलाएं अगर मदद मांगे और रुकने को हाथ दें तो जरा सावधान रहिएगा। राजधानी दिल्ली के दक्षिणी हिस्से में शनिवार (चार अगस्त) की रात दो महिलाओं ने रास्ते में जोर-जोर से रोने का नाटक किया। उन्हें देख वहां से गुजरने वालों में से एक शख्स ने मदद की कोशिश की, तो मददगार को ही लूट लिया गया। यह घटना मूलचंद मेट्रो स्टेशन के नजदीक की है। आरोप है कि लुटेरी महिलाएं इस तरह की घटनाओं को पहले भी अंजाम दे चुकी थीं। शिकायत पर पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए उन दोनों को गिरफ्तार कर लिया।

आरोपी महिलाओं की पहचान 24 वर्षीय स्वीटी उर्फ पूजा और 25 वर्षीय मुस्कान के रूप में हुई है। अमर कॉलोनी पुलिस थाने की इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल (ईआरवी) ने मौके पर उनका पीछा किया था। पुलिस के मुताबिक, घटना के दौरान पास में ही एक महिला कॉन्सटेबल समेत ईआरवी स्टाफ मौजूद था, जिसने पीड़ित को चिल्लाते और उन लुटेरी महिलाओं के पीछे भागते हुए देखा था। गड़बड़ होने का शक होने पर पुलिस ने इसके बाद उन महिलाओं का पीछा किया और उन्हें धर दबोचा।

शिकायतकर्ता का कहना है कि वह रात में घर लौट रहे थे। अचानक रास्ते में दो महिलाओं ने उन्हें रोका था, जो जोर-जोर से रो रही थीं। मदद करने के मकसद से पीड़ित ने मोटरबाइक धीमे की। लेकिन रोकते वक्त वह संतुलन खो बैठे और गिर पड़े। आरोपी महिलाओं में से एक ने इसी को लेकर उन्हें थप्पड़ जड़ दिया, जबकि दूसरी औरत पीड़ित का पर्स लेकर भागने लगी थी।

पुलिस पूछताछ में मुस्कान ने कबूला कि वह विधवा है, जबकि स्वीटी ने दावा किया है वह पति से अलग रहती है। अपना खर्च चलाने के लिए वे लोगों को इसी तरह लूटती थीं। वे खासकर उन लोगों को निशाना बनाती थीं, जो बाइक पर अकेले आ रहे होते थे। पिछले दो से तीन महीनों में उन्होंने दर्जन भर से अधिक ऐसी घटनाओं को अंजाम दिया।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App